अरंडी के पौधे के औषधीय फायदे

लखनऊ

 27-01-2020 10:00 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

इथियोपिया (Ethiopia) और उष्णकटिबंधीय पूर्वी अफ्रीका के मूल निवासी ‘अरंडी’ के पौधे विश्व भर में प्राकृतिक रूप से कई स्थानों पर पाए जाते हैं। ये पौधे आमतौर पर नम, अच्छी तरह से गीली मिट्टी में विक्षुब्ध क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जैसे कि नदी के किनारे और सड़कों के किनारे, और बंजर खेतों में या खेती की गई भूमि के किनारों पर। अरंडी एक सदाबहार, झाड़ीदार या छोटा पेड़ है, जिस वजह से इसे बगीचे की साज-सज्जा के लिए भी उपयोग किया जाता है।

यह ठोस कोमल बारहमासी पौधे 40 फीट तक बढ़ते हैं और ठंड से मुक्त जलवायु में कुछ वर्षों में ही इनमें तने विकसित होने लग जाते हैं। इसकी तीव्र, जोरदार वृद्धि के कारण, यह आसानी से समशीतोष्ण जलवायु में गर्मियों के समय उगाया जाता है, लेकिन एक सीज़न (Season) में यह शायद ही कभी 6-10 फीट से अधिक बढ़ता होगा। इसके पत्ते लंबे डंठल पर तारे के आकार के होते हैं और 2½ फीट से अधिक लंबे होते हैं। इनमें दाँतेदार किनारे और प्रमुख केंद्रीय शिराएँ होती हैं।

तने के शीर्ष पर 8-18 इंच लंबे घने पुष्पक्रम में फूलों का उत्पादन होता है। द्विलिंगी पौधे मादा फूलों के नीचे नर फूलों का उत्पादन करते हैं। मादा फूल के छोटी रीढ़ के अंडाशय, परागण के बाद एक गोल्फ बॉल (Golf Ball) के आकार के एक फल या बीज आवरण में विकसित होते हैं। इसके साथ ही इसके बीज की फली हरी, गुलाबी या लाल रंग की हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे भूरे रंग की हो जाती है। प्रत्येक गोलाकार बीज झिल्ली को मोटे लचीले काँटों से ढका जाता है और इसमें तीन खंड होते हैं जो बीज के परिपक्व होने पर अलग हो जाते हैं।

अरंडी की खेती उन बीजों के लिए की जाती है जो मुख्य रूप से उद्योग और दवाओं में उपयोग किए जाने वाले तेज़ी से सूखने वाले, बिना पीले होने वाले तेल की उपज देते हैं। इसके बीज बेहद ज़हरीले होते हैं, इसलिए पौधों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। इसमें पाए जाने वाला ज़हर रायसिन (Ricin) होता है, जो सबसे घातक प्राकृतिक ज़हर में से एक है, जो साइनाइड (Cyanide) से 6,000 गुना ज़्यादा ज़हरीला और रैटलस्नेक (Rattlesnake) के ज़हर से 12,000 गुना ज़्यादा ज़हरीला होता है। कम से कम चार बीज एक औसत आकार के वयस्क को मार सकते हैं, जबकि कम मात्रा में इसे सेवन करने के परिणामस्वरूप उल्टी, गंभीर पेट दर्द और अन्य दिक्कतें हो सकती हैं।

अरंडी के तेल का उपयोग कपड़े और अन्य सुरक्षात्मक आवरणों में, उच्च श्रेणी स्नेहक, पारदर्शी टाइपराइटर (Typewriter) और मुद्रण स्याही के निर्माण में, कपड़ा रंगने में, चमड़े के संरक्षण में, और एक पॉलियअमाइड नायलॉन (Polyamide Nylon) प्रकार के रेशे के उत्पादन में इस्तेमाल किया जाता है। हाइड्रोजनीकृत (Hydrogenated) तेल का उपयोग वैक्स (Wax), पॉलिश (Polish), कार्बन पेपर (Carbon Paper), मोमबत्तियों और क्रेयॉन (Crayon) के निर्माण में किया जाता है। आम पाई जाने वाली अरंड तितली, एरी सिलकोमोथ (Eri Silkomoth) और अरंड अर्ध-लूपर कीट (Castor semi-looper moth) इस पेड़ पर निर्भर रहते हैं और अपना भोजन प्राप्त करते हैं। इसका उपयोग लेपिडोप्टेरा (Lepidoptera) की कुछ अन्य प्रजातियों के लार्वा (Larvae) द्वारा भी किया जाता है, जिनमें हाइपरकोम्प हैंबलटोनी (Hypercompe hambletoni) और नटमेग (Nutmeg) शामिल हैं।

इसके तेल और बीज का उपयोग कुछ लोक उपचार के रूप में भी किया जाता है: जैसे मस्सा, कोल्ड ट्यूमर (Cold Tumor), पेट के अंगों की क्षति, लैक्टियल ट्यूमर (Lacteal Tumor), कॉर्न्स (Corns), मोल्स (Moles) आदि। इसके बीज का ज़हरीला प्रोटीन (Protein) रायसिन एक रक्त स्कंदक के रूप में काम करता है। वहीं तेल का उपयोग डर्मेटाइटिस (Dermatitis) और आंखों की बीमारियों के लिए बाहरी रूप से उपयोगी होता है। प्रारंग पर उपलब्ध सभी लिखित सामग्री और मीडिया केवल सूचना के प्रयोजन से प्रकाशित किये जाते हैं। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह (professional medical advice) के विकल्प के रूप में नहीं है और इसे स्वास्थ्य या व्यक्तिगत सलाह के रूप में प्रयोग में नहीं लाया जाना चाहिए।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Ricinus
2. https://www.hort.purdue.edu/newcrop/duke_energy/Ricinus_communis.html
3. https://wimastergardener.org/article/castor-bean-ricinus-communis/



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