मीट के विकल्प में किया जा रहा है कटहल का उपयोग

लखनऊ

 30-01-2020 11:00 AM
साग-सब्जियाँ

पौष्टिकता से भरे कटहल को पश्चिमी देशों में मौजूदा समय में पशु मांस की जगह शाकाहारी विकल्प के रूप इस्तेमाल किया जा रहा है। पोषण से भरपूर इस फल को पिज़्ज़ा (Pizza), बर्गर (Burger), पास्ता (Pasta) जैसे व्यंजनों में चिकन (Chicken), टर्की (Turkey), बीफ़ (Beef) और अन्य मीट (Meat) की जगह डाला जा रहा है। क्योंकि यदि कटहल को सही से पकाया जाए तो यह पशु के मांस के समान स्वाद देता है। कई रेस्तरां में इसे वीगन (Vegan) लोगों के लिए मीट के व्यंजनों के विकल्प में विभिन्न रूप से बनाने के लिए कई प्रयोग किए जा रहे हैं।

न्यूट्रीशन बिज़नेस जर्नल (Nutrition Business Journal) के अनुसार, 25% अमेरिकी उपभोक्ताओं ने 2014 से 2015 तक अपने मांस के सेवन को कम कर दिया, और मांस की वैकल्पिक चीजों की बिक्री 2011 में $ 69 मिलियन से बढ़कर 2015 में $ 109 मिलियन हो गई थी।

कटहल भारत का मूल फल है जो यह सदियों पहले से ही बिना किसी खेती के यहाँ प्राकृतिक रूप से उग गया था, विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में। बौद्ध ग्रंथ 400 ईसा पूर्व के समय में इस फल का संदर्भ देते हैं, और कुछ बौद्ध पुजारी अभी भी कटहल का उपयोग अपने वस्त्रों को रंगने के लिए करते हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गोवा और उत्तर पूर्व में कटहल के लिए कई त्यौहारों को आयोजित किया जाता है। यह फल छोटे गांवों में एक उत्कृष्ट उपहार के रूप में भी दिए जाते हैं। वहीं पहली और तीसरी शताब्दी के तमिल साहित्य में भी इस फल का वर्णन मिलता है।

कटहल देखने में मनमोहक फल नहीं है, यह बड़ा, भारी काँटेदार त्वचा वाला, अन्दर से गुदगुदा लेकिन रसदार नहीं है। वहीं खेती करने के रूप में इसकी खेती काफी आसानी से की जा सकती है और यह प्रचुर मात्रा में उपज देता है। इसके फल और बीज काफी पौष्टिक होते हैं, जो प्रोटीन (Protein), आहार फाइबर (Fibre), विटामिन ए और सी (Vitamin A & C) और खनिजों की एक उचित मात्रा से भरे होते हैं। इसकी पत्तियां मवेशियों के खाने के लिए भी उपयुक्त होती हैं। इसके साथ ही इसकी जड़ों को औषधीय माना जाता है और लकड़ी का उपयोग फर्नीचर (Furniture) बनाने के लिए किया जाता है।

विश्व स्तर पर, अधिकांश लोगों को अक्सर कटहल की गंध बहुत तीखी लगती है और इसकी बनावट बहुत चिपचिपी होती है। इसके साथ ही इसे पकाने के लिए तैयार करने में भी काफी समय लगता है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इसे तैयार करते समय आधे से ज्यादा तो अपशिष्ट ही निकलता है। लेकिन कटहल का सबसे बड़ा फायदा इसकी बहुमुखी प्रतिभा है। यह एक सब्जी के रूप में और मुलायम, कच्चा या अर्ध-पका हुआ और पके होने पर फल के रूप में खाया जाता है। एक सब्जी के रूप में इसे करी (Curry) और मुरब्बा और बिरयानी में पकाया जाता है। इन्हें कोफ्ते और पकौड़े के रूप में तेल में तला जाता है, चिप्स (Chips) के रूप में सुखाया और इनका अचार भी बनाया जाता है। इसके पके फल का उपयोग मिठाई, सिरप (Syrup), जैम (Jam) और चटनी में किया जाता है।

कटहल के बारे में एक और बड़ी बात यह है कि यह बहुत फायदेमंद होते हैं। ये कैलोरी (Calorie) में कम और आहार फाइबर, विटामिन और खनिजों में उच्च होते हैं। इस फल के आइसोफ्लेवोन्स (Isoflavones), एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स (Phytonutrients) का मतलब है कि कटहल में कैंसर (Cancer) से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं। यह रक्तचाप, आंख और हड्डी के स्वास्थ्य, अल्सर (Ulcer), और अपच में मदद करने के लिए भी जाने जाते हैं।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Jackfruit
2. http://theindianvegan.blogspot.com/2012/10/all-about-jackfruit-in-india.html
3. https://medium.com/tenderlymag/jackfruit-india-eee207285d87
4. https://bit.ly/2t5HJd8
5. https://on.natgeo.com/2U7siwf
चित्र सन्दर्भ:
1.
https://www.piqsels.com/es/search?q=carne+de+hamburguesa+de+carne+molida
2. https://www.piqsels.com/es/search?q=carne+de+hamburguesa+de+carne+molida
3. https://bit.ly/2U8wk7q
4. https://www.flickr.com/photos/jeffgunn/4821746762
5. https://bit.ly/2RZxks6



RECENT POST

  • मानव सभ्यता के विकास का महत्वपूर्ण काल है, नवपाषाण युग
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     01-12-2020 10:22 AM


  • खट्टे-मीठे विशिष्ट स्वाद के कारण पूरे विश्व भर में लोकप्रिय है, संतरा
    साग-सब्जियाँ

     30-11-2020 09:24 AM


  • सोने-कांच की तस्वीरों में आज भी जीवित है, कुछ रोमन लोगों के चेहरे
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     29-11-2020 07:21 PM


  • कोरोना महामारी बनाम घरेलू किचन गार्डन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     28-11-2020 09:06 AM


  • लखनऊ की परिष्कृत और उत्कृष्ट संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इत्र निर्माण की कला
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     27-11-2020 08:39 AM


  • भारतीय कला पर हेलेनिस्टिक (Hellenistic) कला का प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     26-11-2020 09:20 AM


  • पाक-कला की एक उत्‍कृष्‍ट शैली लाइव कुकिंग
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     25-11-2020 10:32 AM


  • आत्मा और मानव जाति की मृत्यु, निर्णय और अंतिम नियति से सम्बंधित है, एस्केटोलॉजी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     24-11-2020 08:40 AM


  • मानवता की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियों में से एक है, लेजर इंटरफेरोमीटर गुरुत्वीय-तरंग वेधशाला द्वारा किये गये अवलोकन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     22-11-2020 10:34 AM


  • लखनऊ की अत्यंत ही महत्वपूर्ण धरोहर शाह नज़फ़ इमामबाड़ा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     22-11-2020 11:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.