भारत में मनोरंजन का प्राचीन साधन है, सड़क किनारे होने वाला जादू

जौनपुर

 22-03-2020 11:25 AM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

भारत में जादू का इतिहास बहुत पुराना है। 20वीं और 21वीं शताब्दी में गाँव-गाँव घूमकर जादू का खेल दिखाने वाले मदारी बहुत सामान्य बात है। 19वीं और 20वीं शताब्दी में भारतीय जादूगर व्यापार मेलों के समय एवं अन्य अवसरों पर यूरोप भेजे जाते थे। भारतीय जादू के प्रमुख चालों (ट्रिक) में रस्सी चाल, टोकरी चाल तथा कप और गेंद सम्मिलित हैं। भारत में जादू के अभ्यास के लिए प्राचीन काल से ही विविध उद्देश्य हुआ करते हैं जो मनोरंजन, धोखे(Tricks), भ्रम, और मनोरंजन के उद्देश्य से विकसित हुए हैं। प्राचीन समय में कभी-कभी, धार्मिक सन्दर्भों या उद्देश्य में, इसका अर्थ सामाजिक शिक्षा के साथ-साथ कुछ विशेष प्रकार के उपदेश या संदेश भी थे। जादू का प्रचलन भारत में 18 वीं शताब्दी की शुरुआत के आसपास स्पष्ट होने लगा था। प्राचीन काल में, भारतीय जादूगरों को अक्सर केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि वैध रहस्यमय चमत्कारों के लिए भी माना जाता था। आइये इस रविवार इन चलचित्रों के माध्यम से ऐसे भारतीय जादूगरों या मदारियों के खेल देख कर आनंदित और अच्चम्भित होते हैं।

सन्दर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Magic_in_India
2. https://www.youtube.com/watch?v=TsJuCMAOP_Q
3. https://www.youtube.com/watch?v=pLhmC6CATaM&t=272s



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