किसी के मान को ठेस ना पहुँचाने के लिए इंद्रजाल कॉमिक्स ने उठाया था फैंटम में ये कदम

लखनऊ

 08-06-2019 11:03 AM
ध्वनि 2- भाषायें

कॉमिक्स (Comics) एकमात्र ऐसी चीज़ हैं जो हमें वापस अपने बचपन की कल्पनाओं के संसार में ले जाती हैं। कॉमिक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही बपचन की सारी यादें ताज़ा हो जाती हैं और हमारी आंखों के सामने बहुत सारे कॉमिक्स के पात्र आ जाते हैं, जिनमें एक अलग ही आकर्षण होता था। भारत में कॉमिक्स का इतिहास पुराना रहा है। यहां तरह-तरह की लोक कथाओं और पौराणिक कथाओं को लेकर कॉमिक्स बनती रही हैं जिन्हें बच्चो के अलावा बड़ों ने भी बहुत पसंद किया। करीब 1960 से 1980 तक कॉमिक्स के प्रकाशन बड़े पैमाने पर हुये और सफल भी हुए। इस समय को कॉमिक्स इंडस्ट्री (Comics Industry) का स्वर्णिम युग भी कहा जाता था। ये वो समय था जब कुछ ही हफ्तों में लाखों कॉमिक्स बिक जाया करती थीं। इसी समय इंद्रजाल कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित ‘फैंटम’ कॉमिक्स भारत की सबसे लोकप्रिय कॉमिक बन गई।

द फैंटम (The Phantom), अमेरिकी चित्रकथाओं की श्रृंखला का एक काल्पनिक नायक है, जिसे पहली बार ली फ़ाक (जन्म-28 अप्रैल, 1911, अमेरिका के लेखक, थियेटर के निदेशक तथा लोकप्रिय कॉमिक श्रृंखलाओं के रचयिता) द्वारा फरवरी 1936 में प्रकाशित किया गया जो एक अन्य प्रसिद्ध कॉमिक्स पात्र ‘जादूगर मैनड्रैक’ के रचयिता भी थे। इनका असली नाम लियोन हैरिसन ग्रोस था। इनकी इस कॉमिक को पहली बार एक अखबार में छापा गया था और इसका प्रकाशन अभी तक जारी है। इसका मुख्य किरदार, ‘फैंटम’, पोशाक पहना ज़ुल्म से लड़ने वाला एक पात्र है जिसका शरणस्थल अफ्रीका के काल्पनिक राष्ट्र ‘बैंगाला’ में बताया जाता है। एक पात्र के रूप में फैंटम को पहला सुपरहीरो (Superhero) भी माना जाता है।

भारत में, द फैंटम पहली बार 1950 के दशक में द इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया (The Illustrated Weekly of India) में दिखाई दिया। इसके बाद इसकी शृंखला पहली बार 1964 में शुरू हुई जब इंद्रजाल कॉमिक्स का प्रकाशन शुरू हुआ। इन्द्रजाल कामिक्स मार्च 1964 में टाइम्स ऑफ इण्डिया (Times of India) के प्रकाशक (बेनेट, कोलमन ऐण्ड कम्पनी) द्वारा शुरू की गई एक कॉमिक्स की शृंखला थी, जिसके पहले 32 संस्करणों में ली फ़ाक की फैंटम की कहानियां शामिल थीं और इसका प्रकाशन 1990 तक हुआ था। बाद में इंद्रजाल ने कई भारतीय भाषाओं में द फैंटम को प्रकाशित किया। उन वर्षों में, अन्य भारतीय प्रकाशकों ने भी फैंटम कॉमिक को प्रकाशित किया जिसमें सबसे प्रमुख डायमंड कॉमिक्स, यूरो बुक्स (Euro Books ) और रानी कॉमिक्स हैं। आज भी, द फैंटम कई भारतीय अखबारों और पत्रिकाओं में कई भाषाओं में प्रकाशित होता है।

ये कथा और एक वजह से भी महत्व रखती है और वो है इस कथा में 'भारतवर्ष' का ज़िक्र होना। वैसे तो बेताल (फैंटम का बंगाली नाम) कथा में भारत का ज़िक्र होना कोई नयी बात नहीं है क्योंकि फ़ाक ने शुरू में बेताल का घर भारत में ही सोचा था और शुरुआत की सभी कहानियां भारत में ही घटित हुई थीं, परंतु इंद्रजाल कॉमिक्स ने सतर्कता दिखाते हुए किसी भी विवाद को टालने की मंशा से संवादों में कांट-छांट की जिससे कि भारत से जुड़ाव किसी भी कथा में प्रतीत न हो, जैसे कि 'बंगाली जंगलों' को अफ्रीका के 'देंकाली जंगल' कर दिया, कथा में समुंद्री लुटेरे 'रामा' को 'रामालु' कर दिया गया, यहाँ तक कि इस कथा में समुद्री डाकू ‘सिंह’ को ‘सिंगा’ कर दिया गया। हिंदी के अलावा कन्नड़, तमिल, मराठी, बंगाली, गुजराती, मलयालम अदि भाषाओं में भी फैंटम या बेताल की कहानियाँ घर-घर पहुँचीं थी।

मूल कहानी
बेताल की कहानी का आरम्भ 16वीं शताब्दी के क्रिस्टोफ़र वाकर नामक युवा नाविक से होता है। जो अपने कप्तान पिता के साथ जहाज़ से कहीं जा रहा था। उसी समय जहाज़ पर बैंगाला की खाड़ी में ‘सिंह ब्रदरहुड’ (Singh Brotherhood) नामक तस्करों ने आक्रमण कर दिया और 20 वर्षीय बालक क्रिस्टोफ़र वाकर ने देखा कि उसके पिता को मार दिया गया और वह अकेला ही बचा तथा बह कर बैंगाला तट पर जा पहुंचा जहाँ उसे पिग्मियों (Pygmies) के बान्डर नामक आदम जाति के लोगों ने देखा और उसकी देखभाल की। यहीं उसने शपथ ली कि वो अपने जीवन को चोरी, लालच, क्रूरता और अन्याय के विनाश के लिए समर्पित कर देगा, और वो इस प्रकार पहला फैंटम बना। भौगोलिक रूप से, फैंटम बंगाल (भारत) में रहता था, और समुद्री लुटेरों से लड़ता था।

संदर्भ:
1. http://chesscomicsandcrosswords.blogspot.com/2013/07/racism-in-phantom-and-mandrake-comics.html
2. https://www.outlookindia.com/magazine/story/white-skin-black-mask/207314
3. http://lucknowbookclub.com/the-phantom-the-ghost-who-still-walks/
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Indrajal_Comics
5. https://en.wikipedia.org/wiki/The_Phantom
6. https://en.wikipedia.org/wiki/Lee_Falk



RECENT POST

  • एक जंगली लड़के की दुविधा की कहानी है, फेरल (Feral)
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     31-05-2020 11:45 AM


  • एक नरभक्षी कलाकार जिसने बनाया था, नवाब असफ उद दौला का चित्र
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     30-05-2020 09:25 AM


  • प्राचीन समय में शारीरिक रूप से संचालित किए जाते थे पंखे
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     29-05-2020 10:00 AM


  • अप्रवासी भारतीयों का कोरोना महामारी से लड़ने में योगदान
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     28-05-2020 10:00 AM


  • सार्वभौमिक अनुप्रयोग या प्रयोज्यता के विचार का समर्थन करती है सार्वभौमिकता की अवधारणा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-05-2020 12:30 AM


  • कहाँ से प्रारम्भ होता है, भारतीय पाक कला का इतिहास
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2020 09:45 AM


  • विभिन्न संस्कृतियों में हैं, शरीर पर बाल रखने के सन्दर्भ में अनेकों दृष्टिकोण
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     25-05-2020 10:00 AM


  • वांटाब्लैक (Vantablack) - इस ब्रह्माण्ड में मौजूद, काले से भी काला रंग
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     24-05-2020 10:50 AM


  • क्या है, ईद अल फ़ित्र से मिलने वाली सीख ?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     23-05-2020 11:15 AM


  • भारत में कितनों के पास खेती के लिए खुद की जमीन है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-05-2020 09:55 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.