भारत के कंटीले जंगल

लखनऊ

 04-07-2020 03:14 PM
जंगल

‘थोड़ी देर ऑक्सीजन देने वाले डॉक्टर को हम पैसे देकर भगवान मानते हैं जबकि जीवन भर मुफ्त में ऑक्सीजन देने वाले पेड़ की हम कदर नहीं करते।’

उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन
आर्जीमोन मेक्सिकाना, जिसके स्थानीय नाम कटेला और बार बंडा है, एक प्रकार की कांटेदार जड़ी है, जो लखनऊ के उष्णकटिबंधीय कांटेदार वनों में पाई जाती है।

उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल 2 ,40,928 स्क्वायर किलोमीटर है जो भारत के भौगोलिक क्षेत्र का 7.33 प्रतिशत है। प्राकृतिक भौगोलिक आधार पर उत्तर प्रदेश को तीन प्रमुख क्षेत्रों में बांटा जा सकता है- उत्तर प्रदेश में हिमालय क्षेत्र, मध्य में गंगा का मैदान और दक्षिण भारत में विंध्य की पहाड़ियां और पठार। उत्तर प्रदेश की जलवायु नम उपोष्णकटिबंधीय है जो जड़ों में शुष्क रहती है। औसतन वर्षा 1000 मिली मीटर से 12 मिलीमीटर के बीच होती है। प्रदेश में कई नदियां हैं- बेतवा, चंबल, गंडक, गंगा, गोमती, घाघरा और यमुना।2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 199.8 मिलियन यानी 16.50 प्रतिशत भारत की कुल आबादी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में रहता है। यहां का भौगोलिक क्षेत्र 24,093 हेक्टेयर है।1658 जंगल है। कृषि क्षेत्र 16 ,546 हेक्टेयर है। वन क्षेत्र 14,679 स्क्वायर किलोमीटर है। यह राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 6.09 प्रतिशत है। लखनऊ का भौगोलिक क्षेत्र 2,528 स्क्वायर किलोमीटर है। मुख्य वन्य क्षेत्र हैं- उष्णकटिबन्धीय ,अर्ध -सदाबहार,उष्णकटिबन्धीय नम पतझड़ी ,उष्णकटिबन्धीय शुष्क पतझड़ी,उष्णकटिबन्धीय कांटेदार नदी किनारे के और दलदली वन। उत्तर प्रदेश में वन क्षेत्र घटने का कारण वनों की भूमि का उपयोग- सड़क, सिंचाई, ऊर्जा, पीने के पानी, खदानों आदि कामों के लिए होना है।

उष्णकटिबन्धीय कांटेदार जंगलों में औसत वर्षा 70 सेंटीमीटर से कम होती है जोकि बहुत कम मात्रा है। यह ज्यादातर भारत के अर्ध शुष्क क्षेत्र जैसे राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और डेक्कन प्लेटू (Deccan Plateu )के सूखे इलाकों में पाए जाते हैं। इनकी वनस्पतियां हैं कांटेदार झाड़िया और पेड़ । ज्यादातर वन बबूल, कीकर, खैर, प्लम, कैक्टस और खजूर के पेड़ों से ढके होते हैं। पानी की कमी के कारण इनकी पत्तियां छोटी और नुकीली होती हैं ताकि कम से कम वाष्पीकरण हो। वनस्पतियों में कांटेदार झाड़ियां भी होती हैं। पोषक तत्वों की कमी के कारण जड़े जमीन के बहुत अंदर चली जाती हैं ताकि वह मिट्टी की अंदरूनी परतों से पोषण ले सकें। तेज कांटे पौधों की जानवरों से रक्षा करते हैं और पेड़ों को जड़ों से उखड़ने से बचाते हैं। गधे, ऊंट, नाग, साही, जंगली हिरण, नीलगिरी और खरगोश इस क्षेत्र में फलते फूलते हैं। पेड़ों पर पूरे साल पत्तियां नहीं होती। इसलिए इन्हें कांटेदार झाड़ियां या कांटेदार जंगल कहते हैं। क्षेत्र में नमी 50 प्रतिशत से कम होती है और तापमान 25- 30 डिग्री सेल्सियस होता है।

डेक्कन के कांटेदार झाड़ियों वाले जंगल
यह जंगल दक्षिण भारत और उत्तरी श्रीलंका में पाए जाते हैं। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र पहले उष्णकटिबन्धीय शुष्क पतझड़ी जंगल से ढके रहते थे, लेकिन अब यह छोटे-छोटे टुकड़ों में बचे हैं। यहां की वनस्पति में दक्षिणी उष्णकटिबन्धीय कांटेदार झाड़ियों की तरह के जंगल है। यहां छोटे कांटेदार झाड़ियों और पेड़ भी हैं, जिनमें अनेक शाखाएं और नुकीले झाड़ हैं। यहां ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) और ब्लैकबक (Blackbuck) का बसेरा भी है, हालांकि इनकी और दूसरे जानवरों की संख्या घटती जा रही है, यह क्षेत्र कभी हाथियों का घर हुआ करता था। लगभग 350 प्रजातियों की चिड़िया यहां होती थी। बचे हुए प्राकृतिक वन स्थल जरूरत से ज्यादा चराई और आक्रमण के आतंक से प्रताड़ित हैं। लेकिन फिर भी यहां कुछ छोटे-छोटे सुरक्षित क्षेत्र भी हैं, जो वन्य जीवन का स्वर्ग कहे जा सकते हैं। यहां के पेड़ों ने अपने को इस प्रकार ढाला है कि उन्हें ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। डेक्कन थोर्न श्रब फारेस्ट (Deccan Thorn Scrub Forests) का कुल क्षेत्रफल 338,197 स्क्वायर किलोमीटर है। लखनऊ का कुल वन क्षेत्र 11.91 प्रतिशत है, जबकि उत्तर प्रदेश का 6 प्रतिशत है, जो कि भारत के वन आच्छादित राज्यों की सूची में चौथे पायदान पर है।

‘मैंने एक चिड़िया पाली, एक दिन वह उड़ गई। फिर मैंने एक गिलहरी पाली, एक दिन वह भी चली गई। फिर मैंने एक दिन एक पेड़ लगाया, दोनों वापस आ गई पेड़ लगाएं, खुशियां पाएं।’

चित्र सन्दर्भ:
1.जोडीगेरे सूखे वन, कर्नाटक(wikimedia)
2.राजस्थान का कांटा जंगल(wikimedia)
3.डेक्कन कांटा जंगल(wikimedia)

सन्दर्भ:
https://fsi.nic.in/isfr2017/uttar-pradesh-isfr-2017.pdf
https://bit.ly/2ZmjOoa
https://en.wikipedia.org/wiki/Deccan_thorn_scrub_forests
https://www.urbanpro.com/social-studies/what-are-tropical-thorn-forests-and-scrubs-of-india
https://brainly.in/question/1803826
http://www.wealthywaste.com/forest-cover-in-uttar-pradesh-an-overview


RECENT POST

  • सर पैट्रिक गेडेस चाहते थे लखनऊ की प्रकृति और संस्कृति की मौलिक एकता को कायम रखना
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     30-07-2021 10:45 AM


  • जीवित वृक्षों से आकृति बनाने की पद्धति जो है पर्यावरण के लिए अनुकूल
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     29-07-2021 09:36 AM


  • मनुष्य को सांसारिक चक्र से मुक्ति का मार्ग बतलाती है, विष्णु भक्त गजेंद्र की कथा
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     28-07-2021 10:15 AM


  • भारत में विलुप्‍त होती मगरमच्‍छ की प्रजातियाँ
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:00 AM


  • हमारे देश में घर बनाया है लुप्तप्राय मिस्र गिद्ध ने
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:32 AM


  • इंजीनियरिंग का एक अद्भुत कारनामा है, कोलोसियम
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     25-07-2021 02:23 PM


  • आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक के पश्चात अब लाना है फिर से भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर
    द्रिश्य 2- अभिनय कला य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     24-07-2021 10:21 AM


  • मौन रहकर भी भावनाओं की अभिव्यक्ति करने की कला है माइम Mime
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:11 AM


  • भारत में यहूदि‍यों का इतिहास और यहां की यहूदी–मुस्लिम एकता
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-07-2021 10:37 AM


  • पश्चिमी और भारतीय दर्शन के अनुसार भाषा का दर्शन तथा सीखने और विचार के साथ इसका संबंध
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-07-2021 09:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id