संतुष्ट तथा स्वस्थ जीवन प्रदान करने में सहायक है ऑफ-ग्रिड (Off grid) जीवन

लखनऊ

 09-04-2020 01:45 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो एक खुशहाल जीवन जीने के लिए समाज के तनाव से मुक्त होना चाहते हैं तथा विभिन्न सुविधाओं से दूर होकर प्रकृति में एक संतुष्ट तथा स्वस्थ जीवन जीना चाहते है। ऐसे लोगों को वर्तमान समय में ऑफ-ग्रिड (Off grid) जीवन शैली अपनी तरफ आकर्षित कर रही है। ऑफ-द-ग्रिड (Off-the-grid) या ऑफ-ग्रिड इमारतों और जीवन शैली की एक विशेषता है, जो एक या अधिक सार्वजनिक सुविधाओं या उपयोगिताओं पर निर्भर हुए बिना स्वतंत्र तरीके से बनाया गया है। ऑफ-द-ग्रिड लिविंग (Living) भवनों और लोगों को आत्मनिर्भर बनाता है। यह उन स्थानों के लिए लाभदायक है, जहां सामान्य सुविधाएं नहीं पहुंच सकती हैं। वे लोग जो पर्यावरणीय प्रभाव और रहने की लागत को कम करना चाहते हैं, उनके लिए ऑफ-ग्रिड जीवन शैली आकर्षण का केंद्र है। आम तौर पर, एक ऑफ-ग्रिड इमारत भोजन, अपशिष्ट और अपशिष्ट जल का प्रबंधन करने के साथ-साथ अपने लिए ऊर्जा और पीने योग्य पानी की आपूर्ति करने में सक्षम हो सकती है। इस शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 1990 के दशक के मध्य में हुआ जिसका श्रेय पर्यावरणविद निक रोसेन (Nick Rosen) को दिया जाता है।

कुछ लोग इसे विद्युत उपयोगिताओं से स्वतंत्र होने और एक छोटे कार्बन फुटप्रिंट (footprint) के रूप में परिभाषित करते हैं। वर्तमान में इस तरह की इमारतों का उपयोग बढता जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 300,000 लोग इस प्रकार की जीवन शैली को अपनाते हैं, जिनमें से 70% से 75% लोग गरीबी के कारण ऐसा करते हैं, अन्य लोग या तो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं या फिर नगरपालिका सुविधाओं के उपयोग को बदलने या कम करने के लिए इस जागरूक विकल्प को चुनते हैं। ग्रिड से अपने आप को अलग करना न तो आसान है और न ही सस्ता, जब तक कि आप आधुनिक जीवन की कुछ या सभी चीजों को छोड़ देने के लिए तैयार नहीं हैं, जिसमें प्रकाश, ऊष्मा और संचार शामिल हैं। ऑफ ग्रिड जीवन शैली के कई लाभ हैं जैसे छोटे पर्यावरणीय फुटप्रिंट। यहां रहने वाले निवासी आमतौर पर छोटे घरों में रहते हैं, तथा बिजली की खपत कम करते हैं, भले ही वे अक्षय ऊर्जा का उपयोग करते हों। उन्हें व्यक्तिगत संतुष्टि प्राप्त होती है, क्योंकि वे अपनी समस्याओं को हल करने और सुलझाने के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से सशक्त हो जाते हैं। उनमें नए कौशल जैसे मिट्टी में काम करना, अपने हाथों से चीजें बनाना, मीट को संरक्षित करना आदि विकसित हो जाते हैं, जो संतोषजनक होने के साथ-साथ बौद्धिक रूप से स्फूर्तिदायक भी होता है। लोग तनाव और चिंता से मुक्त हो जाते हैं क्योंकि भोजन और परिवहन की लागत की तुलना में उनके रहने का खर्च इन स्थानों में बहुत कम होता है। ऑफ़ ग्रिड की सबसे ख़ास बात यह है कि ऐसे वातावरण में रहने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन लोगों में हृदय रोग, मधुमेह, कुछ प्रकार के कैंसर विकसित होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। ऑफ़ ग्रिड रहने के लिए आपको एक सुरक्षित आश्रय की आवश्यकता होती है, ताकि आप खतरे से बचे रहें, इसके अलावा जंगल में रहते हुए आपको उस कानून या नियमों को समझना भी महत्वपूर्ण होगा जो आपकी शरण को प्रभावित करते हैं। पीने योग्य पानी का एक उचित स्रोत होना भी आवश्यक है।

किसी स्थान का चयन करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आपके पास एक प्राकृतिक जल स्रोत तक पहुँच है। इसके लिए वर्षा जल संग्रह प्रणाली का उपयोग आमतौर पर उचित होता है। कई लोग जल संचयन के लिए जमीन पर कुंए आदि भी खोदते हैं। किन्तु यह पानी हानिकारक हो सकता है। इसके लिए पानी को उबालकर या पानी शुद्ध करने की तकनीक को अपनाकर पानी को पीने योग्य बनाया जा सकता है। भोजन पकाने और दुर्गम जलवायु में गर्मी प्राप्त करने के लिए एक ऊर्जा स्रोत जैसे कि लकड़ी या सूखे पशु खाद की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी में सुधार ने सौर (solar), पवन टरबाइन (wind turbine), बायोडीजल जनरेटर (biodiesel generators) और माइक्रो-हाइड्रो सिस्टम (micro-hydro systems) को ऑफ-द-ग्रिड लिविंग के लिए उपलब्ध कराया है, हालांकि इसकी लागत अधिक है। एक ऊर्जा स्रोत का चुनाव अनुमानित उपयोग, लागत और स्थापना आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। इस तरह के स्थानों में भोजन के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर भरोसा करना मुश्किल और खतरनाक हो सकता है। क्योंकि प्रकृति से प्राप्त कई पदार्थ विषैले भी हो सकते हैं। इसके लिए वनस्पति उद्यान और फलों के पेड़ और पौधों को स्वयं उगाना उपयुक्त होता है। कुछ सीज़न के दौरान मछली पकड़ने और शिकार की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन जब तक इस तरह की गतिविधियाँ संभव नहीं हैं, तब तक मांस को संरक्षित करना महत्वपूर्ण है। ऑफ़ ग्रिड लिविंग के लिए अपशिष्ट का उपयुक्त निपटान भी आवश्यक है, नहीं तो हैजा, आंतों से सम्बंधित बीमारी, और टाइफाइड बुखार जैसी बीमारियां हो सकती हैं। घरेलू कचरे को एक गड्ढे में जलाया जा सकता है, जबकि पौधे और सब्जी के कचरे को खाद बनाया जा सकता है। ऐसे स्थानों पर सेप्टिक सिस्टम (Septic systems) भी स्थापित किया जा सकता है। एक सेप्टिक सिस्टम मूल रूप से एक बड़ा धातु टैंक है जो आपके अपशिष्ट जल को पहले इकट्ठा करता है और बाद में बाहर निकाल देता है। हालांकि इस प्रकार का अलग जीवन व्यतीत करना लाभदायक हो सकता है किन्तु इसके साथ कई समस्याएं भी उभर सकती हैं, जैसे यहां रहने के लिए एक अच्छे तथा मजबूत शारीरिक स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है। क्योंकि सभी चीजों से अलग रहने के लिए हर दिन कठिन शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है, जो कठिन शारीरिक श्रम नहीं कर सकते वे स्वयं को इसके अनुकूल नहीं ढाल पाते हैं। कुछ लोगों के लिए अकेले रहना मनोवैज्ञानिक रूप स्वीकार करना कठिन हो सकता है। अलग-थलग रहने से तनाव, भय, अकेलापन और अवसाद हो सकता है। कुछ स्थानों में ग्रिड से खुद को अलग करना अवैध भी हो सकता है। कई स्थान ऐसे हैं जहां स्थानीय जल आपूर्ति और बिजली प्रदाता से न जुड़ना अवैध हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, बिजली उत्पादन तकनीक के साथ पूरी तरह से बिजली के उत्पादन को बंद करना, ज्यादातर लोगों के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं है। वर्तमान समय में कोरोना विषाणु का संकट दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिसके निवारण के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय किये जा रहें हैं ताकि संक्रमण को फ़ैलने से रोका जा सके। इस दिशा में ऑफ़ ग्रिड लिविंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है, क्योंकि ये एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं जिसमें संक्रमण फ़ैलने की कोई गुंजाइश ही नहीं रहती। यहां रहकर व्यक्ति स्वयं ही भीड़-भाड़ वाले इलाकों से आइसोलेट (isolate) हो जाता है।

संदर्भ:
1.
https://www.moneycrashers.com/off-grid-living/
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Off-the-grid
3. https://science.howstuffworks.com/environmental/green-science/living-off-the-grid2.htm
चित्र सन्दर्भ:
1.
pexels.com - offgrid living
2. picseql.in - isolated living
3. picseql.in - living in forest as offgrid



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