कहाँ तक जाती हैं, विभिन्न महासागरों की सीमाएं ?

जौनपुर

 05-02-2020 01:00 PM
समुद्र

समुद्रों के निर्माण ने पृथ्वी पर जीवन स्थापना की दिशा को निर्देशित करने का कार्य किया था। पृथ्वी के विकास और महासागरों के निर्माण की प्रक्रिया क्रमिक है और इसी प्रक्रिया ने पृथ्वी पर जीवन की स्थापना की नींव डाली। इस लेख के माध्यम से हम जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर इन महासागरों की सीमाएं क्या होती हैं? ये बने कैसे, और इन सभी महासागरों में से सबसे पहले महासागर या मात्र महासागर कौन से थें? एक समय पूरी पृथ्वी एक पैंजिया (Pangea) नामक महाद्वीप के रूप में जानी जाती थी और ये पूरा समूह एक ही विश्व महासागर के रूप में जाना जाता था जिसका नाम था पन्थालस्सा (Panthalassa)। इसी महासागर से सभी अन्य सागर जलडमरुओं की भांति जुड़े हुए हैं। एक मात्र ऐसा महासागर है जो कि अन्य सागरों से अलग है वह है कैस्पियन सागर (Caspian Sea)। मूल रूप से यदि हम ध्यान दें तो दुनिया भर के भूभाग या महाद्वीप महासागरों के अनुसार ही विभाजित हैं। जलडमरू से जुड़े महासागरों में आर्कटिक (Arctic), अटलांटिक (Atlantic), प्रशांत (Pacific) हिन्द (Indian) और दक्षिण (Southern) महासागर हैं। अब जब हम बात करते हैं की महासागरों की सीमाएं कहाँ तक होती हैं। महासागरीय प्रक्रिया एक शरीर की तरह है जो कि एक ही धमनी से जुडी हुई होती है और सभी अंगों में खून का श्राव करती है, उसी प्रकार एक वैश्विक महासागर होता है।

सभी महासागरों का विभाजन यदि देखा जाए तो यह द्वीपसमूहों से प्रेरित हो कर निर्धारित किये गए हैं। यदि महासागरों का नाम ही देखा जाए तो उदाहरण के रूप में हमें प्रशांत, अटलांटिक, हिन्द महासागर आदि के नाम मिल जाते हैं। महासागरों के छोटे भाग को समुद्र, खाड़ी, खंड, जलडमरू आदि के नाम से भी जाना जाता है।

यदि महासागर के भौतिक गुणों की बात करें तो यह निम्नवत है-

यह पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) का क्षेत्र है, जिसके ऊपर महासागर का पानी स्थित होता है। महासागर की क्रस्ट वास्तव में ठोस ज्वालामुखी बसाल्ट (Basalt) पत्थर की एक परत है जो पृथ्वी के एक बहुत बड़े हिस्से को करती है। महाद्वीपीय क्रस्ट के आधार पर देखा जाए तो पृथ्वी पर तीन महासागर हैं - कैस्पियन सागर, विश्व (world) महासागर और काला (Black) सागर। महासागरों और जलडमरुओं आदि की रचना विभिन्न प्लेटों आदि के टकराने और उनमे हुए हलचलों के कारण हुयी है। महासागरों के विषय में यदि देखा जाए तो ये एक दूसरे से मिले हुए रहते हैं जिनमे अलग अलग स्थान पर समुद्र और सागर दोनों नाम आते हैं यदि मेडीटेरेनियन महासागर की बात करें तो उसमे ही कई अन्य सागरों का वास है उदाहरण स्वरुप बेलारिक सागर, अल्बोर्न सागर आदि।

यदि हम बात करें तो यह केवल भूमध्य सागर है जिसके बीच हम अंतर कर सकते हैं। समुद्रों के अलग अलग स्थान को देखने के लिए यह देखा जा सकता है कि इन समुद्रों में एक विपरीत या भिन्न पैटर्न दिखाई देता है। अब यह सवाल जरूर कचोटता है कि आखिर जब दो समुद्र या महासागर मिलते हैं तो उनका पानी एक दूसरे से मिलता है या वे मिलते नहीं हैं? वास्तव में एक सागर का पानी दूसरे सागर में मिलता है और कई स्थानों पर सागरों के मध्य के तापमान से पानी के रंग आदि में फर्क दिखाई भी देता है अन्यथा सागर को एक दूसरे से अलग थलग करना या पहचानने की कोई प्रभावी प्रक्रिया नहीं है।

सन्दर्भ:-
1.
https://medium.com/@ignaciolirio/do-the-oceans-have-real-boundaries-637fcd7ea9be
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Borders_of_the_oceans
3. https://en.wikipedia.org/wiki/World_Ocean



RECENT POST

  • क्या गणित से डर का कारण अंक नहीं शब्द हैं?भाषा के ज्ञान का आभाव गणित की सुंदरता को धुंधलाता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:05 AM


  • भारतीय जैविक कृषि से प्रेरित, अमरीका में विकसित हुआ लुई ब्रोमफील्ड का मालाबार फार्म
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:57 AM


  • क्या शहरों की वृद्धि से देश के आर्थिक विकास में भी वृद्धि होती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:49 AM


  • मिट्टी से जुड़ी हैं, भारतीय संस्कृति की जड़ें, क्या संदर्भित करते हैं मिट्टी के बर्तन या कुंभ?
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:49 AM


  • भगवान बुद्ध के जीवन की कथाएँ, सांसारिक दुःख से मुक्ति के लिए चार आर्य सत्य
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:53 AM


  • आधुनिक युग में संस्कृत की ओर बढ़ती जागरूकता और महत्व
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:09 AM


  • पर्यावरण की सफाई में गिद्धों की भूमिका
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:40 PM


  • मानव हस्तक्षेप के संकटों से गिरती भारतीय कीटों की आबादी, हमें जागरूक होना है आवश्यक
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:13 AM


  • गर्मियों में नदियां ही बन जाती हैं मुफ्त का स्विमिंग पूल, स्थिति हमारी गोमती की
    नदियाँ

     13-05-2022 09:33 AM


  • तापमान वृद्धि से घटते काम करने के घण्‍टे, सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वाला क्षेत्र है कृषि
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:11 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id