लखनऊ बना देश का पहला सीसीटीवी शहर

लखनऊ

 19-07-2019 11:34 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

भारत में शहरों के विकास हेतु स्‍मार्ट सिटी (Smart City) परियोजना को लागू किया गया है, जिसका लक्ष्‍य शहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर जीवन को सरल और सुगम्‍य बनाना है। इसके तहत विकास कार्यों को तीव्रता से संचालित किया जा रहा है। इस परियोजना के लिये भारत में 100 शहरों का चयन किया गया है, जिसमें हमारा लखनऊ भी शामिल है। इस परियोजना के उद्देश्य इस प्रकार हैं:
1) सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की पहुँच को आसान बनाना -
परियोजना के अंतर्गत नगर के पानी, स्वच्छता, विश्वसनीय उपयोगिता सेवाओं, स्वास्थ्य देखभाल, निवेश को आकर्षित करना, पारदर्शी प्रक्रियाओं (जो व्यावसायिक गतिविधियों के क्रियांवयन में सरलता प्रदान करे), को केंद्रित किया जाता है जिससे आवश्यक बुनियादी ढाँचें को प्राप्त करना आसान हो जाता है तथा नागरिक सुरक्षित और सुखद अनुभव करता है।

2) वस्‍तुओं की कम लागत-
नगर वासियों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्‍तुओं को परियोजना के तहत कम लागत में उपलब्‍ध कराया जायेगा।

3) कुशल प्रशासन-
परियोजना के तहत चुने गये शहर में प्रौद्योगिकी का विकास किया जायेगा ताकि कार्य प्रणालियों को कुशलतापूर्वक संचालित किया जा सके तथा शहरों की विभिन्‍न समस्‍याओं का समाधान किया जा सके। इनमें यातायात, प्रदूषण, जल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति, औद्योगिकीकरण आदि शामिल हैं।

4) स्वचालन और समय की बचत-
इसका उद्देश्य किसी भी कार्य को क्रियांवित करने हेतु स्‍वचालन प्रणाली का उपयोग करना है, जिससे अतिरिक्‍त मानव श्रम और समय की बचत हो सके।

5) पानी/अपशिष्ट-
एक स्मार्ट सिटी के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पानी और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पहले की तुलना में बेहतर कार्य करे, जिससे पर्यावरणीय क्षति को कम किया जा सके। भारत के केवल 30% कचरे का उपचार किया जाता है और इसका अधिकांश हिस्सा सीधे नदियों और कचरा भराव क्षेत्र में फेंक दिया जाता है। पाइपों (Pipes) पर सेंसर (Sensor) के माध्‍यम से शीघ्र रिसाव का पता लगाया जायेगा।

6) सुरक्षा-
सुरक्षा किसी भी स्‍थान के नागरिक की मूलभूत आवश्‍यकता है। इसको बनाए रखने के लिए स्मार्ट शहर सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras), हॉटलाइन पैनिक बटन (Hotline Panic Buttons), पहचान प्रणाली आदि का उपयोग करेगा।

लखनऊ शहर जिसके लिए कहा जाता है कि ‘मुस्‍कुराइए आप लखनऊ में हैं’, अब इसके लिए एक नई पंक्ति ‘मुस्‍कुराइए आप कैमरे की निगरानी में हैं’ बन गयी है। इसका प्रमुख कारण लखनऊ में बड़ी संख्‍या में (9,000) लगाए गए CCTV कैमरे हैं। सुरक्षा को दृष्टि में रखते हुए इतनी संख्‍या में कैमरे लगवाने वाला, लखनऊ भारत का पहला सीसीटीवी शहर बन गया है।

लखनऊ शहर में नागरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने राज्‍य की पुलिस के साथ मिलकर पुलिस कार्यों का आधुनिकीकरण करने की योजना बनायी, जिसे स्मार्ट सिटी सर्वेलेंस प्रोजेक्ट (Smart City Surveillance Project) नाम दिया गया। इस परियोजना को डिज़ाइन (Design) करने और क्रियांवित करने के लिए विश्‍व की नवीनतम सर्वश्रेष्‍ठ तकनीकों का उपयोग किया गया। इस परियोजना का शीर्षक ‘दृष्टि’ रखा गया, जिसका अनावरण 12 अप्रैल 2015 को, उत्तर प्रदेश के तत्‍कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इसमें 280 कैमरों के साथ 70 क्रॉसिंग (Crossings) शामिल थीं।

लखनऊ पुलिस अब सरकार पर अत्यधिक वित्तीय दबाव डाले बिना पूरे शहर पर निगरानी रखने के लिए स्मार्ट निगरानी प्रणाली के साथ व्यावसायिक संस्‍थानों द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत कर रही है। इस परियोजना का मुख्‍य उद्देश्‍य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना, सड़कों पर होने वाले अपराध को नियंत्रित करना और यातायात प्रबंधन करना है। सड़कों पर कानून व्‍यवस्‍था को सुचारू रूप से कार्यान्वित करने के लिए यह परियोजना लखनऊ पुलिस के लिए सहायक सिद्ध हो सकती है।

स्‍मार्ट सिटी परियोजना में सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए कैमरों का प्रयोग तो किया जा रहा है किंतु इसकी भी कुछ कमियाँ हैं:
1)
सीमित गोपनीयता
2) भारत जैसे देश में पर्याप्‍त निगरानी संसाधनों के उपयोग के बाद भी अपराध तब तक कम नहीं होंगे, जब तक अपराधियों का पता लगने के बाद उचित कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती।
3) कैमरे के माध्‍यम से अब हर व्‍यक्ति पर नज़र रखी जा रही है। इससे संकलित सूचनाओं का दुरुपयोग गैरकानूनी गतिविधियों और व्यक्तिगत लाभ के लिए किया जा सकता है।

इस प्रकार आधुनिक सुविधाओं का उपयोग तब तक कोई प्रभावी परिणाम सामने नहीं लाएगा जब तक कि इसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता न लायी जाए।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2SmRL1P
2. https://india.smartcitiescouncil.com/article/lucknow-goes-hi-tech-security
3. https://declara.com/content/ma24Awbg



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