निकल का भारत में होता है नाम मात्र उत्पादन

जौनपुर

 24-03-2020 01:30 PM
खनिज

बहुत से लोगों को पता नहीं है कि पुराने समय में निकल (Nickel) लोगों की एक पसंदीदा धातु थी। यह उनके गर्दन, कलाई और बालों के आभूषण को बनाने में इस्तेमाल किया जाता था। आश्चर्य की बात यह है कि 20वीं शताब्दी की शुरुआत में भी निकल को एक कीमती धातु माना जाता था। किन्तु समय के साथ इसकी थोड़ी सी भी मात्रा आभूषणों में मिलाने की प्रथा समाप्त हो गई। ऐसा नहीं है कि इंजीनियर (Engineer) इस धातु में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे, बस उस समय तक इसको उपयोग में लाने का कोई तरीका विकसित नहीं किया गया था।

संभावना है कि लोगों ने निकल के उपयोग के बारे में कई युगों पहले सीखा था। दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में, चीनी लोगों ने तांबा, जस्ते और निकल की एक “पैकफॉन्ग” (Packfong) नामक मिश्र धातु बनाई, जिसकी कई देशों में मांग थी। तत्पश्चात इसे बैक्ट्रिया (Bactria) राज्य में लाया गया, जो आज के मध्य सोवियत एशिया (Central Soviet Asia) के क्षेत्र में स्थित था। बैक्ट्रियन लोगों ने इससे सिक्के बनाए। उनमें से, 235 ईसा पूर्व में बना एक सिक्का लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय (British Museum) में रखा गया है।

निकल एक रासायनिक तत्व और एक ट्रांज़ीशन (Transition) धातु है, जिसका उपयोग उच्च श्रेणी के इस्पात निर्माण के लिए किया जाता है। 2018 में खानों में निकल का विश्व उत्पादन लगभग 2.3 मिलियन मीट्रिक टन होने का अनुमान लगाया गया था। निकल खनन में प्रमुख देशों में इंडोनेशिया (Indonesia), फिलीपींस (Philippines), न्यू कैलेडोनिया (New Caledonia) और रूस (Russia) शामिल हैं। 2018 तक निकल उत्पादन पर आधारित शीर्ष कंपनियां चीन से त्सिंगशान (Tsingshan) समूह, ब्राज़ील (Brazil) से वेल (Vale) और रूस से नॉर्निकल (Nornickel) थीं। 2018 में, वेल ने 2,45,000 मीट्रिक टन निकल का उत्पादन किया, जबकि नॉर्निकल ने कुछ 1,58,000 मीट्रिक टन का उत्पादन किया था। वहीं 2019 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित मिशिगन (Michigan) में एक सक्रिय निकल खदान थी। रिफाइनरी बाय-प्रोडक्ट (Refinery By-product) के रूप में निकल के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्पादन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, 2016 में अमेरिका ने रद्दी से 90,000 मीट्रिक टन निकल की पुनरावृत्ति की थी। अमेरिका में उपयोग किए जाने वाले सभी निकल के लगभग दो तिहाई का उपयोग स्टेनलेस (Stainless) और गर्मी प्रतिरोधी लोहे के उत्पादन के लिए किया जाता है।

भारत की बात की जाये तो देश में शुद्ध निकल की वार्षिक मांग लगभग 45,000 टन है और इसका घरेलू बाज़ार पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। परंतु 2016 में भारत का निकल उत्पादन करने वाली पहली सुविधा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Limited) झारखंड द्वारा शुरू की गई। यह निकल, कॉपर और एसिड रिकवरी (Acid Recovery) सयंत्र झारखंड के घाटशिला में स्थित है। यह एलएमई ग्रेड (लंदन मेटल एक्सचेंज-London Metal Exchange) के निकल धातु का उत्पादन करने वाली भारत में एकमात्र इकाई है। इससे उत्पादित धातु का उपयोग मुख्य रूप से स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) बनाने के लिए किया जाता है।

निकल की कुछ विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:-
1) निकल प्रकृति में मुक्त रूप से नहीं पाया जाता है।
2) यह तांबे, यूरेनियम (Uranium) और अन्य धातुओं में संयोजित पाया जाता है।
3) इसे एक महत्वपूर्ण मिश्र धातु सामग्री माना जाता है, जैसे लोहा + निकल = स्टेनलेस स्टील।
4) निकल स्टील का उपयोग बख्तरबंद प्लेटों (Armoured Plates), बुलेट जैकेटों (Bullet Jackets) आदि के निर्माण के लिए किया जाता है।
5) निकल-एल्यूमीनियम मिश्र धातु का उपयोग हवाई जहाज़ और आंतरिक ज्वलन इंजन (IC Engines) के निर्माण के लिए किया जाता है।

भारत में निकल, ओडिशा के जाजपुर जिले की सुकिंदा घाटी में क्रोमाइट (Chromite) की परतों में निकेलिफेरस लिमोनाइट (Nickeliferous limonite) के ऑक्साइड (Oxide) के रूप में मिलता है। लगभग 92% निकल ओडिशा में मिलता है बाकि का 8% झारखंड, नागालैंड और कर्नाटक में वितरित है। ये झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में निकल सल्फाइड (Nickel Sulphide) के रूप में भी पाया जाता है। साथ ही साथ ये झारखंड के जाडुगुडा में यूरेनियम के भंडार के साथ भी पाया जाता है, और इसकी कुछ मात्रा कर्नाटक, केरल और राजस्थान में भी पाई जाती हैं। समुद्र तल में पॉलीमेटालिक नोड्यूल (Polymetallic Sea Nodules) निकल का एक अन्य स्रोत हैं। निकल के बारे में और अधिक जानने के लिए आप प्रारंग के इस लिंक (https://jaunpur.prarang.in/posts/2508/Nickel-A-Precious-Metal) पर जाकर भी पढ़ सकते हैं।

संदर्भ:
1.
https://archive.org/details/VenetskyTalesAboutMetals/page/n91/mode/2up
2. https://www.pmfias.com/copper-nickel-chromite-distribution/
3. https://bit.ly/2UpZOMP
4. https://www.statista.com/topics/1572/nickel/
5. https://jaunpur.prarang.in/posts/2508/Nickel-A-Precious-Metal



RECENT POST

  • भारत में स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों की खोज, समुद्री मूल के शैवाल से जैव ईंधन का निर्माण
    बागवानी के पौधे (बागान)

     04-08-2021 09:56 AM


  • जौनपुर शहर की पारिस्थितिकी को अत्यधिक प्रभावित कर रहा है, सड़कों और राजमार्गों का विस्तार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     03-08-2021 10:05 AM


  • विभिन्न धर्मों में उत्कृष्टता की अवधारणा और यह कैसे चिकित्सा क्षेत्र को प्रभावित करता है?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     02-08-2021 09:36 AM


  • ले मोर्ने के तट पर, शानदार भ्रम उत्पन्न करता है मॉरीशस
    पर्वत, चोटी व पठार

     01-08-2021 01:16 PM


  • भार‍तीय फ़ास्ट फ़ूड व् स्‍ट्रीटफूड चाट की बढ़ती लोकप्रियता
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     31-07-2021 09:12 AM


  • अर्थव्यवस्था के उदारीकरण और चल रहे वैश्वीकरण में शहरी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     30-07-2021 10:40 AM


  • चंदन की व्यापक खेती द्वारा चंदन की तीव्र मांग को पूरा किया जा सकता है।
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     29-07-2021 09:33 AM


  • कड़े संघर्षों के पश्चात मिलता है गिद्धराज का ताज
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवापंछीयाँ

     28-07-2021 10:18 AM


  • मॉनिटर छिपकली बनी युद्ध में मुगल सम्राट औरंगजेब की पराजय का एक कारण
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:07 AM


  • कैसे हुआ आधुनिक पक्षी का दो पैरों वाले डायनासोर के एक समूह से चमत्कारी कायापलट?
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id