लखनऊ तथा विश्व के मशहूर हनुमान मंदिर

लखनऊ

 14-03-2020 10:00 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

हनुमान जी को देवताओं में एक अत्यंत ही उच्च स्थान पर देखा जाता है। ये सनातन परंपरा के एक प्रमुख देव हैं जिनकी पूजा अर्चना बड़े पैमाने पर की जाती है। शायद ही भारत में कोई ऐसा स्थान होगा जहाँ पर हनुमान की पूजा न की जाती होगी। हनुमान को शिव का रूप माना जाता है और रामायण में हनुमान को एक अत्यंत ही शक्तिशाली किरदार तथा सेवक के रूप में दिखाया गया है। हनुमान की पराकाष्ठा का वर्णन रामायण के सुन्दरकाण्ड में बड़े ही सुन्दर तरीके से लिखा गया है। हनुमान को मूर्तियों आदि में वानर के रूप में दिखाया गया है। प्राचीन भारत की मूर्ती परंपरा में लंकनी वध, लपेटा हनुमान आदि का अंकन बड़े पैमाने पर हमें देखने को मिलता है। हनुमान को ‘अंजनी पुत्र’ के नाम से भी जाना जाता है तथा उनका एक नाम ‘मारुती’ भी है। हनुमान के माता पिता अंजना और केसरी हैं जिसके कारण इनका अंजनी पुत्र नाम पड़ा। हनुमान को वायु पुत्र के रूप में भी देखा जाता है और इसी कारण उनको वायुपुत्र नाम से भी जाना जाता है।

लखनऊ में पुराना हनुमान मंदिर नामक एक अत्यंत ही प्राचीन और महत्वपूर्ण मंदिर स्थित है जहाँ पर हनुमान जी के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। इस लेख में हम लखनऊ स्थित हनुमान मंदिर के विषय में तथा हिन्दू धर्म के अलावा अन्य धर्मों में हनुमान के महत्व के विषय में चर्चा करेंगे। हनुमान जी के मंदिरों की बात करें तो दुनिया भर में इनके मंदिर स्थित हैं जो कि एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण विषय है। इन मंदिरों में त्रिनिदाद (Trinidad) का हनुमान मंदिर भारत के बाहर दुनिया का सबसे विशालकाय मंदिर है। इस मंदिर में हनुमान की 85 मीटर ऊंची प्रतिमा मौजूद है तथा यह मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित है। फ्रिस्को (Frisco, Texas) का कार्य सिद्धि हनुमान मंदिर, कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) का श्री वीरा हनुमान मंदिर, पोर्ट डिकसन (Port Dickson, Malaysia) का अन्जनेयार मंदिर, न्यू यॉर्क (New York) का श्री हनुमान मंदिर, काठमांडू (Kathmandu) में स्थित हनुमान धोका मंदिर, मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया (Melbourne Australia) में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर, जोर्जिया (Georgia) का श्री हनुमान मंदिर तथा कनाडा (Canada) में स्थित श्री हनुमान मंदिर मुख्य मंदिर हैं जो कि भारत के बाहर स्थित हनुमान जी के मंदिर हैं।

लखनऊ के पुराना हनुमान मंदिर में आमतौर पर हर मंगलवार को भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। बड़ा मंगल दिवस के दिन, जो कि मई महीने के हर मंगलवार को पड़ता है, यहाँ पर काफी संख्या में भक्तों का तांता लग जाता है। हनुमान को चिरंजीवी, ब्रम्हचारी, कुरूप और सुन्दर, काम रुपिन, भक्ति-शक्ति आदि के रूप में भी देखा जाता है। हनुमान को रामायण, पुराण और महाभारत आदि में देखा जाता है जो हनुमान जी की व्यापकता को परिभाषित करता है। पौमचरियम, जो जैनियों के रामायण को कहा जाता है, में हनुमान को किसी दैवीय वानर के रूप में नहीं दिखाया गया है, बल्कि ‘विद्याधर’ के रूप में दिखाया गया है। सिख धर्म में भी हनुमान को ‘सिद्ध’ के रूप में जाना जाता है तथा खालसा आन्दोलन में हनुमान को एक प्रेरणास्रोत के रूप में लिया गया था। दक्षिण एशियाई देशों में भी कई प्रकार की रामायण लिखी गई हैं जिनमें हनुमान का ज़िक्र किया गया है। इस प्रकार से हम देख सकते हैं कि हनुमान को अन्य धर्मों तथा देशों में भी एक अत्यंत प्रिय देव के रूप में प्रदर्शित किया गया है। हनुमान मध्यकालीन भारत में एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण देव के रूप में उभर कर सामने आये थे और वर्तमान में भी वे एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण देव के रूप में पूजे जाते हैं।

सन्दर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Hanuman
2. https://www.ancient.eu/Hanuman/
3. https://bit.ly/38MpHvg
4. https://topyaps.com/hanuman-temples-abroad/
चित्र सन्दर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Hanuman
2. https://in.pinterest.com/pin/517351075937181894/
3. https://pixabay.com/it/photos/induismo-religione-hanuman-dio-3363455/
4. https://bit.ly/33gQizJ



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