अक्षय ऊर्जा का नया स्रोत : करंजा

जौनपुर

 08-10-2020 03:21 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

करंजा या मिलेशिया पिन्नाटा (Millettia Pinnata) पेड़ जौनपुर में पाया जाने वाला बहुत उपयोगी वृक्ष है। आम पेड़ों से होने वाले फ़ायदों के साथ-साथ यह भारत में वैकल्पिक ऊर्जा का भी स्रोत है। यह मटर प्रजाति का होता है। अक्सर इसे पोंगामिआ पिन्नाटा (Pongamia Pinnata) भी कहते हैं। 15-20 मीटर ऊँचे पेड़ का चंदवा (Canopy) काफ़ी फैला हुआ होता है। यह थोड़े समय के लिए झड़ने वाला पेड़ होता है। पत्तियाँ शुरू में मुलायम और चमकीली होती हैं, बाद में गाढ़े रंग की हो जाती हैं। 3 से 4 साल में इसमें फूल आने शुरू होते हैं। सफ़ेद, बैंगनी और गुलाबी रंग के फूल पूरे साल खिलते हैं। ये नम और उपोष्णकटिबँधीय इलाक़ों में पूरे विश्व में पाए जाते हैं। रेतीली और चट्टानी सतहों पर इन पेड़ों के जंगल तैयार हो जाते हैं। घने छायादार पेड़ों से भाप कम बनती है।


उपयोग :
सूखे इलाक़ों में भी मिलेशिया पिन्नाटा अच्छे से विकसित होते हैं। इसके बहुत पारम्परिक उपयोग हैं। फूलों का खाद बनाने में उपयोग होता है। इसकी छाल से रस्सी बनाई जाती है। इससे एक काले गोंद का स्राव होता है। इसका उपयोग मछली के जहर के रूप में किया जाता है, क्योंकि पोंगामिआ पिन्नाटा मछली के लिए विषाक्त होता है।
लकड़ियों का ईंधन, औज़ारों के हत्थे आदि बनाने में उपयोग होता है। चूँकि इससे निकले तेल और तलछट ज़हरीले होते हैं, इनके प्रयोग से बचना चाहिए। इसके फलों, अंकुरित दालों, बीजों का उपयोग पारम्परिक इलाजों में होता है। पौधों से निकले जूस और तेल रोगाणुरोधक होने के साथ-साथ कीटों को नष्ट कर देते हैं। 6 मीटर गहरे तालाबों में भी इन्हें उगाया जा सकता है और ये पौधों से डीज़ल उत्पादन के भी काम आता है। तेल की तलछट खाद बनाने और जुगाली करनेवाले पशुओं के लिए चारे के तौर पर तथा भेड़ों और मुर्गियों के पालन में इस्तेमाल होती है।

पेड़ की पार्श्व जड़ें मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करती हैं और रेत के टीलों को बांधने का काम करती हैं। मिलेशिया पिन्नाटा से पोंगानिआ तेल निकलता है। इस तेल के कई नाम हैं, जैसे कानूगा तेल, करंजा तेल और पंगई तेल। इस तेल का इस्तेमाल दियों में, चमड़े की सफाई, साबुन बनाने और चिकनाई के रूप में हज़ारों सालों से होता आ रहा है। इसकी ख़राब महक के कारण इसे खाना बनाने के काम में तो इस्तेमाल नहीं किया जाता लेकिन पारम्परिक दवाइयों में त्वचा और यकृत सम्बंधी रोगों के उपचार में किया जाता है। पोंगानिआ तेल से बायोडीज़ल (Bio-diesel) बनाया जाता है। इससे डीज़ल के संकट से मुक़ाबला किया जा सकता है, इसलिए यह अक्षय ऊर्जा का एक स्रोत भी है।

सन्दर्भ:
https://en.wikipedia.org/wiki/Millettia_pinnata
https://en.wikipedia.org/wiki/Pongamia_oil
https://www.hindawi.com/journals/jre/2014/647324/
चित्र सन्दर्भ:
मुख्य चित्र में करंज की फूल-पत्तियों को दिखाया गया है। (Prarang)
दूसरे चित्र में करंज की फलियों को दिखाया गया है। (Flickr)
तीसरे चित्र में करंज की कलियों और पत्तियों के पृथक चित्र दिखाए गए हैं। (Wikipedia)
चौथे चित्र में करंज के वृक्षों के समूह को दिखाया गया है। (Needpix)


RECENT POST

  • चंदा मामा दूर के पे होने लगी खनिज संसाधनों के लिए देशों के बीच जोखिम भरी प्रतिस्पर्धा
    खनिज

     23-05-2022 08:47 AM


  • दुनिया का सबसे तेजी से उड़ने वाला बाज है पेरेग्रीन फाल्कन
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:53 PM


  • क्या गणित से डर का कारण अंक नहीं शब्द हैं?भाषा के ज्ञान का आभाव गणित की सुंदरता को धुंधलाता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:05 AM


  • भारतीय जैविक कृषि से प्रेरित, अमरीका में विकसित हुआ लुई ब्रोमफील्ड का मालाबार फार्म
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:57 AM


  • क्या शहरों की वृद्धि से देश के आर्थिक विकास में भी वृद्धि होती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:49 AM


  • मिट्टी से जुड़ी हैं, भारतीय संस्कृति की जड़ें, क्या संदर्भित करते हैं मिट्टी के बर्तन या कुंभ?
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:49 AM


  • भगवान बुद्ध के जीवन की कथाएँ, सांसारिक दुःख से मुक्ति के लिए चार आर्य सत्य
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:53 AM


  • आधुनिक युग में संस्कृत की ओर बढ़ती जागरूकता और महत्व
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:09 AM


  • पर्यावरण की सफाई में गिद्धों की भूमिका
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:40 PM


  • मानव हस्तक्षेप के संकटों से गिरती भारतीय कीटों की आबादी, हमें जागरूक होना है आवश्यक
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:13 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id