क्यों दहक रहे हैं विश्व भर में जंगल

लखनऊ

 11-01-2020 10:00 AM
जंगल

“आग” हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है, पर तब तक ही जब तक आग हमारे नियंत्रण में रहती है, जिस वक़्त हम आग से नियंत्रण खो देते है, उसी वक़्त वो हमारे लिए हानिकारक हो जाती है। आग की खोज ने मानव को अदिमानव से मानव बना दिया, मानव बनने के बाद मनुष्य आग की विभिन्न स्वरूपों से परिचित होता है, जिसमें आग के उपयोगी और विनाशकरी दोनो स्वरूप शामिल है।
विनाशकरी स्वरूप में मुख्यता अनियंत्रित आग को शामिल किया जाता है, जिसमें जंगल की आग, गाँव की आग, खेतों की आग आदि को रखा जाता है। अनियंत्रित आग के लिए विभिन्न करण उतरादयी है, जैसे जलवायु, गर्म मौसम, ज्वालामुखी का उदगार,प्रक्रतिक बिजली का गिरना आदि प्रक्रतिक कारण है, इसके अतिरिक्त मानवीय कारक भी अनियंत्रित आग के लिए उतरदायी है जिसमें बारूद, सिगरेट, फ़सलो की आगज़नी आदि।

इस तरह से अनियंत्रित आग एक प्रक्रतिक आपदा है,जो की नयी नहीं है। समय समय पर इसकी चपेट से मनुष्य के साथ अन्य जीव और जंतु भी अत्यंत गम्भीर रूप से प्रभावित होते रहे हैं।सम्पूर्ण संसार में यह एक गम्भीर समस्या है जिसमें चीन, दक्षिण अफ़्रीका, संस्युक्त राज्य अमेरिका, औस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा, आदि देश प्रमुख रूप से प्रभावित है।

औस्ट्रेलिया एक ऐसा ही देश है जो वर्तमान समय में इस समस्या से लड़ रहा है, सितम्बर से लगी जंगल की आग ने लगभग 2000 घरों को विध्वंश कर दिया है, लगभग 25 आदमियों के साथ लाखों की संख्या में जानवरो की मौत अभी तक औस्ट्रेलिया में दर्ज की जा चुकी है।इसके अतरिक्त भारी मात्रा में सरकारी और ग़ैर सरकारी सम्पति का नुक़सान लगातार जारी है। इस आग से ना सिर्फ़ औस्ट्रेलिया बल्कि सम्पूर्ण संसार चिंतित है, जिसकी वजह ग्लोबल वॉर्मिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे के अतरिक्त मानवीय परिवेश में पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव है।

अनियंत्रित आग औस्ट्रेलिया की ही नहीं भारत की भी एक गम्भीर समस्या है।भारतीय जंगल सर्वेक्षण(FSI) के रियल टाइम फ़ॉरेस्ट अलर्ट सिस्टम (Real Time Forest Alert System) के अनुसार 4,107 से 4,225 जंगल आग की घटनाए नवंबर 2018 से फ़रवरी 2019 के मध्य दर्ज की गयी। हाल ही में भारतीय जंगल सर्वेक्षण के द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, गर्मी के मौसम में 49% जंगल आग की घटनाएं बड़ जाती है।24,817 घटनाए 2016 में, 35,888 घटनाए 2017 में और 37,059 घटनाए 2018 में दर्ज की गयी है।2019 की पहली तिमाही में ही 2,500 घटनाए पूरे भारत में दर्ज की गयी।

सन्दर्भ:-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Wildfire
2. https://www.bbc.com/news/world-australia-51015536
3. https://www.gulftoday.ae/opinion/2019/05/14/forest-fires-a-burning-issue-for-india
4. https://www.downtoearth.org.in/news/natural-disasters/forest-fires-in-india-tripled-in-the-last-four-months-63388



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