Post Viewership from Post Date to 29-Dec-2020
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
1370 243 1613

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

जौनपुर में पाई जाने वाली मृदा का संक्षिप्त विवरण

जौनपुर

 24-12-2020 10:51 AM
भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

भारत की मृदा सम्पदा पर देश के उच्चावच तथा जलवायु का व्यापक प्रभाव परिलक्षित होता है। देश में इनकी विभिन्नताओं के कारण ही अनेक प्रकार की मिट्टियाँ पायी जाती हैं। भारत में मिट्टी को मुख्‍यतः पांच भागों, जलोढ़ मिट्टी, काली मिट्टी या रेगुर मिट्टी, लाल मिट्टी, लैटराइट (Laterite) मिट्टी तथा मरु मिट्टी में विभाजित किया गया है। कृषि की दृष्टि से भारत में आठ मिट्टी प्रमुख हैं: जलोढ़ मिट्टी; काली मिट्टी; लाल एवं पीली मिट्टी; लैटराइट मिट्टी; शुष्क मृदा; लवण मृदा; दलदली मृदा और वन मृदा। जौनपुर में उपजाऊ खेती योग्य भूमि (गोमती के किनारे होने के कारण जलोढ़ मिट्टी) का एक बड़ा क्षेत्र है जो विभिन्न खाद्य और नकदी फसलों के लिए उपयोग की जाती है। वहीं मुख्य रूप से जौनपुर में रेतीली और दोमट, जलोढ़, रेतीली, क्षारीय प्रकृति वाली रेतीली दोमट मिट्टी पाई जाती है।
जलोढ़ मिट्टी : जलोढ़ मिट्टी को जल द्वारा बहाकर लाया जाता है तथा किसी अन्‍य स्‍थान पर एकत्रित किया जाता है। यह भुरभुरी अथवा ढीली होती है। जलोढ़ मिट्टी प्रायः विभिन्न प्रकार के पदार्थों से मिलकर बनी होती है जिसमें गाद तथा मृत्तिका के महीन कण तथा बालू और बजरी के अपेक्षाकृत बड़े कण भी होते हैं। यह मृदा लगभग 15 लाख वर्ग कि.मी. या कुल क्षेत्र के लगभग 46% हिस्‍से का आवरण करती है तथा सबसे बड़ी मृदा समूह है। यह सबसे अधिक उत्पादक कृषि भूमि प्रदान करते हुए भारत की 40% से अधिक आबादी का समर्थन करती है। इस मृदा में नाइट्रोजन (Nitrogen) का अनुपात कम होता है तथा पोटाश (Potash), फॉस्फोरिक एसिड (Phosphoric Acid) और क्षार पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध होते हैं और इसका पीएच मान (PH value) 6.6-8 है। यदि हम भारत में इसकी उपलब्धता की बात करें तो यह उत्तर पूर्वी क्षेत्र (गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी में इंडो-गैंगेटिक (Indo-gangetic) मैदानी इलाकों) में पाया जाता है, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश। वहीं तम्बाकू, कपास, चावल, गेहूं, बाजरा, ज्वार, मटर, अरहर, चना, काला चना, हरा चना, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, अलसी, तिल, जौ, जूट, मक्का, कोई भी तिलहन, सब्जियाँ और फल आदर्श सिंचाई के तहत इस मिट्टी में उगाए जा सकते हैं।
दोमट मिट्टी : दोमट मिट्टी रेत, गाद और मिट्टी का एक संयोजन है और इसमें प्रत्येक के लाभकारी गुण मौजूद रहते हैं। इसकी नमी और पोषक तत्वों को बनाए रखने की क्षमता की वजह से इसे खेती के लिए बेहतर माना जाता है। ऐसी दोमट मिट्टी को कृषि मृदा कहा जाता है क्योंकि इसमें तीनों प्रकार की मिट्टी की सामग्री का मिश्रण होता है जिसमें रेतीली, चिकनी मिट्टी और गाद होती है, और ह्यूमस (Hummus) भी निहित होता है। दोमट मिट्टी में गाद, रेत और चिकनी मिट्टी के अंश मिश्रित होने की वजह से भिन्न-भिन्न प्रकार की दोमट बनती हैं जैसे रेतीली दोमट, गाद दोमट, चिकनी दोमट, रेतीली चिकनी दोमट आदि। इनके अलावा, इसके अजैवी स्रोतों के कारण इसमें कैल्शियम (Calcium) और पीएच का स्तर अधिक होता है। इसमें गाद मृदा की तुलना में जल रिसाव और जल निकासी की अधिक प्रबल क्षमता होती है। इसकी यही जलावशोषण क्षमता इसे फसल उगाने के लिए आदर्श बनाती है।
गेहूं, गन्ना, कपास, दलहन और तिलहन सहित कई फसलों को उगाने के लिए दोमट मिट्टी आदर्श है। इस दोमट मिट्टी में, सब्जियां भी अच्छी तरह से उगती हैं। टमाटर, मिर्च, हरी सेम, खीरे, प्याज, और सलाद पत्ता आम सब्जियों और फसलों के कुछ उदाहरण हैं जो एक दोमट मिट्टी में अच्छी तरह से उगते हैं। मीठी मकई, भिंडी, मूली, बैंगन, गाजर, सेम की फली, प्याज और पालक अन्य आम सब्जियां हैं जो रेतीले दोमट मिट्टी में अच्छी तरह से उगती हैं। सामान्य तौर पर, रेतीले दोमट मिट्टी में जड़ वाली सब्जियों और पत्तेदार सब्जियों के पौधे अच्छी तरह से विकसित होते हैं।

संदर्भ :-
https://bit.ly/37IM7jX
https://bit.ly/34yh8oE
https://bit.ly/3hoZol3
https://www.quora.com/What-is-alluvial-soil
http://jaunpur.kvk4.in/district-profile.html
https://bit.ly/38qOdUB
चित्र संदर्भ:
मुख्य तस्वीर जौनपुर के खेती को दर्शाती है। (Prarang)
दूसरी तस्वीर में 2 महिलाओं को खेती करते हुए दिखाया गया है। (Prarang)
आखिरी तस्वीर में पानी के आस पास की मिट्टी को दिखाया गया है। (Prarang)


***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • मन और आत्मा को शुद्ध करने का साधन हैं, इस्लामिक कला के ज्यामितीय और संग्रथित प्रतिरूप
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:58 AM


  • एक दूसरे के साथ प्रेम और आंनद के साथ रहने का प्रतीक है, मकर संक्रांति
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:31 PM


  • मानव विकास सूचकांक देश के विकास के स्तर पर नजर रखने के लिए अनिवार्य है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:26 PM


  • आखिर क्‍यों नहीं छापती सरकार असीमित पैसे?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:46 AM


  • भारत के कुछ प्रसिद्ध अंत:कक्ष खेलों का इतिहास
    हथियार व खिलौने

     11-01-2021 10:56 AM


  • 1929 के चर्चित गीतों में से एक है, ‘औल्ड लैंग सिन’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     10-01-2021 02:51 AM


  • बाजार में तीव्रता से बढ़ती बिटकॉइन (Bitcoin) की मांग
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     09-01-2021 01:24 AM


  • पेशेवर और शौक़ीन फोटोग्राफर्स के बीच फिर से लोकप्रिय हो रही है, फोटोग्राफिक फिल्म
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     08-01-2021 02:33 AM


  • भारतीय शिल्‍पकला का इतिहास और वर्तमान स्थिति
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     07-01-2021 02:37 AM


  • खूबसूरती के बावजूद भारत में कम ज्ञात सरीसृपों में से एक है फैन-थ्रोटेड छिपकली
    रेंगने वाले जीव

     06-01-2021 01:48 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id