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आकाश गंगा का अनुभव कराते हैं, क्वींसलैंड के राष्ट्रीय उद्यानों की गुफाओं में मौजूद हजारों ग्लोवॉर्म

लखनऊ

 11-10-2020 03:15 AM
खदान
क्वींसलैंड (Queensland) में स्थित राष्ट्रीय उद्यानों की गुफाओं में हजारों की संख्या में प्रकृति के सबसे असामान्य जीव हैं, हालांकि वे सुंदर नहीं हैं। ये जीव ग्लो वॉर्म (Glow worm) कहलाते हैं। इन चमकीले कीड़ों में चमकीले मोती के धागों को उत्पन्न करने की क्षमता होती है। जिसका उपयोग वे शिकार को आकर्षित करने के लिए एक रचनात्मक तरीके से करते हैं। अधिकांश आगंतुक, जो गुफा में जाते हैं, ऐसा महसूस करते हैं कि वे आकाश गंगा (Milky Way) में खड़े हैं। जब वे करीब जाते हैं तो महसूस करते हैं कि सितारे झूमने और बढ़ने लगे हैं। किंतु वास्तव में, ये कोई सितारे नहीं बल्कि हजारों चमकीले कीड़े अर्थात ग्लो वॉर्म हैं, जो कि हमेशा अपनी दैनिक दिनचर्या में ऐसा करते हैं ताकि वे अपने प्रकाश का उपयोग करके अपने भोजन के लिए अन्य कीटों को आकर्षित कर सकें। एक लाभांश के रूप में, वे एक करामाती और जैविक प्रदर्शन भी उत्पन्न करने या बनाने में सक्षम हैं। रमणीय और विचित्र, यह निश्चित रूप से एक दृष्टि है, जिस पर विश्वास करने के लिए आपको इसे देखना चाहिए। इन गुफाओं की खोज पहली बार 1887 में स्थानीय माओरी (Maori) प्रमुख तने तिनोरौ (Tane Tinorau) और अंग्रेजी सर्वेक्षक फ्रेड मेस (Fred Mace) ने की थी। रस्सियों, सीढ़ी और मोमबत्तियों के साथ सशस्त्र होकर, उन्होंने पटसन के तनों का एक बेड़ा बनाया और गुफा में तैरने लगे, जहां धारा भूमिगत होती जाती है। 1989 में, लगभग 100 साल बाद, भूमि और गुफा मूल मालिकों के वंशजों को वापस कर दी गई। आज गुफाओं में कार्यरत कई कर्मचारी तिनोरौ और उनकी पत्नी हूती के प्रत्यक्ष वंशज हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है, ग्लो वॉर्म चमकते हैं। लेकिन इन बायोल्यूमिनएसेंट (Bioluminescent) कीड़ों के एक समूह को करीब से देखने से पता चलता है कि वे रेशमी धागों को लटकाते हैं, जिन्हें खाद्य रेखाएं कहा जाता है, ताकि वे बिना रुके मक्खियों और मच्छरों को उनमें फँसा सकें, जो उनके द्वारा पैदा की जाने वाली रोशनी से आकर्षित होते हैं।
संदर्भ:
https://www.youtube.com/watch?v=JC41M7RPSec
https://www.dnaindia.com/sports/report-chasing-glowworms-in-a-cave-2068085


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A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
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D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

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