किराना उद्योग में ई-कॉमर्स के बढते कदम

लखनऊ

 08-11-2019 11:22 AM
संचार एवं संचार यन्त्र

पहले के समय में लोग किसी भी वस्तु को खरीदने के लिए घंटों दुकानों पर इंतजार करते नजर आते थे। किंतु जैसे-जसे समय बदला और तकनीकी व प्रौद्योगिकी में विकास हुआ वैसे-वैसे खरीदारी के माध्यमों में भी परिवर्तन होने लगे। अब अधिकतर लोगों द्वारा विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी के लिए ई-कॉमर्स (eCommerce) का उपयोग किया जाता है। अमेजन (Amazon), फ्लिप्कार्ट (Flipkart), वॉलमार्ट (Walmart) आदि ऐसी कम्पनियां हैं जो विभिन्न वस्तुओं को लोगों के लिए ऑनलाईन उपलब्ध करवा रही हैं। इनके माध्यम से जहां दैनिक जीवन में प्रयोग आने वाली हर वस्तु आसानी से उपलब्ध हो जाती है तो वहीं समय और कुछ हद तक पैसों की भी बचत होती है।

अधिकतर इलेक्ट्रोनिक (electronics) उपकरण और परिधान अब ऑनलाईन (Online) ही खरीदे जाते हैं। ई-कॉमर्स ने इलेक्ट्रोनिक और परिधानों के विक्रय पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है किंतु किराना वस्तुओं के विक्रय पर अभी तक यह अपनी मजबूत पकड़ नहीं बना सकी है। अर्थात अधिकतर कम्पनियां किराने के सामान को ऑनलाईन विक्रय करवाने में असमर्थ हैं। आंकडों के अनुसार किराना वस्तुओं की बिक्री एक प्रतिशत से भी कम होती है। किंतु यदि इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान की बात की जाए तो इनकी ऑनलाईन बिक्री क्रमशः 30.2% तथा 27.4% होती है। इसकी तुलना में किराना वस्तुओं की बिक्री का प्रतिशत बहुत ही कम है। इस प्रकार ई-कॉमर्स को इलेक्ट्रॉनिक्स या परिधान की बिक्री की रैंक तक पहुंचने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना होगा। एक नयी रिपोर्ट के अनुसार किराने की ऑनलाइन बिक्री केवल 3% ही होती है। एक सर्वे में जब अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के 823 लोगों से यह पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी इंस्टाकार्ट (Instacart), पीपोड (Peepod), या अमेज़ॅन फ्रेश (Amazon Fresh) जैसे डिलीवरी सेवाओं के माध्यम से किराने का सामान ऑनलाइन ऑर्डर किया है? तो 67% लोगों का उत्तर ‘नहीं’ था। कनाडा में यह प्रतिशत 71% था जहां उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्होंने कभी भी किराने का सामान ऑनलाइन नहीं खरीदा है। इनमें से केवल अमेरिका में ही लोग किराने के सामान को इनकी अपेक्षा ऑनलाइन अधिक खरीदते हैं।

लोग किराने के सामान को ऑनलाईन नहीं खरीदते क्योंकि यह उन लोगों की आवश्यक योजनाओं के अनुरूप नहीं होता है। आवश्यक योजनाओं के अभाव में ग्राहक जो किराने का ताजा सामान ऑनलाईन खरीदते हैं वो बेकार हो जाता है। किराने का सामान खरीदने के लिए बहुत सटीक योजना की आवश्यकता होती है। हालांकि ऑनलाईन खरीदारी आवागमन, खरीदारी और लाइनों में प्रतीक्षा करने के समय को बचाती है।

इस बाधा को दूर करने के लिए अब कई बडे ई-कामर्स खिलाडी इस अवस्था को बदलने की पूरी कोशिश करने लगे हैं, क्योंकि ऐसे बहुत कम ही लोग हैं जो ऑनलाईन स्टोरों से खाद्य और पेय पदार्थों को खरीदते हैं। ये कंपनियां खाद्य और पेय उत्पादों के लिए एक ही दिन की डिलीवरी (Delivery) सेवाएं दे रही हैं और दैनिक किराना वस्तुओं के लिए सदस्यता सेवाओं का उपयोग कर रही हैं ताकि किराना वस्तुओं के विक्रय को बढाया जा सके। इन कंपनियों ने पहले से ही अन्य खुदरा क्षेत्रों में भी प्रवेश कर लिया है और पारंपरिक किराना कंपनियों को अब बाजार में अपनी हिस्सेदारी की रक्षा करने के लिए ई-कॉमर्स में भारी निवेश करने की आवश्यकता है। किराना उद्योग में ई-कॉमर्स के प्रभुत्व की लड़ाई अभी शुरू ही हुई है।

इस प्रकार किराना कंपनियां को प्रबल बनने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती हैं:
लोग अपने खाद्य पदार्थों को स्वयं ही खरीदना चाहते हैं। यह सबसे बड़ा कारण है जो लोगों को किराने का सामान ऑनलाइन खरीदने से रोक रहा है। लेकिन हमेशा ही ऐसा होगा यह जरूरी नहीं है। भविष्य में वे अपना मन बदल सकते हैं और ऑनलाईन स्टोर से खाद्य सामान खरीद सकते हैं। परिधान उद्योग और अन्य खुदरा क्षेत्रों में ई-कॉमर्स के उदय से पता चलता है कि ग्राहकों का व्यवहार समय के साथ बदल सकता हैं क्योंकि कंपनियां अपने ऑनलाइन उत्पादों की गुणवत्ता और सेवाओं में सुधार कर रही हैं। कंपनियों को ऑनलाइन किराने की खरीदारी के संदर्भ में ग्राहकों के विचार या दिलचस्पियों को पहचानना होगा। इसके अलावा कंपनियों को अपनी रणनीति को परिष्कृत करने के लिए ग्राहकों की प्रतिक्रिया हासिल करने की आवश्यकता है।
कंपनियों को सम्मोहक और विभेदित उत्पादों की पेशकश करने की आवश्यकता है। उन्हें खाद्य और पेय सेवाओं को अलग करने के अवसरों की पहचान करनी होगी।

इस प्रकार ई-कॉमर्स किराना उद्योग में पूर्णतः प्रवेश करने की कगार पर है। इसलिए किराना कम्पनियों को अपने ग्राहकों के साथ संबंध बनाने और उनकी सोच या विचारों को अपनी रणनीतियों में मिलाने की आवश्यकता है।

संदर्भ:
1.
https://the-ken.com/story/flipkart-grocery-hyperlocal/#_=_
2. https://www.visioncritical.com/blog/grocery-wars
3. https://blog.hubspot.com/news-trends/ecommerce-online-grocery-shopping



RECENT POST

  • फ्रैक्टल - आश्चर्यचकित करने वाली ज्यामिति संरचनाएं
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     26-09-2020 04:39 AM


  • कबाब की नायाब रेसिपी और ‘निमतनामा’
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     25-09-2020 03:29 AM


  • बेगम हजरत महल और उनका संघर्ष
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     24-09-2020 03:31 AM


  • भारत- विश्व का सबसे बड़ा प्रवासी देश एवं चुनौतियाँ
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     23-09-2020 03:30 AM


  • क्या पहले भी जश्न मनाने के लिए उपयोग किया जाता था सफेद बारादरी का
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     22-09-2020 11:06 AM


  • विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने हेतु अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं मिट्टी के बर्तन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     21-09-2020 04:13 AM


  • जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ गुफा
    खदान

     20-09-2020 08:34 AM


  • सी.आर.आई.एस.पी.आर. (CRISPR) तकनीक की मदद से किया जा सकता है कोरोनावायरस का निदान
    डीएनए

     18-09-2020 08:00 PM


  • अवधी बंदूकें और ब्रिटिश साम्राज्य
    हथियार व खिलौने

     18-09-2020 11:28 AM


  • मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप में ऊर्जा भंडारण के उपकरण: लिथियम आयन बैटरी का इतिहास
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-09-2020 02:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.