कागज़ी नोटों का संसार

जौनपुर

 21-02-2018 12:14 PM
सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

प्राचीन विश्व में व्यापार का मुख्य साधन वस्तु-विनिमय प्रणाली के आधार पर होता था। जिसमे किसी भी प्रकार की मुद्रा का प्रयोग नहीं होता था तथा व्यक्ति एक वस्तु के बदले दुसरे वस्तु का लेनदेन करते थे । समय के साथ-साथ प्रद्योगिकी बदली और सिक्कों का प्रयोग चालू हुआ, सिक्कों में भी समय के साथ-साथ कई मिश्रण हुए तथा कई प्रकार के सिक्के प्रकाश में आये। वित्तीय उपकरण, विशेषकर विनिमय के बिल को भारत में हुंडिस के रूप में जाना जाता है तथा इसका यहाँ पर एक सम्मानित इतिहास है हालांकि, आधुनिक अर्थों में, कागज के रुपयों का इतिहास 18 वीं सदी तक मापा जा सकता है। ये नोट शुरुआती दौर में मूल रूप से निजी बैंकों के नोट के रूप में देखे जाते थें। बैंक ऑफ हिंदुस्तान (1770-1832), बंगाल में जनरल बैंक और बेहार (1773-75), बंगाल बैंक (1784- 91) आदि ने शुरुआती बैंक नोटो की छपाई करवायी थीं। 1 9वीं शताब्दी में अर्ध-सरकारी बैंकों की स्थापना (बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास, प्रेसीडेंसी बैंक) कागज का पैसे को व्यापक रूप से प्रसारित किये। हालांकि इस तरह के संचलन, विशेषाधिकार प्राप्त की एक बहुत छोटे स्थान तक ही सीमित था। 1861 के पेपर मुद्रा अधिनियम ने भारत सरकार को निजी और प्रेसीडेंसी बैंकों के नोट नोट जारी करने के लिए नोट नोटों की एकाधिकार प्रदान किया। समय-सारिणी मुद्रा के दौरान मुद्रा के नियंत्रक के कार्यालय द्वारा प्रबंधित किया गया। पेपर मुद्रा को शुरू में बुलियन द्वारा समर्थित किया गया था, सरकार को सरकार की प्रतिभूतियों के खिलाफ कागज सीमा जारी करने का विशेषाधिकार बहुत सीमित हद तक था। ये सीमाएं, जिसे 'प्रत्ययी सीमा' कही गयी थी, धीरे-धीरे समय के साथ-साथ कई बदलाव आयें। कागजात के जारी होने के दौरान 1910-20 के बीच पहली बार बढ़ोतरी हुई। यह नोटों के 'सार्वभौमिकरण' के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। 1938 में भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्रथम आम जनता के लिए कागजी मुद्रा की छपाई की जिसपर राजा जॉर्ज 6 का चित्र छपा था, तथा यह 5 रूपए का कागजी मुद्रा थी, तब से आज तक भारत में कागजी मुद्रा के कई स्वरुप बदले। 1-बाजील शेख, द पेपर एंड द प्रोमिसेस : अ ब्रिफ हिस्ट्री ऑफ़ करेंसी एंड बैंकनोट



RECENT POST

  • कैसे बना व्हेल विश्व का सबसे विशालकाय जीव?
    शारीरिक

     03-03-2021 10:21 AM


  • मानव मस्तिष्‍क के आकार और बुद्धिमत्‍ता के बीच संबंध
    व्यवहारिक

     02-03-2021 10:24 AM


  • भारत का लोकप्रिय स्नैक (Snack) है, समोसा
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     01-03-2021 09:53 AM


  • हिंदू धर्म के प्रभाव का परिणाम है, जॉर्ज हैरिसन का हरे कृष्ण महामंत्र
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-02-2021 03:20 AM


  • पक्षी जगत में जीवन के लिए ब्लैक-टेल्ड गोडविट की स्थिति
    पंछीयाँ

     27-02-2021 09:54 AM


  • जंतुओं के समान अनेकों व्यवहार प्रदर्शित करते हैं, पौधे
    व्यवहारिक

     26-02-2021 10:02 AM


  • तांबे के अद्भुत रहस्य
    खनिज

     25-02-2021 10:19 AM


  • नवीकरणीय क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में उपयोगी है, लिथियम की खोज
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     24-02-2021 10:11 AM


  • इतिहास में उर्दू, सूफी ज्ञान और संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र रहा था जौनपुर
    ध्वनि 2- भाषायें

     23-02-2021 11:17 AM


  • शिक्षा में बहुभाषावाद का महत्व
    ध्वनि 2- भाषायें

     22-02-2021 10:04 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id