लेपाक्षी मंदिर की अचरज भरी वास्‍तुकला

जौनपुर

 25-04-2021 12:04 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

16 वीं शताब्दी का सुंदर वीरभद्र मंदिर, जिसे लेपाक्षी मंदिर भी कहा जाता है, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के छोटे से ऐतिहासिक गाँव लेपाक्षी में स्थित है।

वीरभद्र मंदिर एक और इंजीनियरिंग (engineering )) आश्चर्य के लिए प्रसिद्ध है। 70 पत्थर के खंभों में से एक छत से लटका हुआ है। स्तंभ का आधार मुश्किल से जमीन को छूता है और उसके नीचे से वस्तुओं को पास करना संभव है जैसे कागज की पतली शीट या एक तरफ से कपड़े का टुकड़ा। ऐसा कहा जाता है कि यह स्तंभ अपनी मूल स्थिति से थोड़ा हटकर है यह तब पता चला जब एक ब्रिटिश इंजीनियर (British engineer) ने इसके समर्थन के रहस्य को उजागर करने के असफल प्रयास में इसे स्थानांतरित करने की कोशिश की। वीरभद्र मंदिर दो भाइयों विरन्ना और विरुपन्ना द्वारा बनाया गया था, जो राजा अच्युतराय के शासन काल के दौरान विजयनगर साम्राज्य के अधीन राज्‍यपाल थे। लेपाक्षी गांव महान भारतीय महाकाव्य रामायण में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक किंवदंती है कि लंका के रावण द्वारा घायल पक्षी जटायु, जिसने माता सीता का अपहरण करते समय राजा (रावण) को रोकने का असफल प्रयास कियामूर्छित होकर इसी स्‍थान पर गिरा था। जब राम वहां पहुँचे, तो उन्होंने पक्षी को देखा और उनसे दयापूर्वक कहा, “ले पाक्षी” -- तेलुगू में जिसका अर्थ है "पुनर्जीवितपक्षी"।

संदर्भ

https://bit.ly/3tQ9vVk

https://bit.ly/3gCcQTW



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