सावधान! आपका प्यारा मोबाइल पहुँचा सकता है आपको नुकसान

लखनऊ

 29-06-2018 02:34 PM
संचार एवं संचार यन्त्र

वर्तमान काल में मोबाइल (Mobile), वाई-फाई (Wi-Fi) आदि का प्रचलन बड़े पैमाने पर फ़ैल रहा है जिसको हम अपने दिनचर्या में देखते आ रहे हैं। अब यह एक प्रश्न उठता है कि क्या ये सभी हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं? ये सभी उपकरण तरंगों पर कार्य करते हैं जो कि पूरे वातावरण में फैली हुई हैं। प्रत्येक बेतार यंत्र वास्तविकता में दो प्रकार के माइक्रोवेव रडियो (Microwave Radio) तरंगों पर कार्य करता है। यह एक प्रकार के चुम्बकीय विद्युत् रेडिएशन (Radiation) तरंग को भेजता और प्राप्त करता है जो कि रेडियो फ्रीक्वेंसी (Frequency) रेडिएशन (आर-एफ) नाम से जाना जाता है। यह मशीन द्वारा बनाया गया रेडिएशन प्राकृतिक चुम्बकीय विद्युत क्षेत्र से लाखों गुना ज्यादा तीव्र होता है। इस प्रकार से प्रत्येक बेतार यंत्र से निकलने वाली तरंगें प्राकृतिक तरंग क्षेत्र को प्रभावित करने का कार्य करती हैं।

जब भी हम मोबाइल को अपने सर से लगा कर बात करते हैं तब फ़ोन से निकलने वाला रेडिएशन हमारे दिमाग में सीधा जाता है। इसी प्रकार से जब भी हम लैपटॉप (Laptop) का प्रयोग करते हैं तो रेडिएशन हमारे पेट, छाती और दिमाग आदि को प्रभावित करने का कार्य करता है। एक मोबाइल हमेशा अपने सिग्नल (Signal) को सही करते रहता है तथा यह अपने नजदीकी सेल टावर (Cell Tower) से संपर्क की तरंगों को प्राप्त करता है तथा यह प्रति सेकंड अत्यंत तीव्र सन्देश भेजता रहता है। इसी तरह एक बेतार यंत्र जैसे कि वाई-फाई, लैपटॉप, टैबलेट (Tablet) आदि भी संपर्क को स्थापित करने के लिए तरंग भेजते रहते हैं। यह व्यवस्था हमेशा शुरू रहती है चाहे संपर्क सफल हो या नहीं। प्रत्येक बेतार यंत्र के प्रयोग करने की पुस्तिका में यह लिखा रहता है कि यंत्र और मानव के बीच में एक निश्चित दूरी का होना आवश्यक है। जैसा कि यदि लैपटॉप की बात की जाए तो मानव शरीर से कम से कम इसका 20 सेंटीमीटर दूर होना अत्यंत आवश्यक है। शरीर पर लैपटॉप रख कर प्रयोग करने से कई समस्याएँ आनी शुरू हो जाती है। शोध से पता चला है कि इन यंत्रों से निकलने वाली तरंगें हमारे दिमाग पर और इसके कार्य करने की क्षमता पर एक प्रभाव डालती है।

सेल फ़ोन या मोबाइल से निकलने वाली तरंगें कैंसर जैसी बिमारी से जुड़ी हुयी हैं तथा ये कैंसर को बुलावा देती हैं। सन 2001 से रेडिएशन से होने वाली कैंसर की घटनाओं में बड़ी वृद्धि देखने को मिली है। फ्रांस में हुए एक अध्ययन के अनुसार लम्बे समय तक मोबाइल फ़ोन प्रयोग करने से दिमाग में कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। मोबाइल को पास में रखकर सोने से भी समस्याएं बड़े पैमाने पर बढ़ जाती हैं। चार्ज पर लगे होने से मोबाइल में विस्फोट होने की भी घटनायें आम हो रही हैं। हाल ही में ‘क्रेडल फण्ड’ के सी.इ.ओ. की मृत्यु भी मोबाइल फ़ोन में होने वाले विस्फोट की वजह से हुयी थी। इससे बचने का कोई उपाय भी अभी तक नहीं मिल पाया है। इन यंत्रों का कम से कम प्रयोग करने पर ही मानव अपने आप को बचा सकता है।

संदर्भ:
1.https://www.indiatoday.in/technology/news/story/cradle-fund-ceo-dies-after-smartphone-explodes-while-charging-in-bedroom-1265922-2018-06-21?ref=taboola
2.https://www.theguardian.com/technology/askjack/2012/sep/27/wi-fi-health-risks
3.https://ehtrust.org/take-action/educate-yourself/top-10-facts-about-cell-phones-and-wi-fi-2/



RECENT POST

  • आप जानते हैं बाजों को कैसे और क्यों प्रशिक्षित किया जाता है ?
    पंछीयाँ

     09-12-2022 10:56 AM


  • गहरे समुद्री अन्वेषण के क्षेत्र में भारत को कौन सा खजाना मिल गया?
    समुद्री संसाधन

     08-12-2022 11:22 AM


  • भारत में वर्षा-संचालित मिट्टी के कटाव का मानचित्र, संरक्षण और बहाली में मदद कर सकता है
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     07-12-2022 11:42 AM


  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक निजी क्षेत्र के बैंकों से किस प्रकार हैं भिन्न
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     06-12-2022 10:21 AM


  • क्या आप की थाली में परोसे जाने वाली मछली ताजी है?
    मछलियाँ व उभयचर

     05-12-2022 11:05 AM


  • ऐसे बनती है, हमारे घरों में प्रतिदिन प्रयोग होने वाली सुगंधित अगरबत्ती
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     04-12-2022 03:16 PM


  • कितना अद्भुत है भगवान श्री कृष्ण का वह विश्वरूप, जिसे केवल अर्जुन ने देखा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-12-2022 10:24 AM


  • कैसे हुआ जीवाश्मों में पाई जाने वाली दुनिया की सबसे पुरानी कवक का विकास
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     02-12-2022 10:33 AM


  • क्या भारत में घट रही है, एचआईवी/एड्स से संक्रमित लोगों की संख्या?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     01-12-2022 11:44 AM


  • वायरस से बचाव के लिए क्या है आवश्यक- चमकादड़ो को मिटाना या उनके निवास स्थान को बचाना
    निवास स्थान

     30-11-2022 10:31 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id