कैसे सीखता है हमारा मस्तिष्क उम्र भर नई चीज़ें?

लखनऊ

 01-10-2019 11:57 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

मनुष्य यदि किसी एक चीज़ को देख ले या सुन ले तो उसे वह किसी न किसी प्रकार से याद कर लेता है। यह कौशल उसे अपने मस्तिष्क से प्राप्त होता है। कोई तकनीकी सीखना, लेखन सीखना या खान-पान सीखना, हर एक वर्णित चीज़ मनुष्य बड़ी आसानी से सीख लेता है। यह कला मनुष्य में न्यूरोप्लास्टीसिटी (Neuroplasticity) की वजह से आती है। न्यूरोप्लास्टीसिटी ब्रेन प्लास्टीसिटी (Brain Plasticity) के नाम से भी जाना जाता है। यह मस्तिष्क को ऐसी ताकत प्रदान करता है जिससे मनुष्य का मस्तिष्क प्रत्येक व्यक्ति की ज़िन्दगी के दौरान बदलता रहता है और तमाम जानकारी मनुष्य को प्रदान करता है। माना कि Y व्यक्ति किसी X व्यक्ति से क़ुतुब मीनार के पास मिला था और वहां पर उन दोनों ने चाय पर चर्चा की थी। अब दुबारा मिलने पर यह इंद्री व्यक्ति को पहली मुलाक़ात के बारे में जानकारी प्रदान करती है।

यह कभी-कभी बदल जाता है और समय के साथ-साथ इसकी क्षमता कम भी हो सकती है। जैसे किसी वृद्ध व्यक्ति को हम देखते हैं और पता चलता है कि उनको कई बातें याद करने में परेशानी होती है। ऐसे में यह न्यूरोप्लास्टीसिटी के ही कमज़ोर होने का या ठीक से काम न करने के कारण होता है। न्यूरोप्लास्टीसिटी का मुख्य ध्येय होता है फायलोजेनेसिस (Phylogenesis), ओंटोजेनी (Ontogeny) और फिज़ियोलॉजिकल (Physiological) सीख के तंत्रिकाओं के जाल को सुधारना। कई प्रकार के शोधों से पता चला कि वयस्कता के दौरान भी दिमाग को बदला जा सकता है (सोच या समझ को)। हांलाकि कम उम्र के विकासशील दिमाग बड़े वयस्कों की तुलना में ज़्यादा तेज़ी से ज्ञान को अपने में समाहित कर सकते हैं। न्यूरोप्लास्टीसिटी को विभिन्न पैमानों पर मापा जा सकता है जिसमें सूक्ष्म बदलाव से लेकर बड़े बदलाव तक शामिल हैं जैसे कि कोर्टीकल रीमैपिंग (Cortical Remapping)। पर्यावरण का बदलाव, और भावनाओं से भी न्यूरोप्लास्टीसिटी में बदलाव देखा जाता है जो कि मानसिक स्थिति और सीखने की कला में बदलाव लाता है।

प्लास्टीसिटी एक ऐसी धारणा है जो कि मस्तिष्क में कई बदलावों को लाने में कुशलता का प्रमाण देता है। यह मस्तिष्क के ज़ख्मी होने पर उसे फिर से सुचारू रूप से चलाने और उस पर हुए प्रभावों को ख़त्म करने का भी कार्य करता है। यह प्रक्रिया मनुष्य के मस्तिष्क के लिए अत्यंत ही लाभकारी है। इसके आधार पर सीखने की परम्परा को और भी तीव्र किया जाना संभव है और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में भी और अनवरत सीखते रहने में भी इसकी भूमिका अत्यंत ही महत्वपूर्ण है।

न्यूरोप्लास्टीसिटी बचपन में सबसे ज़्यादा तेज़ी से कार्यरत रहती है। बच्चों का दिमाग वयस्कों के दिमाग से ज़्यादा तीव्रता से कार्य करता है क्योंकि उनमें सीखने की ललक तेज़ होती है। जैसा कि वयस्क और बुज़ुर्ग के दिमाग के विषय में ऊपर कहा जा चुका है उसी के विपरीत बच्चों का दिमाग तेज़ी से किसी भी चीज को सीखने और समझने के लिए परिपक्व होता है। 3 साल की उम्र में किसी भी बच्चे का मस्तिष्क एक वयस्क के मस्तिष्क का 80% हो जाता है। इस समय में और बचपन के समय में बच्चों का मस्तिष्क तेज़ी से सेनाप्सिस तैयार करना शुरू कर देता है। यह उनको तीव्रता से सीखने की कला से नवाज़ता है। यही कारण है की बच्चे कम उम्र में ज़्यादा तेज़ी से सीखने की कला में पारंगत हो जाते हैं।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Neuroplasticity
2. https://brainworksneurotherapy.com/what-neuroplasticity
3. https://bit.ly/2xJBFU2
4. http://news.bbc.co.uk/2/hi/health/6172048.stm
5. https://www.adam-mila.com/brain-development-children-0-6-years/



RECENT POST

  • तीव्रता से बढ़ती जा रही कृत्रिम मांस की मांग
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-01-2021 10:56 AM


  • लखनऊ विश्‍वविद्यालय का संक्षिप्‍त इतिहास
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     23-01-2021 12:18 PM


  • विश्व युद्धों को समाप्त करने में लखनऊ ब्रिगेड का महत्व
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     22-01-2021 03:35 PM


  • जर्मप्लाज्म सैम्पलों (Sample) पर लॉकडाउन का प्रभाव
    स्तनधारी

     21-01-2021 01:41 AM


  • पहला वाहन लेने से पहले ध्यान में रखने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     20-01-2021 11:53 AM


  • भारत की जनता की नागरिकता और उससे जुडे़ विशेष नियम
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     19-01-2021 12:32 PM


  • आदिवासी समूहों द्वारा आज भी स्वदेशी रूप में संजोयी गयी हैं, आभूषणों की प्राचीन कलाएं
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-01-2021 12:47 PM


  • मदद करने से मिलती है खुशी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 12:14 PM


  • क्या मिक्सर ग्राइंडर से बेहतर है भारत भर में प्रचलित सिलबट्टा
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:32 PM


  • वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, लखनऊ की तारे वाली कोठी शाही वेधशाला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:56 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id