कुकुरमुत्ता एक फायदे का सौदा, जौनपुर

जौनपुर

 23-11-2017 06:09 PM
फंफूद, कुकुरमुत्ता
मानसून की शुरुआत होते ही पेडों पर, बगीचों में, कच्चे घरों की छतों आदि जगहों पर फफूंद, कुकुरमुत्ता आदि उगने लगता है। यह देखने में छतरी नुमा होता है। कुछ कुकुरमुत्ते सफेद रंग के होते हैं, कुछ अन्य काले व चित्तेदार रंग के। कुकुरमुत्ता नाम से एक प्रथा भारत के कई जगहों पर फैली है। लोगों के अनुसार- कुकुर (कुत्ता) मुत्ता (मूत्र) अर्थात् कुत्ता जहाँ मूत्र त्याग करता है वहाँ पर ही कुकुरमुत्ता उगता है। कुकुरमुत्ता एक प्रकार का कवक है जो सिर्फ मानसून के समय में ही उगता है। कवक या फफूंद एक प्रकार का जीव है जिसके समुदाय में कई प्रकार के पौधे आते हैं। जैसा की कवक पौधे की तरह दिखते हैं तथा एक स्थान पर अपने आप को स्थापित करके रखते हैं तो ये साधारणतया वनस्पतियों की श्रेणी में आते हैं। कवक की पूरी दुनिया में करीब 80 से 90 हजार जातियाँ पायी जाती हैं। यह अपना भोजन सड़े गले मृत कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हैं। यह संसार के प्रारंभ से ही जगत में उपस्थित हैं। इनका सबसे बड़ा लाभ इनका संसार में अपमार्जक के रूप में कार्य करना है। कुकुरमुत्ता मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। एक वो जो जंगली हैं तथा दूसरे जो कि भोज्य पदार्थ के रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं। खाने वाले कुकुरमुत्ते को खुंबी नाम से जाना जाता है। कुकुरमुत्ता अपना खाना स्वयं संश्लेषित नहीं कर पाता। जौनपुर में कई आम, अमरूद आदि के बगीचे हैं जिसमें कुकुरमुत्ते व अन्य कई प्रकार के कवक देखने को मिल जाते हैं। अब से करीब एक दशक पहले तक यहाँ पर खाने वाले कुकुरमुत्ते के बारे में बहुत कम लोग ही जानते थे, परन्तु अब यहाँ पर भारत व विश्व के अन्य कोनों से बड़ी संख्या में इनको मंगाया जाता है। बदलापुर, मछलीशहर, सदर आदि जगह की मंडियाँ खाने वाले कुकुरमुत्तों से भरी पड़ी हैं। वैसे तो इसकी खेती में लागत ज्यादा है परन्तु वर्तमान में माँग को देखकर यह कहना गलत नहीं है कि कुकुरमुत्ते की खेती फायदे का सौदा है। जौनपुर में इसकी खेती की जा सकती है तथा यहाँ के कई किसान इसकी तरफ अपना रुख कर रहे हैं। 1. https://goo.gl/XzPCiT 2. https://goo.gl/4vHQSv 3. https://goo.gl/ZX2VdZ

RECENT POST

  • क्‍या है विशालकाय सब्‍जियों के पीछे का विज्ञान?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें साग-सब्जियाँ

     21-06-2021 07:34 AM


  • शास्त्रीय संगीत का कार्टूनों की दुनिया में उपयोग
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-06-2021 12:35 PM


  • भारतीय ग्रे नेवला (हर्पेस्टेस एडवर्ड्सी) बेहद रोचक और उपयोगी जानवर है।
    स्तनधारी

     19-06-2021 02:24 PM


  • सिंचाई करते समय पानी की बर्बादी को खत्म करने में सहायक है ड्रिप इरिगेशन तकनीक
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-06-2021 09:23 AM


  • जौनपुर का गौरवपूर्ण इतिहास दर्शाती है खालिस मुखलिस मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:42 AM


  • दुनिया भर में लोकप्रियता के मामले में फुटबॉल ने क्रिकेट को पछाड़ दिया है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:55 PM


  • देवनागरी लिपि का इतिहास और विकास
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 11:20 AM


  • कोविड के दौरान देखी गई भारत में ऊर्जा की खपत में गिरावट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     14-06-2021 09:13 AM


  • पानी में तैरने, हवा में उड़ने, और बिल को खोदने के लिए सांपों ने किए हैं, अपने शरीर में कुछ सूक्ष्म परिवर्तन
    व्यवहारिक

     13-06-2021 11:42 AM


  • प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध ने दिया भारतीय स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-06-2021 11:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id