जावा (इंडोनेशिया) की रामलीला

लखनऊ

 21-10-2018 10:00 AM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

ऊपर दिए गए विडियो में आप रामायण की कला कृति देख सकते है। आपको यह जान के आश्चर्य होगा की यह कला कृति जावा(इंडोनेशिया) के एक मंदिर परिसर की है। हम सभी जानते है की इंडोनेशिया एक मुस्लिम प्रधान देश है लेकिन फिर भी उनकी संस्कृति में रामायण की एक गहरी छाप है ।

रामकथा पर आधारित जावा (जोकि इंडोनेशिया में बाली और सुमात्रा के बीच एक द्वीप है) की प्राचीनतम कृति 'रामायण काकावीन' है। रामायण काकावीन की रचना कावी भाषा में हुई है। यह जावा की प्राचीन शास्रीय भाषा है। कावी भाषा में कई महाकाव्यों का सृजन हुआ है।उनमें रामायण काकावीन का स्थान सर्वोपरि है।

'रामायण काकावीन 26 अध्यायों में लिखी है। रामायण का कावीन में शूपंणखा प्रकरण से सीता हरण तक की घटनाओं का वर्णन वाल्मीकीय परंपरा के अनुसार हुआ है। सुग्रीव मिलन और बालिवध की घटनाओं का वर्णन भी वाल्मीकीय परंपरा के अनुसार हुआ है। राम राज्योभिषेक के बाद महाकवि रामकथा के महत्त्व पर प्रकाश डालते हैं। उनकी मान्यता है कि राम चरित्र जीवन की संपूर्णता का प्रतीक है।

'रामायण काकावीन' ज्यादा तर नृत्य नाटक के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। 'रामायण काकावीन' कला कृति प्रम्बन्न के एक विशाल हिन्दू मंदिर परिसर में आयोजित की जाती है। प्रम्बनन जावा में एक विशाल हिन्दु मन्दिर-परिसर है। इसका निर्माण में 850 CE में हुआ। यह युनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल है और लोकप्रिय पर्यटन स्थल और तीर्थस्थान भी है।इसमें तीन प्रमुख मन्दिर शिव, विष्णु और ब्रह्मा की हैं। शिव मन्दिर में तीन और मूर्तियां हैं- दुर्गा, गणेश और अगस्त्य की। शिव, ब्रह्मा, विष्णु के वाहन नन्दी, हंसऔर गरुड के भी मन्दिर हैं।

संदर्भ:

1.https://en.wikipedia.org/wiki/Prambanan
2.http://ignca.nic.in/coilnet/rktha008.htm
3.https://www.youtube.com/watch?v=oPSNCVv9lMw



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