जौनपुर में है, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर निवेश की आवश्यकता

जौनपुर

 14-04-2020 04:30 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

भारत आज विश्व के उन देशों की फेहरिश्त में शुमार है जो कि विकासशील देशों की श्रंखला में आते हैं। विकासशील देश का तमगा मिलना एक अत्यंत ही बड़ी उपलब्धि है और यह तमगा तमाम संसाधनों के उपस्थिति के अनुसार ही मिलता है। कोविड -19 (Covid-19) या कोरोना वायरस (Corona Virus) आज दुनिया भर में एक बहुत ही बड़े आपदा के रूप में उभरा है। यह बिमारी एक महामारी का रूप ले चुकी है तथा दुनिया भर के कितने ही देश इस महामारी के चंगुल में फंस चुके हैं। भारत भी इस महामारी की चपेट में आ चुका है।
जौनपुर समेत भारत के 720 जिलों में इस महामारी से लड़ने के लिए स्वास्थ सम्बंधित बुनियादी ढांचों का अवलोकन किया जा रहा है। हाल ही में अन्तराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका द लैंसेंट (The Lancet) ने भारत के स्वास्थ सम्बंधित उपलब्धियों पर एक लेख प्रकाशित किया है। यह अध्ययन विश्व के 195 देशों और क्षेत्रों के मानवीय पूँजी (Human Capital) के आधार पर सन 1990 से लेकर सन 2016 तक के आंकड़ों को प्रस्तुत करता है। मानवीय पूँजी एक प्रकार की अमूर्त संपत्ति होती है जो कि विभिन्न व्यक्तियों के कार्यकुशलता के अनुपात में होती है। उदाहरण के तौर पर हम यह मान सकते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी क्षेत्र में कुशल होता है और इसी के अनुसार किसी भी देश या राज्य में कारीगर श्रमिकों की गणना की जाती है। मानवीय पूँजी उत्पादन बढाने में एक अहम् भूमिका का निर्वहन करते हैं। ये आँकड़े विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी आँकड़ों के अनुसार थे। इन आँकड़ों के अनुसार भारत की स्थिति 158वें स्थान पर थी। किसी भी देश के प्रगति को लेकर मानवीय पूँजी एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण साधन है। भारत अपने पड़ोसी मुल्कों से भी इस मामले में अत्यंत ही पीछे हैं, जिनमें श्रीलंका (Shrilanka), मालदीव (Maldives), भूटान (Bhutan) और नेपाल (Nepal) आते हैं। अफ़्रीकी देश नमीबिया (Namibia) और सूडान (Sudan) के समकक्ष भारत मानवीय पूँजी के सन्दर्भ में खड़ा पाया जाता है। बांग्लादेश (Bangladesh), पाकिस्तान (Pakistan), अफ़ग़ानिस्तान (Afghanistan) आदि अन्य ऐसे पड़ोसी मुल्क हैं जिनकी स्थिति भारत से भी बदतर है।

इस अध्ययन से यह पता चलता है कि एक व्यक्ति किस उम्र से किस उम्र तक कितना कार्य कर सकता है और वे अंदाजन कितने समय तक जिन्दा रहते हैं। यह अध्ययन विभिन्न बीमारियों से विभिन्न जान माल के विघटन का अध्ययन करता है। स्वास्थ में निवेश सीधे तौर पर किसी भी देश की जीडीपी (GDP) में सुधार को दर्शाता है। जीडीपी (GDP) को सकल घरेलु उत्पाद (Gross Domestic Product) के रूप में देखा जाता है, यह एक राष्ट्र में उत्पादित किये हुए तमाम वस्तुओं के आँकड़ों को प्रस्तुत करता है। स्वास्थ में बेहतरी कृषि से लेकर अन्य क्षेत्रों में उन्नति को प्रदर्शित करता है। अभी हाल ही में कोरोना (Corona) महामारी आने के बाद से आज पूरा भारत बंद (Lockdown) है और जौनपुर में भी इसका प्रभाव हमें सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है। जौनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत ही दयनीय है और यहाँ के अस्पतालों में वेंटिलेटर (Ventilator) शून्य की संख्या में है। वेंटीलेटर (Ventilator) का महत्व स्वास्थ्य के क्षेत्र में अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है यह एक ऐसे प्रकार का बिस्तर होता है जिसमें स्वास्थ्य सम्बन्धी तमाम सुविधाएं होती हैं। अस्पतालों में बिस्तरों की कमी के कारण इस महामारी के दौर में यहाँ के विद्यालयों में लोगों को एकांतवास में रखा जा रहा है। सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज बदलापुर (Saltnat Bahadur Inter College Badlapur), मोहम्मद हसन पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज (Md. Hasan Post Graduate College) आदि में एकांतवास में लोगों को रखने का इन्तेजाम किया गया है। जैसे कि ये व्यवस्थाएं शैक्षणिक संस्थाओं में किया गया है तो यहाँ पर मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी को देखा जा सकता है।

यहाँ के सांसद द्वारा इस माहौल में लखनऊ से 4 वेंटिलेटर (Ventilator) मंगाए गएँ हैं। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि किस प्रकार से भारत में स्वास्थ सम्बन्धी सेवाओं पर निवेश किया गया है। अब जौनपुर में 3 सीएचएस, सेंट्रल हाई स्कूल (CHS, Central high School) में आइसोलेशन (Isolation, एकांतवास) वार्ड (Ward) बनाया जा रहा है। ये अस्पताल 30-30 बेड (Bed) के एकांतवास वार्ड (Ward) से संचालित होंगे। उपरोक्त लिखित कथन यह सिद्ध करने के लिए काफी हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं में खर्च करने की कितनी आवश्यकता है। स्वास्थ्य सेवायें किसी भी देश की प्रगति में अत्यंत ही महत्वपूर्ण साधन होते हैं।

सन्दर्भ:
1.
https://bit.ly/2yg5qS8
2. https://bit.ly/2Vph1GL
3. https://bit.ly/3a7FNAu
4. https://bit.ly/34wQKu6
चित्र सन्दर्भ:
1. pexels.com - ऊपर दिए गए मुख्य चित्र में वेंटिलेटर पर रखे गए मरीज को दिखाया गया है।
2. youtube.com - अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय का दृस्य
3. facebook.com - सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज बदलापुर का दृस्य



RECENT POST

  • जौनपुर की अटाला मस्जिद की विशिष्ट वास्तुतकला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-05-2021 09:26 AM


  • कोरोना महामारी के चलते व्यवसायों को ऑनलाइन रूप से संचालित करने की है अत्यधिक आवश्यकता
    संचार एवं संचार यन्त्र

     10-05-2021 09:41 PM


  • सहजन अथवा ड्रमस्टिक - औषधीय गुणों से भरपूर एक स्वास्थ्यवर्धक पौधा
    जंगलपेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें साग-सब्जियाँ

     10-05-2021 08:59 AM


  • मातृत्व, मातृ सम्बंध और समाज में माताओं के प्रभाव को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, मदर्स डे
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-05-2021 11:50 AM


  • विदेशों से राहत सामग्री संजीवनी बूटी बनकर पहुंच रही है, साथ ही समझिये मानवीय मदद के सिद्धांतों को
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     08-05-2021 08:58 AM


  • हरफनमौला यानी हर हुनर से परिपूर्ण थे महान दार्शनिक तथा लेखक रबीन्द्रनाथ टैगोर।
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिध्वनि 2- भाषायेंद्रिश्य 2- अभिनय कला द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     07-05-2021 11:27 AM


  • शास्त्रीय भारतीय नृत्य की तीन श्रेणियां है नृत्त, नृत्य एवं नाट्य
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तकध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिद्रिश्य 2- अभिनय कला

     06-05-2021 09:32 AM


  • कोरोना महामारी के कारण विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है, मत्स्य उद्योग
    नदियाँभूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)खनिज

     05-05-2021 09:04 AM


  • जौनपुर में लागू होगा रोस्टर लॉकडाउन (Roster Lockdown), साथ ही जानिये क्या प्रभाव पड़ेगा आम आदमी की जेबों पर?
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली नगरीकरण- शहर व शक्ति

     04-05-2021 10:31 AM


  • महासागरों में पाया जाने वाला खारा जल और विश्व में नमक की स्थिति
    समुद्र

     02-05-2021 07:54 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id