जौनपुर में मछलियों का व्यवसाय

जौनपुर

 15-01-2018 01:21 PM
मछलियाँ व उभयचर

जलीयजीवों का उद्भव व उनका विकास पृथ्वी पर जीवन की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ब्रान्कियोस्टोमा (ग्रीक शब्द- ब्रान्कियो मतलब गलफड़ा; स्टोमा- मुह) या फिर चाकू की तरह नुकीली (इसके चाकू कि तरह नुकेले आकार की वजह से) मछली विश्व के प्राचीनतम विकसित जीवों में से एक है। ब्रान्कियोस्टोमा का प्रथम उद्गम 530 मिलियन वर्ष पहले हुआ था। यह भारत मे कई स्थानों पर आज भी पायी जाती है जैसे मरीना समुद्र तट। यदि हम जलीय जीवों के प्राचीनतम साक्ष्यों को देखें तो शुरूआती पुराजीवी काल से ही इनके साक्ष्य मिलना शुरू हो जाते हैं, जिनमे प्रोटोज़ोआ, मूँगा, ब्रायोज़ोआ आदि थे परन्तु डेवोनियन काल के आगमन से जलीय जीवों के जगत मे एक तीव्र क्रांति का आगमन हुआ। यह काल मछलियों के विकास के काल के रूप मे जाना जाता है। समय के साथ-साथ मछलियों के प्रकारों मे कई बदलाव आये, प्रोटोज़ोआ या ब्रान्कियोस्टोमा से लेकर आज के शार्क, डेथ-रे, स्टिंग-रे, हिलसा, रोहू, सुरमई आदि अनेक प्रकार की मछलियों का विकास हुआ। प्रागैतिहासिक काल की मेगल्डियन शार्क जो कि अब विलुप्त हो चुकी है सही मायनों मे सबसे विशाल समुद्री मछली थी। व्हेल को मछली की सँज्ञा नही दी जा सकती क्युँकी ये स्तनपायी समाज मे आते हैं। दक्षिण एशिया रोहू मछलियों के लिये जाना जाता है तथा यहाँ के प्रमुख भोजन में रोहू का महत्वपूर्ण स्थान है। जौनपुर पाँच प्रमुख नदियों का जिला है तथा यहाँ पर बड़ी संख्या में तालाब, नहर व नाले पाया जाते हैं जो यहाँ पर जलीय जीवन को सुगम व सरल बनाने का कार्य करते हैं। यहाँ पर रोहू मछली बड़ी संख्या में पायी जाती है तथा यहाँ पर खाने में इस मछली का प्रयोग किया जाता है। रोहू मछली की खेती वर्तमान काल में जौनपुर जिले में बड़े पैमाने पर की जाती है। यहाँ मछली की खेती विगत 5-7 वर्षों में तेजी से प्रारम्भ हुई है, मछलीशहर, शाहगंज, बदलापुर आदि क्षेत्रों में मत्स्य पालन उद्योग में बड़ी तेजी से वृद्धी हुई है। मछली के खेती में लागत कम और मुनाफा बड़े पैमाने पर होता है। रोहू मछली की संज्ञा हीरे से की जाती है। रोहू को रोहू, रूई, अथवा रोहो आदि नामों से जाना जाता है। यह मीठे पानी में रहने वाली मछली है। रोहू मछली का वैज्ञानिक नाम लेबीओ रोहिता है। यह अपने प्रौढावस्था में 2 मीटर तक की हो सकती है। रोहू मछली का पालन जिले में रोजगार को बढावा भी दे रहा है तथा कई किसान इससे लाभान्वित भी हो रहे हैं। प्रस्तुत चित्र मछली बाजार का है जिसमें विभिन्न मछलियों को बेचा जाते हुये प्रस्तुत किया गया है। 1. इवोल्यूशन ऑफ़ लाईफ: एम. एस. रन्धावा, जगजीत सिंह, ए.के. डे, विश्नू मित्तर 2. इंडिका: प्रणय लाल 3. डी. आई. पी. एस. जौनपुर



RECENT POST

  • फैशन जगत में अपना एक नया स्‍थान बना रहा है मछली का चमड़ा
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:29 AM


  • शरीर पर घने बालों के साथ भयानक ताकत और स्वभाव वाले माने जाते थे गोरिल्ला
    शारीरिक

     26-06-2022 10:13 AM


  • सिकुड़ते प्राकृतिक आवासों के बीच, गैर बर्फीले क्षेत्रों के अनुकूलित हो रहे हैं, ध्रुवीय भालू
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:58 AM


  • क्या वास्तव में फ्रोज़न खाद्य पदार्थ की बढ़ती लोकप्रियता ने बदल दिया है भारतीय खाद्य उद्योग को?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:52 AM


  • सामाजिक व् राजनीतिक अन्याय के विरोध का रचनात्मक, शक्तिशाली रूप है, हिप-हॉप या रैप संगीत
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:39 AM


  • पश्चिमी देशों में योग की लोकप्रियता का श्रेय किसे जाता है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     22-06-2022 10:25 AM


  • हथियारों के रूप में कीड़ों का उपयोग
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 10:02 AM


  • क्यों युवा पीढ़ी कर रहे हैं समाचार पढ़ने से परहेज
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 09:02 AM


  • पानी वाली भैंस और गैंडे के बीच संघर्ष को दिखाता वीडियो
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:17 PM


  • पश्चिमी सभ्यता में मस्तिष्क की धारणा एवं मनोदशा बदलने वाला शक्तिशाली मनो सक्रिय पदार्थ साइकेडेलिक
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     18-06-2022 10:06 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id