क्या कभी देखा है तीन आँखों वाला सरीसृप?

लखनऊ

 11-03-2020 06:03 AM
रेंगने वाले जीव

क्या आपने कभी तीन आंख वाला कोई जीव देखा है? यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है किंतु है सत्य। यूं तो पृथ्वी पर मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ जीव कहा जाता है किंतु ऐसी कई विशेषताएं हैं, जो अन्य जीवों को मानव से अलग बनाती हैं। जीवों में तीसरी आंख का पाया जाना भी इन्हीं विशेषताओं में से एक है, जोकि मुख्य रूप से सरीसृपों, मछलियों और उभयचरों में पायी जाती है तथा अपनी एक विशिष्ट भूमिका निभाती है। करीब 24 करोड़ साल पहले विकसित हुए तुआतारा (Tuatara) को भी यह आंख प्राप्त है। तुआतारा अपने वंशक्रम की एकमात्र जीवित एकल प्रजाति है, जिसके सिर के शीर्ष पर तीसरी आंख स्थित होती है, जिसे पार्श्विका आंख (Parietal eye) कहा जाता है। पार्श्विका आंख मुख्य आंखों के समान नहीं होती क्योंकि यह छवियों को केंद्रित नहीं कर सकती।इसमें प्रकाश-संवेदनशील कोशिकाओं के समूह के साथ एक अल्पविकसित रेटिना (Retina) और लेंस (Lens) होता है जो इसे प्रकाश और अंधेरे में हर समय होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील बनाता है। इसके कारण जीव अपने ऊपर से आने वाली चीज़ों या खतरों की पहचान आसानी से कर सकता है, हालांकि उसे यह पता नहीं होता कि वह वस्तु या खतरा क्या है, किंतु वह ये ज़रूर जान लेता है कि वह खतरे में है।

इसके अलावा इस आंख के ज़रिए जीव आकाश में सूर्य की सटीक गति की भी पहचान कर सकते हैं, विशेषकर तब जब उन्हें अपने शरीर को गर्म करने के लिए सूर्य की रोशनी की आवश्यकता होती है। एक अध्ययन के अनुसार पार्श्विका आंख नेविगेशन (Navigation) में भी अपनी भूमिका अदा करती है। तुआतारा सरीसृप श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, जोकि न्यूज़ीलैंड (New Zealand) के स्थानिक जीव हैं। यह अधिकांशतः छिपकलियों के समान दिखाई देता है किन्तु वास्तव में यह अलग वंश का हिस्सा है, तथा रिंकोसिफालिया (Rhynchocephalia) वंशक्रम के अंतर्गत आता है। रिंकोसिफालिया छिपकली जैसे सरीसृपों का एक क्रम है जिसमें केवल एक जीवित प्रजाति शामिल है, जोकि न्यूज़ीलैंड का तुआतारा (स्फेनोडोन पंकटेटस - Sphenodon punctatus) है। एक समय में रिंकोसिफालिया की एक व्यापक जेनेरा (Genera) श्रेणी थी जिसके अंतर्गत कई परिवार शामिल थे, किंतु इनमें से कई अब विलुप्त हो चुके हैं। तुआतारा का सबसे हालिया सामान्य पूर्वज स्क्वैमेट्स (squamates - छिपकली और सांप) है। इस कारण से, तुआतारा के अध्ययन के साथ-साथ छिपकलियों और सांपों के विकास के अध्ययन में भी रुचि ली जाती है।

हरे-भूरे और ग्रे (Gray) रंग के साथ इनकी लम्बाई सिर से पूंछ तक 100 सेमी (39 इंच) होती है तथा वज़न 1.3 किलोग्राम (2.9 पाउंड) होता है। उनके ऊपरी जबड़े में दांतों की दो पंक्तियाँ होती हैं जो निचले जबड़े की एक पंक्ति को ढकती हैं। यह विशेषता इसे जीवित प्रजातियों में अद्वितीय बनाती है। इन पर पायी जाने वाली तीसरी आंख सर्कैडियन (Circadian) और मौसमी चक्र को सेट (Set) करने में भी शामिल होती है। हालांकि इनमें कोई बाह्य कान मौजूद नहीं होता, लेकिन फिर भी वे सुनने में सक्षम होती हैं। इनके कंकाल में भी अनूठी विशेषताएं पायी जाती हैं, जिनमें से कुछ स्पष्ट रूप से मछली से विकसित हुए हैं।तुआतारा को कभी-कभी "जीवित जीवाश्म" कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि प्रजातियों में डीएनए (DNA) अनुक्रम के 5 से 6 बिलियन बेस जोड़े (Base pairs) हैं, जो मनुष्यों से लगभग दोगुने हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि तुआतारा पृथ्वी पर सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला जानवर है।इसकी आणविक विकास दर अन्य जीवों की अपेक्षा सबसे अधिक है। डीएनए स्तर पर, ये जीव बहुत जल्दी विकसित होते हैं, जिससे जानवरों के बड़े साम्राज्य में ये शामिल होते हैं।

संदर्भ:
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Tuatara
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Rhynchocephalia
3. https://curiosity.com/topics/ever-seen-a-three-eyed-lizard-theyre-everywhere-curiosity/
4. https://timesofindia.indiatimes.com/home/science/Tuatara-is-the-fastest-evolving-animal/articleshow/2896456.cms
चित्र सन्दर्भ :-
1. https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/8/84/Hul_-_Sphenodon_punctatus_-_3.jpg
2. https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/f/f4/Sphenodon_punctatus_%283%29.jpg
3. https://bit.ly/2Q65dXR 4. https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/e/e5/Tuatara_adult.jpg/800px-Tuatara_adult.jpg
5. https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/1/1d/Tuatara_scale.png


RECENT POST

  • खट्टे-मीठे विशिष्ट स्वाद के कारण पूरे विश्व भर में लोकप्रिय है, संतरा
    साग-सब्जियाँ

     30-11-2020 09:24 AM


  • सोने-कांच की तस्वीरों में आज भी जीवित है, कुछ रोमन लोगों के चेहरे
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     29-11-2020 07:21 PM


  • कोरोना महामारी बनाम घरेलू किचन गार्डन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     28-11-2020 09:06 AM


  • लखनऊ की परिष्कृत और उत्कृष्ट संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इत्र निर्माण की कला
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     27-11-2020 08:39 AM


  • भारतीय कला पर हेलेनिस्टिक (Hellenistic) कला का प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     26-11-2020 09:20 AM


  • पाक-कला की एक उत्‍कृष्‍ट शैली लाइव कुकिंग
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     25-11-2020 10:32 AM


  • आत्मा और मानव जाति की मृत्यु, निर्णय और अंतिम नियति से सम्बंधित है, एस्केटोलॉजी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     24-11-2020 08:40 AM


  • मानवता की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियों में से एक है, लेजर इंटरफेरोमीटर गुरुत्वीय-तरंग वेधशाला द्वारा किये गये अवलोकन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     22-11-2020 10:34 AM


  • लखनऊ की अत्यंत ही महत्वपूर्ण धरोहर शाह नज़फ़ इमामबाड़ा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     22-11-2020 11:21 AM


  • लखनऊ की दुर्लभ तस्‍वीरों का संकलन
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     21-11-2020 08:29 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.