देश और देश के बाहर क्या है, हनुमान जी का महत्व और प्रभाव?

जौनपुर

 12-05-2020 10:00 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

तीनों वेदों में जानकार हनुमान जी को महाकाव्य में एक अत्यंत सुखद दर्शन, उत्तम ज्ञान, सुरुचिपूर्ण बोली और दोषरहित आचरण के रूप में वर्णित किया गया है। अपनी इच्छानुसार अपने शरीर के आकार को बढ़ाने और घटाने वाले हनुमान जी को अपने पिता, पवन देवता से ताकत और गति विरासत में मिली थी। हनुमान जी भारतीय पौराणिक कथाओं में कई पशु आकृतियों वाले देवताओं संबंधी पात्रों में से एक हैं।

वे महाकाव्य रामायण के नायक और राम के निर्विवाद भक्त भी हैं। रामायण में राम और रावण के बीच युद्ध में हनुमान जी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने महासागरों के ऊपर से उड़कर रावण द्वारा सीता माता को कैद करने की सटीक जगह का पता लगाया था और इस खोज के दौरान उन्होंने रावण की लंका में भी आग लगा दी थी। महाकाव्य रामायण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले हनुमान जी का प्रमुख महाकाव्य महाभारत में भी संक्षिप्त उल्लेख मिलता है। महाभारत के वाना पर्व में उन्हें भीम के सौतेले भाई के रूप में दर्शाया गया है, जो उनसे कैलाश पर्वत पर जाने के दौरान अकस्मात मिले थे। इसमें बताया गया है कि अतिरिक्त शक्ति वाले भीम भी हनुमान जी की पुंछ को हिलाने में असमर्थ रहे थे, जिसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि हनुमान जी काफी ताकतवर हैं। यह कहानी हनुमान जी के चरित्र के प्राचीन कालक्रम से जुड़ी है।

हनुमान जी पवन देव और राजकुमारी अंजना की संतान हैं। विभिन्न पुराणों में बताया गया है कि अंजना का विवाह वानर सेनापति केसरी से हुआ था। दंपति ने शिव से एक पुत्र के लिए प्रार्थना की और पवन देवता के माध्यम से शिव के एक स्वरूप से हनुमान जी का जन्म हुआ। इस प्रकार, हनुमान जी के दो पितृनाम हैं: वायु-पुत्र और साथ ही केसरी-नंदन। पुराण हमें यह भी बताते हैं कि हनुमान जी को स्वयं सूर्य द्वारा वेदों और अन्य सभी उपखंड की शिक्षा दी गई थी। उन्होंने सूर्य के रथ के साथ-साथ आकाश में घूमते हुए अपनी शिक्षा प्राप्त करी थी। हनुमान जी में विभिन्न विशेषताएं भी मौजूद हैं:
• चिरंजीवी:
ऐसा बताया जाता है कि रामायण और राम कथा के विभिन्न संस्करण भगवान राम और लक्ष्मण जी की मृत्यु से ठीक पहले ही हनुमान जी को अमर होने का आशीर्वाद दिया गया था।
• ब्रह्मचारी (आत्म-नियंत्रित): जो भौतिक जगत की सभी भौतिक चीजों से अपनी वासना को नियंत्रित करता है।
• कुरुप और सुंदर: उन्हें हिंदू ग्रंथों में बाहर से कुरुप के रूप में, लेकिन अंदर से दिव्य सूंदर के रूप में वर्णित किया गया है। हनुमान चालीसा ने उन्हें पिघले हुए सोने के रंग के समान सुंदर बताया गया है।
• काम-रूप: वे अपनी इच्छाशक्ति से अपने आकार को सबसे छोटा और सबसे बड़ा करने में सक्षम थे।
• शक्ति: हनुमान जी काफी ताकतवर थे, वे भारी से भारी वस्तु उठाने में समर्थ थे। उन्हें विरा, महावीर, महाबाला और अन्य नाम से जाना जाता है जो उनकी इस विशेषता को दर्शाता है। राम और रावण के बीच महा युद्ध के दौरान लक्ष्मण जी के घायल होने के उपरांत हनुमान जी हिमालय पर्वत को पूरे भारत से लंका तक का सफर तय करके उठा लाए थे।
• भक्ति: हनुमान जी को राम और सीता के अनुकरणीय भक्त के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। भागवत पुराण, भक्त माला, आनंद रामायण और रामचरितमानस जैसे हिंदू ग्रंथ उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करते हैं जो प्रतिभाशाली, मजबूत, बहादुर और आध्यात्मिक रूप से भगवान राम के प्रति समर्पित हैं।
• विद्वान योगी: मध्ययुगीन ग्रंथों (जैसे तुलसीदास के) में हनुमान जी की विशेषताओं में हिंदू धर्म के वेदांत दर्शन, वेद, एक कवि, एक बहुज्ञ, एक व्याकरणिक, एक गायक और संगीतकार समानता उत्कृष्टता शामिल हैं।
• बाधाओं का निवारक: भक्ति साहित्य में, हनुमान जी कठिनाइयों का निवारण करते हैं।

हनुमान जी को आज भारत के कई हिस्सों में एक देवता के रूप में पूजा जाता है, जबकि भारत के बाहर, हनुमान जी को उन देशों में जाना जाता है जो इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया जैसे हिंदू संस्कृति से प्रभावित थे। यहां तक कि द्वीप देश सिंगापुर भी वानर भगवान के आकर्षण से अछूता नहीं है। सिंगापुर में लगभग एक शताब्दी से मौजूद टियोनग बहरू क्यूई तियान गोंग (Tiong Bahru Qi Tian Gong) या टियोनग बहरू वानर देवता मंदिर का अस्तित्व यहाँ के वानर देवता की लोकप्रियता का प्रमाण है।

अन्जनेयम में, वानर देवता स्वयं इन सहयोगी तत्वों को प्रकट करते हुए, दर्शकों को रामायण की कहानी सुनाते हैं और स्थापित करते हैं कि जीत की भावना और गति स्वयं के मानसिक और शारीरिक संतुलन से प्राप्त की जा सकती है। ऐसे ही वियतनामी वानर भगवान टन न्ग खोंग मनुष्यों की आंतरिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंबोडियाई लोग हनुमान जी को मंकी गॉड (Monkey God) मानते हैं, जो जीवन में वरदान देने वाले एक शुभ देवता हैं। यहां तक कि, खमेर और थाई साहित्यिक और कलात्मक रूप हनुमान जी के अवतार को वानर भगवान के रूप में व्यक्त करते हैं। उत्तर-पूर्वी थाई प्रांत लोपबुरी ऐतिहासिक रूप से बंदरों का एक भव्य निवास स्थान है। वहीं चीन में वानर देवता को सन वुकॉन्ग के नाम से जाना जाता है, वे निस्वार्थता और निष्ठा का नटखट प्रतीक हैं।

इस प्रकार, वानर देवता कन्फ्यूशीवाद, बौद्ध धर्म, ताओवाद और हिंदू धर्म के मिश्रण का प्रतीक है। वानर देवता की उत्पत्ति पर अलग-अलग किंवदंतियां हैं, लेकिन वे चीन और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंध को दर्शाते हैं, जो सिंगापुर के लिए बहुत प्रासंगिक है।

चित्र (सन्दर्भ):
1. मुख्य चित्र में हनुमान मंदिर की भव्य सजावट के साथ मनोहर मूरत है। (Prarang)
2. दूसरे चित्र में भीम और हनुमान के मध्य के किस्से को प्रदर्शित किया गया है। (Youtube)
3. तीसरे चित्र में ऊंचाई पर हनुमान की मूर्ति पवनपुत्र के रूप में दिखाती है। (pixabay)
4. चौथे हनुमान के भारतीय और इंडोनेशिया के रूपों को दिखाया गया है। (Prarang)
5. पांचवे चित्र में महाबली हनुमान की मूरत दृश्यांवित हो रही है। (Wikimedia)
संदर्भ :-
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Hanuman#Mahabharata
2. https://www.ancient.eu/Hanuman/
3. https://bit.ly/2LnLdxj



RECENT POST

  • भारत में स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों की खोज, समुद्री मूल के शैवाल से जैव ईंधन का निर्माण
    बागवानी के पौधे (बागान)

     04-08-2021 09:56 AM


  • जौनपुर शहर की पारिस्थितिकी को अत्यधिक प्रभावित कर रहा है, सड़कों और राजमार्गों का विस्तार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     03-08-2021 10:05 AM


  • विभिन्न धर्मों में उत्कृष्टता की अवधारणा और यह कैसे चिकित्सा क्षेत्र को प्रभावित करता है?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     02-08-2021 09:36 AM


  • ले मोर्ने के तट पर, शानदार भ्रम उत्पन्न करता है मॉरीशस
    पर्वत, चोटी व पठार

     01-08-2021 01:16 PM


  • भार‍तीय फ़ास्ट फ़ूड व् स्‍ट्रीटफूड चाट की बढ़ती लोकप्रियता
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     31-07-2021 09:12 AM


  • अर्थव्यवस्था के उदारीकरण और चल रहे वैश्वीकरण में शहरी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     30-07-2021 10:40 AM


  • चंदन की व्यापक खेती द्वारा चंदन की तीव्र मांग को पूरा किया जा सकता है।
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     29-07-2021 09:33 AM


  • कड़े संघर्षों के पश्चात मिलता है गिद्धराज का ताज
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवापंछीयाँ

     28-07-2021 10:18 AM


  • मॉनिटर छिपकली बनी युद्ध में मुगल सम्राट औरंगजेब की पराजय का एक कारण
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:07 AM


  • कैसे हुआ आधुनिक पक्षी का दो पैरों वाले डायनासोर के एक समूह से चमत्कारी कायापलट?
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id