सर्वभूत गणेश के विविध रूप

जौनपुर

 22-08-2020 01:44 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

भारत से प्रभावित पूर्वी एशिया और अन्य देशों से व्यवसाय से सांस्कृतिक संबंधों की स्थापना हुई। परिणामस्वरूप अनेक हिंदू देवताओं की तरह गणेश भी विदेशी भूमि पर पहुंचे। इससे यह भी साबित होता है कि हिंदू धर्म प्राचीन है और पूरे विश्व में इसका प्रसार है। दरअसल हिंदू नाम इसे बाद में मिला, पुरातन नाम है 'सनातन धर्म'। हिंदू विचारों की स्वीकार्यता प्राचीन काल से लेकर आज तक वैश्विक रूप से सभी धर्मों में है। आप कहीं भी उत्खनन करें, भारतीय देवताओं की मूर्तियां वहां मिल जाती हैं, जिससे यह साबित होता है कि कुछ हजार साल पहले सनातन धर्म पूरे विश्व में व्याप्त था। अपने विशेष रूप और आकार की तरह ही भगवान गणेश की विकास यात्रा समस्त सृष्टि की तरह व्यापक और समुद्र के समान अथाह है। कला सामग्री दुकानों में प्रदर्शित खूबसूरत नमूनों से लेकर, पंडालों में प्रदर्शित भव्य महाकाय मूर्तियों में प्रदर्शित गणपति हर शुरुआत के लिए एक अनिवार्य शर्त हैं।


उनके स्मरण के बिना कोई शुभ काम शुरू नहीं होता। ऋग्वेद में भी लिखा है कि गणेश जी का आह्वान हमेशा शुभ कार्य के प्रारम्भ में किया जाता है। यह गणपति से जुड़ा सबसे पुराना प्रमाण है। दूसरी तरफ यजुर्वेद के गद्यात्मक मंत्रों को इकट्ठा किया गया। इसमें भी उन्हें गणपति या गणों का देवता कह कर संबोधित किया गया है। गणेश जी का तांत्रिक संबंध भी बताया जाता है। 320 BC के लगभग गुप्तकाल में गणेश जी की क्रोधी और हिंसक रूप में व्याख्या मिलती है। 17वीं शताब्दी के संत कवि समर्थ रामदास, जिन्होंने युवाओं का आव्हान आक्रमणकारियों से संघर्ष के लिए किया था, उन्होंने पूरे भारत में हनुमान मंदिरों और व्यायाम शालाओं की स्थापना की। उन्होंने गांव वालों को प्रेरित किया कि गणेश की मूर्तियों को हनुमान मंदिरों में रखें और मंदिरों में स्थापित होते ही गणेश जी की पूजा ब्राह्मणी पद्धति से धूप, मिठाई और फूलों से होने लगी।


दुनिया के धर्मों में गणेश

गणेश ऐसे देवता हैं जिनकी हर वह व्यापारी पूजा करता है, जो व्यापार के सिलसिले में विदेश चला गया। 10वीं शताब्दी के बाद से जब व्यापार का आदान-प्रदान शुरू हुआ, गणेश धीरे-धीरे व्यापारियों के प्रमुख आराध्य बन गए। इसी समुदाय ने अन्य देवताओं से पहले गणेश के शिलालेख बनवाएं।

जैन धर्म और गणेश


कुछ जैन धर्मावलंबियों ने अपने व्यापार संबंधों के कारण गणेश पूजन आरंभ किया। कुछ ग्रंथों में इस तरह का वर्णन भी मिलता है कि किसी भी शुभ कार्य अथवा नए काम की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा होती है। श्वेतांबर समुदाय में यह परंपरा आज भी कायम है। राजस्थान और गुजरात के जैन मंदिरों में गणेश जी की प्रतिमा भी मिलती हैं।

बौद्ध धर्म में गणेश के संदर्भ


बौद्ध धर्म में गणेश सिर्फ बौद्ध देवता विनायक के रूप में दिखते हैं। उत्तर गुप्त काल की उनकी बौद्ध मूर्तियां भी मिली हैं। बौद्ध देवता विनायक के रूप में उनकी नृत्य की मुद्रा में मूर्तियां उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय थी, जो बाद में नेपाल और तिब्बत में अधिग्रहित हुई। मलय प्रायद्वीप के कैंडी सुकुह मंदिर (Candy Sukuh Temple) में प्रत्यक्ष रूप से नृत्य मुद्रा में गणपति की मूर्ति स्थापित है।

कांगी मुद्राएं


जापानी मूर्ति में गणपति की 30 से अधिक मुद्राएं प्रचलित हैं। एक युगल मूर्ति है, जिसमें स्त्री पुरुष के रूप में दो मानवी शरीर हाथी के सर के साथ आलिंगन की मुद्रा में हैं।

सन्दर्भ:
https://www.dnaindia.com/lifestyle/report-tracing-the-journey-and-many-forms-ganesha-the-omnipresent-2535563
https://en.wikipedia.org/wiki/Ganesha_in_world_religions
https://buddhaweekly.com/buddhist-ganesha-popular-ganapatis-many-forms-include-enlightened-emanation-avalokiteshvara-worldly-protector-bodhisattva-wrathful-tantric-deity-many/

चित्र सन्दर्भ :
मुख्य चित्र में सर्व मंगल दायक गणपति की प्रतिमा को दिखाया गया है। (Wallpaperflare)
दूसरे चित्र में सनातन धर्म में सिद्धिदाता गणपति की सिन्दूर प्रतिमा को दिखाया गया है। (Publicdomainpictures)
तीसरे चित्र में भगवान् गणपति की प्रतिमा को पवित्रता के प्रतीक जल के साथ अभिभूत दिखाया गया है। (Prarang)
चौथे चित्र में जैन धर्म में गणेश भगवान् को दिखाया गया है। (wikimedia)
पांचवें चित्र में बौद्ध धर्म से प्राप्त गणपति का चित्र दिखाया गया है। (wikimedia)
छठे चित्र में जापान में व्याप्त कांगी मुद्रा में प्रतिमा (जो गणपति की परिचायक हैं।) को दिखाया गया है। (Flickr)



RECENT POST

  • सारण में ‘छनना’ के निर्माता हुए महामारी से प्रभावित
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:34 PM


  • मन और आत्मा को शुद्ध करने का साधन हैं, इस्लामिक कला के ज्यामितीय और संग्रथित प्रतिरूप
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:58 AM


  • एक दूसरे के साथ प्रेम और आंनद के साथ रहने का प्रतीक है, मकर संक्रांति
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:31 PM


  • मानव विकास सूचकांक देश के विकास के स्तर पर नजर रखने के लिए अनिवार्य है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:26 PM


  • आखिर क्‍यों नहीं छापती सरकार असीमित पैसे?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:46 AM


  • भारत के कुछ प्रसिद्ध अंत:कक्ष खेलों का इतिहास
    हथियार व खिलौने

     11-01-2021 10:56 AM


  • 1929 के चर्चित गीतों में से एक है, ‘औल्ड लैंग सिन’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     10-01-2021 02:51 AM


  • बाजार में तीव्रता से बढ़ती बिटकॉइन (Bitcoin) की मांग
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     09-01-2021 01:24 AM


  • पेशेवर और शौक़ीन फोटोग्राफर्स के बीच फिर से लोकप्रिय हो रही है, फोटोग्राफिक फिल्म
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     08-01-2021 02:33 AM


  • भारतीय शिल्‍पकला का इतिहास और वर्तमान स्थिति
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     07-01-2021 02:37 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id