देश भर में ले जायी जाती है रामपुर से माता की चुनरी

लखनऊ

 06-04-2019 07:05 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

नवरात्रि हिंदू पर्व है जिसे पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत के विभिन्न राज्‍यों में नवरात्रि को अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों - महालक्ष्मी, महासरस्वती तथा दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा होती है जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं। माना जाता है कि देवी दुर्गा ने इस समय महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसलिए अहंकार और बुराई पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में नवरात्रि मनाई जाती है। नवरात्रि के समय मां दुर्गा के इन्हीं नौ रूपों की उपासना का समय होता है, जिसमें प्रत्येक दिन दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है। 10वें दिन को आमतौर पर विजयदशमी या दशहरा कहा जाता है।

नवरात्रि के पहले दिन से नौवे दिन तक व्रत रखकर माँ दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही घरों में अखंड ज्योत और कलश की स्थापना की जाती हैं। माता की पूजा हेतु लोग विभिन्‍न साधनों का उपयोग करते हैं, जिसमें चुनरी का विशेष महत्‍व है। रामपुर में बनाई जाने वाली माता की चुनरी की चमक पूरे देश में है। उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर (वैष्णो देवी मंदिर) के सिद्ध पीठों में भी रामपुर की चुनरी चढ़ाई जाती हैं। शक्तिपीठ मां बेल्हादेवी मंदिर में भी माता का श्रृंगार मथुरा की माला और रामपुर की चुनरी से किया जाता है।

माता की चुनरी बनाने के लिए देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से व्‍यापारी रामपुर के स्‍थानीय कारीगरों को पहले ही मांग दे देते हैं तथा पूरे वर्ष यहां के हिन्‍दू-मुस्लिम कारीगर माता की चुनरी तैयार करने का कार्य करते हैं। हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक रामपुर शहर अपनी जरदोजी और कारचोब के लिए भी जाना जाता है। यहां पर रहने वाले कई मुस्लिम परिवार मजार पर चढ़ाने वाली चादर के साथ-साथ देवी के मंदिरों में माता को चढ़ाने वाली चुनरियां बनाने का कार्य भी करते हैं। यहाँ पर बनाई जाने वाली चुनरी मशीनों के बजाय सुईं-धागे द्वारा हाथों से तैयार की जाती हैं। चुनरियों को सुंदर बनाने के लिए गोटा, डोरी, जरी, सितारा, चांदना, स्टोन(stone), लैस(lace) आदि का प्रयोग किया जाता है। इसे तैयार करने में काफी समय और मेहनत लगती हैं। यहाँ पर बनी माता की चुनरी 25 रुपये से लेकर 550 रुपये में मिलती है, जो काफी खूबसूरत होती हैं।

संदर्भ-

1. https://www.jagran.com/uttar-pradesh/moradabad-city-up-newsmata-ki-chunarima-durga-templerampur-17684161.html
2. https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/pratapgarh/navratri-started
3. https://smartnews.it8.in/news/152463/746335205/


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