विश्व के पसंदीदा शौकों में से एक, विषयगत डाक टिकट संग्रह करना

लखनऊ

 14-05-2019 11:00 AM
द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

इंटरनेट (Internet) के माध्यम से डाक टिकटों का संग्रह वर्तमान में दुनिया का एक पसंदीदा शौक बन गया है। सामयिक या विषयगत डाक टिकट संग्रह किसी विशेष विषय या अवधारणा से संबंधित डाक टिकटों का संग्रह है। इन डाक टिकटों के विषय कुछ भी हो सकते हैं जैसे टिकटों पर पक्षी, मछली, कीड़े, डायनासोर, लोग, राष्ट्रपति, जहाजों, अमेरिकी टिकटों पर अमेरिकी अंतरिक्ष अन्वेषण इतिहास, सोवियत (Soviet) टिकटों पर सोवियत अंतरिक्ष अन्वेषण इतिहास, मुहर आदि मुद्रित होते हैं। एशिया का पहला चिपकने वाला टिकट ‘सिंडे डॉक’ 1852 में सिंध प्रांत में पेश किया गया था। 1882 में भारत में डाक टिकटों का एक नया सेट जारी किया गया, जिसमें विक्टोरिया की तस्‍वीर छपी थी। इन टिकटों का उस समय बहुत अधिक उपयोग किया गया जो आज भी काफी आम है।

स्वतंत्रता की पहली वर्षगांठ (15 अगस्त 1948) पर महात्मा गांधी जी के चित्र वाला एक टिकट जारी किया गया, जिसके ठीक एक साल बाद भारत की व्यापक सांस्कृतिक विरासत मंदिर, मूर्तियों, स्मारकों, और किलों को दर्शाने वाले टिकटों को जारी किया गया। तब से ही गांधी, नेहरू और अन्य ऐतिहासिक हस्तियों का चित्र डाक टिकटों पर दिखाई देने लगा। किंतु अब नए विषय भी भारतीय डाक टिकटों पर अपना स्थान बना रहे हैं। 6 जुलाई 1968 को नई दिल्ली में नेशनल फिलेटलिक म्यूज़ियम ऑफ़ इंडिया (National Philatelic Museum of India) का उद्घाटन किया गया था जहां भारत डाक टिकट के बड़े संग्रह को डिज़ाइन (Design), मुद्रित और जारी किया गया। भारतीय टिकटों के इन संग्रहों का उपयोग विदेशों के साथ-साथ प्रारंभिक भारतीय पोस्टकार्ड (Postcard), डाक स्टेशनरी (Stationery) और विषयगत संग्रह के लिए भी किया गया। 2009 में संग्रहालय को बड़े पैमाने पर पुनर्निर्मित किया गया था।

ऑनलाइन मार्केटप्लेस (Online Marketplace) और ट्रेड प्लेटफॉर्म (Trade Platform) नए टिकटों को इकट्ठा करने का सबसे साधारण तरीका हैं। आज इंटरनेट का उपयोग करके विश्व के लोगों द्वारा ‘विश्व गांधीजी टिकट’ के संग्रह पर ध्यान केंद्रित किया गया है जिन्‍हें आप ऑनलाइन देख व खरीद सकते हैं। परन्तु वर्तमान में संग्रह के लिये रामायण आधारित टिकटें भी भारतीयों के लिए एक अच्छा विकल्प सिद्ध हो सकती हैं। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस ने पिछले कुछ दशकों में रामायण से संदर्भित बहुत ही सुंदर टिकटें जारी की हैं जिनके कुछ उदहारण निम्नलिखित हैं:
इंडोनेशिया द्वारा जारी टिकटें: 1962 में जारी की गयी टिकटों में भगवान राम, देवी सीता, हनुमान, जटायु, रावण आदि को दिखाया गया है। इसके अलावा 2016 में ही जारी एक और डाक टिकट में हनुमान लंका को जलाते हुए दिखाई दे रहें हैं।
थाईलैंड द्वारा जारी टिकटें: 1996 में जारी की गयी इन टिकटों में राम को मारिच का शिकार करते हुए दिखाया गया। 2005 में जारी टिकट में राम की सीता से मुलाकात, राम रावण युद्ध और समुद्र पार कर लंका में वानर सेना का प्रवेश दिखाया गया है।
लाओस में जारी टिकटें: 1969 में जारी की गयी टिकटों में जटायु और रावण के बीच के द्वंद्व को दर्शाया गया और उसी वर्ष एक अन्य टिकट जारी की गयी जिसमें सीता को अग्नि परीक्षा देते हुए दिखाया गया। 2004 में जारी टिकट में राम बाली को मारते हुए दिखाये गये हैं।
कंबोडिया में जारी डाक टिकट: 2006 में जारी किये गये इस टिकट में भगवान राम के पुत्र लव और कुश को तीरंदाजी का अभ्यास करते हुए दिखाया गया है।

कई लोग इन टिकटों का संग्रह करने में रुचि रखते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत को प्रदर्शित करती हैं। इन रामायण आधारित टिकटों का संग्रह अधिकतम 100 या उससे ऊपर भी हो सकता है। इन संग्रहों में रामायण की विभिन्न घटनाओं जैसे बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किन्दा कांड, सुंदर कांड, युद्ध कांड और उत्तर कांड को दिखाया गया है। प्रत्येक टिकट की कीमत 5 रुपये से 600 रुपये तक या उससे अधिक भी हो सकती है तथा इनकी कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि टिकटें कितनी दुर्लभ हैं, कहां बेची जा रहीं है और इनका विक्रेता कौन है। इन टिकटों का संग्रह ऑनलाइन भी उपलब्ध हो जाता है। हाल ही में ‘इंडिया-एशियन समिट’ (India-ASEAN Summit) के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने रामायण पर आधारित डाक टिकटों का एक सेट जारी कर इस महाकाव्य के इतिहास को दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में साझा किया। रामायण आधारित टिकटें सांस्कृतिक विरासत का प्रसार तो कर ही रहीं हैं किन्तु इनका संग्रह राष्ट्रों के बीच मित्रता बढ़ाने में भी सहायक है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Topical_stamp_collecting
2.http://www.phila-art.com/product-category/themesntopics/
3.http://gandhistamps.com/
4.https://topyaps.com/ramayana-stamps-from-southeast-asia/
5.https://qz.com/india/1351211/hindu-epic-ramayanas-global-journey-on-postage-stamps/
6.https://bit.ly/2JCBCCZ
7.https://en.wikipedia.org/wiki/Postage_stamps_and_postal_history_of_India



RECENT POST

  • संथाली जनजाति के संघर्षपूर्ण लोग और उनकी संस्कृति
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     30-06-2022 08:38 AM


  • कई रोगों का इलाज करने में सक्षम है स्टेम या मूल कोशिका आधारित चिकित्सा विधान
    कोशिका के आधार पर

     29-06-2022 09:20 AM


  • लखनऊ के तालकटोरा कर्बला में आज भी आशूरा का पालन सदियों पुराने तौर तरीकों से किया जाता है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:18 AM


  • जापानी व्यंजन सूशी, बन गया है लोकप्रिय फ़ास्ट फ़ूड, इस वजह से विलुप्त न हो जाएँ खाद्य मछीलियाँ
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:27 AM


  • 1869 तक मिथक था, विशाल पांडा का अस्तित्व
    शारीरिक

     26-06-2022 10:10 AM


  • उत्तर और मध्य प्रदेश में केन-बेतवा नदी परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा बन गई बड़ी चुनौती
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:53 AM


  • व्यस्त जीवन शैली के चलते भारत में भी काफी तेजी से बढ़ रहा है सुविधाजनक भोजन का प्रचलन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:51 AM


  • भारत में कोरियाई संगीत शैली, के-पॉप की लोकप्रियता के क्या कारण हैं?
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:37 AM


  • योग के शारीरिक और मनो चिकित्सीय लाभ
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:21 AM


  • भारत के विभिन्‍न धर्मों में कीटों की भूमिका
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:56 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id