पृथ्वी से बहुत अलग है, अंतरिक्ष यात्रियों का अंतरिक्ष स्टेशन में जीवन

लखनऊ

 06-06-2021 11:30 AM
आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station - ISS) पर अपने प्रवास के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को एक ऐसे वातावरण में रहना और काम करना पड़ता है, जो पृथ्वी से बहुत अलग है। वहां जाने के बाद भी उन्हें साफ-सुथरा रहने, बाथरूम जाने, खाने-पीने और फिट तथा स्वस्थ रहने की आवश्यकता होती है। चूंकि, अंतरिक्ष में भारहीनता है, इसलिए उन्हें उन सभी गतिविधियों को वहां के अनुसार अनुकूलित करना पड़ता है। ISS पृथ्वी से 400 किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा कर रहा है, तथा अंतरिक्ष यात्रियों को जो कुछ भी आवश्यक वस्तुएं चाहिए होती हैं, वे उन्हें पृथ्वी से ले जानी होती हैं। इसका मतलब यह है, कि अंतरिक्ष यात्रियों को पानी और भोजन जैसे संसाधनों को संरक्षित करना होगा तथा कचरे को कम से कम रखना होगा। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, पृथ्वी की निचली कक्षा में एक मॉड्यूलर स्पेस स्टेशन (रहने योग्य कृत्रिम उपग्रह) है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन कार्यक्रम पांच भाग लेने वाली अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच एक बहुराष्ट्रीय सहयोगी परियोजना है, जिसमें नासा (NASA), रोस्कोस्मोस (Roscosmos), जेएक्सए (JAXA), ईएसए (ESA), और सीएसए (CSA) शामिल हैं, जो क्रमशः संयुक्त राज्य अमेरिका (United States), रूस (Russia), जापान (Japan), यूरोप (Europe), कनाडा (Canada) की अंतरिक्ष एजेंसियां हैं। ह्यूस्टन (Houston), TX में स्थित NASA के जॉनसन स्पेस सेंटर (Johnson Space Center) में मिशन कंट्रोल, दुनिया भर में 6,700 से अधिक स्थानों के लिए साइटिंग अवसर निर्धारित करता है। यदि आपका विशिष्ट शहर या कस्बा सूचीबद्ध नहीं है, तो एक ऐसा शहर या कस्बा चुनें जो आपके काफी करीब हो। सूचीबद्ध स्थानों में से प्रत्येक के आसपास से अंतरिक्ष स्टेशन बहुत दूर होने के बाद भी दिखाई देता है। आइए, इन वीडियो के जरिए पृथ्वी से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के दृश्य को देंखे तथा अंतरिक्ष स्टेशन में एक अंतरिक्ष यात्री कैसे अपने दिन बिताता है, इसकी जानकारी प्राप्त करें।

संदर्भ:
https://bit.ly/3wZAbUJ
https://bit.ly/34O7NZN
https://bit.ly/34Rbj5y
https://go.nasa.gov/3uXkTye


RECENT POST

  • ऑनलाइन खरीदारी के बजाए लखनऊ के रौनकदार बाज़ारों में सजी हुई राखिये खरीदने का मज़ा ही कुछ और है
    संचार एवं संचार यन्त्र

     11-08-2022 10:20 AM


  • गांधीजी के पसंदीदा लेखक, संत व् कवि, नरसिंह मेहता की गुजराती साहित्य में महत्वपूर्ण भूमिका
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-08-2022 10:04 AM


  • मुहर्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुष्ठानों को 19 वीं शताब्दी की कंपनी पेंटिंग शैली में दर्शाया गया
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-08-2022 10:25 AM


  • राष्ट्रीय हथकरघा दिवस विशेष: साड़ियाँ ने की बैंकिग संवाददाता सखियों व् बुनकरों के बीच नई पहल
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     08-08-2022 08:55 AM


  • अंतरिक्ष से दिखाई देती है,भारत और पाकिस्तान के बीच मानव निर्मित सीमा
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     07-08-2022 12:06 PM


  • भारतीय संख्या प्रणाली का वैश्विक स्तर पर योगदान
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     06-08-2022 10:25 AM


  • कैसे स्वचालित ट्रैफिक लाइट लखनऊ को पैदल यात्रियों के अनुकूल व् आज की तेज़ गति की सडकों को सुरक्षित बनाती
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     05-08-2022 11:23 AM


  • ब्रिटिश सैनिक व् प्रशासक द्वारा लिखी पुस्तक, अवध में अंग्रेजी हुकूमत की करती खिलाफत
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     04-08-2022 06:26 PM


  • पाकिस्तान, चीन की सीमाओं तक फैली हुई, काराकोरम पर्वत श्रृंखला की विशेषताएं व् प्राचीन व्याख्या
    पर्वत, चोटी व पठार

     03-08-2022 06:11 PM


  • प्राचीन भारतीय शिक्षा की वैदिक प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     02-08-2022 09:03 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id