अतीत, वर्तमान और भविष्य की आशाओं, आकांक्षाओं और उपलब्धियों की एक किरण है, संग्रहालय

जौनपुर

 18-05-2020 01:00 PM
द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

अब तक संग्रहालय की विभिन्न परिभाषाओं को प्रस्तावित किया जा चुका है। संग्रहालय को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि, संग्रहालय एक ऐसा गैर-लाभकारी संस्थान है जो शिक्षा, अध्ययन और आनंद के उद्देश्यों के लिए मानवता और उसके पर्यावरण की मूर्त और अमूर्त विरासत को प्राप्त, संरक्षित, शोधित, संचरित और प्रदर्शित करता है। एक अन्य परिभाषा के अनुसार संग्रहालय 'अतीत और भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण संवादों के लिए लोकतांत्रिक, समावेशी और पॉलीफोनिक (Polyphonic) क्षेत्र है। इसी में आगे कहा गया है कि, वर्तमान की उलझनों और चुनौतियों का समाधान करते हुए, वे समाज के लिए उत्कृष्ट नमूने पेश करते हैं, भविष्य की पीढ़ियों के लिए विविध यादों को संरक्षित करते हैं और सभी लोगों के लिए समान अधिकारों और विरासत की समान पहुंच की गारंटी देते हैं।

सबसे बड़े संग्रहालय दुनिया भर के प्रमुख शहरों में स्थित हैं, जबकि हजारों स्थानीय संग्रहालय छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद हैं। संग्रहालय के उद्देश्य अलग-अलग होते हैं, जिनमें शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों की सेवा से लेकर आम जनता की सेवा करना शामिल है। आम जनता की सेवा के लिए शोधकर्ताओं की सेवा का लक्ष्य तेजी से बदल रहा है। विश्व में कई प्रकार के संग्रहालय मौजूद हैं, जिनमें कला संग्रहालय, प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, विज्ञान संग्रहालय, युद्ध संग्रहालय और बच्चों के संग्रहालय शामिल हैं।
दुनिया के सबसे बड़े और सबसे अधिक देखे जाने वाले संग्रहालयों में पेरिस में लौवर (Louvre), बीजिंग में चीन का राष्ट्रीय संग्रहालय, वाशिंगटन डीसी में स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन (Smithsonian Institution), लंदन में ब्रिटिश संग्रहालय और नेशनल गैलरी (National Gallery) आदि हैं। आधुनिक संग्रहालयों का उद्देश्य जनता की शिक्षा के लिए कलात्मक, सांस्कृतिक या वैज्ञानिक महत्व की वस्तुओं का संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और प्रदर्शन करना है। एक आगंतुक या सामुदायिक दृष्टिकोण से, उद्देश्य किसी के दृष्टिकोण पर भी निर्भर कर सकते हैं। अलेक्जेंड्रिया (Alexandria) में स्थित म्यूजियम (Musaeum) जिसमें अलेक्जेंड्रिया का प्रसिद्ध पुस्तकालय शामिल है, एक संस्था थी जिसे टॉलेमी I सोटर (Ptolemy I Soter) द्वारा स्थापित किया गया था। यह मूल म्यूजियम संगीत या कविता का घर था, एक दार्शनिक स्कूल और पुस्तकालय जैसे प्लेटो की अकादमी, और ग्रंथों का एक भंडार भी था। इसमें कला के कामों का संग्रह नहीं था बल्कि यह आधुनिक विश्वविद्यालय के अनुरूप एक संस्था थी जो यूनानी दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ विद्वानों को एक साथ लाती थी, यह मूल म्यूजियम शब्द संग्रहालय (Museum) के आधुनिक उपयोग का स्रोत था।

अलेक्जेंड्रिया में टॉलेमी I सोटर ने इस संस्था की स्थापना की थी। संभवतः यह अधिक संभावना है कि टॉलेमी द्वितीय फिलाडेल्फ़स (309–246 ई.पू.) इसके वास्तविक संस्थापक थे। हालांकि अलेक्जेंड्रिया के म्यूजियम में कला के काम के रूप में प्रस्तुत मूर्तिकला और पेंटिंग का संग्रह नहीं था, लेकिन इसमें शरीर रचना विज्ञान और खगोलीय प्रेक्षणों के अध्ययन के लिए एक कमरा संस्थापित था। एक समय में 1,000 से अधिक विद्वान यहां रहते थे। स्टाफ (Staff) के सदस्यों और विद्वानों को माउसियन (Mouseion-म्यूजियम) द्वारा वेतन दिया जाता था और कोई कर नहीं लिया जाता था। उन्हें मुफ्त भोजन, मुफ्त कमरा और बोर्ड (Board) और मुफ्त नौकर भी मिले। माउसियन को प्राचीन मिस्र के शासक द्वारा नियुक्त एक पादरी द्वारा प्रशासित किया गया था। माउसियन के विद्वानों ने वैज्ञानिक अनुसंधान किया, प्रकाशित किया, व्याख्यान किया और ज्ञात दुनिया से जितना संभव हो उतना साहित्य एकत्रित किया। ग्रीक कार्यों के अलावा, विदेशी ग्रंथों का अनुवाद असीरियन (Assyrian), फारसी, यहूदी, भारतीय भाषाओं और अन्य स्रोतों से किया गया था।

संग्रहालय की उपयोगिताओं के कारण ही विभिन्न स्थानों में इन्हें स्थापित देखा जा सकता है। जौनपुर में भी इसी प्रकार कुछ संग्रहालय मौजूद हैं, जिनमें वनस्पति विज्ञान (Botany) संग्रहालय और जंतु-विज्ञान (Zoological) संग्रहालय शामिल हैं। ये दोनों संग्रहालय पर्यटकों के आकर्षण की एक श्रृंखला प्रदान करते हैं, जो एक दूसरे से काफी अलग हैं। कॉलेज के छात्रों को वनस्पति विज्ञान के अध्ययन में अतिरिक्त अंतर्दृष्टि प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 1956 में जौनपुर वनस्पति विज्ञान संग्रहालय की स्थापना की गई थी। समय बीतने के साथ-साथ वनस्पति विज्ञान संग्रहालय ने पर्यटकों के बीच पहचान और प्रतिष्ठा हासिल करना शुरू कर दिया। यह विभिन्न पौधों और जीवाश्मों को प्रदर्शित करता है जिनकी कुछ अनूठी विशेषताएं हैं। इसी प्रकार से जंतु संग्रहालय के गठन के पीछे एकमात्र उद्देश्य, कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ पर्यटकों को जंतु-विज्ञान का ज्ञान प्रदान करना था। कॉलेज के अधिकारियों के अनुसार संग्रहालय जंतु विज्ञान, जिस पर लोगों की रुचि कम होती दिख रही है, को लोकप्रिय बनाने का कार्य करता है। यहां जानवरों के सभी नमूनों को अच्छी तरह से संरक्षित किया गया है जिन्हें प्रदर्शनियों के साथ-साथ लेबल की गयी सूचनाओं के साथ सावधानीपूर्वक प्रदर्शित किया गया है।

जौनपुर में स्थित वनस्पति संग्रहालय के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

चित्र (सन्दर्भ):
1. मुख्य चित्र में एक काल्पनिक संग्रहालय दिखाया गया है जो संग्रहालय की सुंदरता और महत्ता को दिखा रहा है।
2. दूसरे चित्र में विश्व के स्वर्वधिक देखे जाने वाले संग्रहालयों का चित्र समागम है।
3. तीसरे चित्र में राष्ट्रीय संग्रहालय अलेक्सेंड्रिआ दिखाया गया है।
4. अंतिम चित्र में जौनपुर स्थित वनस्पति संग्रहालय है।
सन्दर्भ:
1. http://www.show.me.uk/editorial/1220-what-is-a-museum
2. https://www.theartnewspaper.com/news/what-exactly-is-a-museum-icom-comes-to-blows-over-new-definition
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Museum
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Musaeum
5. https://www.indianholiday.com/tourist-attraction/jaunpur/museums-in-jaunpur/botany-museum.html
6. https://www.indianholiday.com/tourist-attraction/jaunpur/museums-in-jaunpur/zoological-museum.html



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