इस लेख का शीर्षक पढ़के कई लोगों के बचपन की यादें ज़रूर ताज़ा हो गयी होंगी। प्रस्तुत गीत श्री श्याम लाल गुप्ता ‘पार्षद’ द्वारा सन 1924 में लिखा गया था। 13 अप्रैल 1924 को जलियावाला बाग़ दिवस पर एक सभा में, जिसमें स्वयं जवाहर लाल नेहरु भी उपस्थित थे, इस गीत को पहली बार गाया गया था। इस गीत को ‘झंडा गीत’ के नाम से जाना जाता था तथा इसे भारी मात्रा में लोकप्रियता भी प्राप्त हुई। बहुत कम लोग यह जानते हैं पर इस गीत को लिखने पर श्री श्याम लाल गुप्ता के खिलाफ 500 रूपए का चालान भी जारी किया गया था। कहा जाता है कि श्याम लाल गुप्ता स्वतंत्रता सेनानियों के बीच एक अद्वितीय व्यक्तित्व थे तथा उन्हें सभी देशवासियों द्वारा याद किया जाना वाजिब है।
श्री श्याम लाल गुप्ता ‘पार्षद’ को सन 1973 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। भारत में दूरदर्शन ने इस गीत को 1990-95 के बीच टी।वी। पर प्रसारित किया और तब से यह गीत हमारे दिल में बैठा हुआ है। ऊपर दिए गए वीडियो पर क्लिक करके आप इस गीत को सुन सकते हैं।
संदर्भ:
1.https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/City-forgets-composer-of-Vijayi-Vishwa-Tiranga-Pyara-/articleshow/48435401.cms
2.https://www.youtube.com/watch?v=B-ADGMLXRLE
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