अत्यंत प्रतिकूल वातावरण में भी वृद्धि करते हैं ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल

जौनपुर

 23-01-2020 10:00 AM
निवास स्थान

हमारे आस-पास बहुत से सूक्ष्मजीव निवास करते हैं। कुछ सूक्ष्मजीवों को तो हम आसानी से अपनी आंखों से देख सकते हैं किंतु कुछ को देखने के लिए हमें सूक्ष्मदर्शी की सहायता लेनी पड़ती है। ये जीव हमारे चारों तरफ उपस्थित हो सकते हैं। इनमें से कई जीव ऐसे भी हैं जो बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में भी आसानी से अपने अस्तित्व को बनाए हुए हैं।

इन जीवों को प्रायः ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल (Extremophile) कहा जाता है जो ऐसी परिस्थितियों या वातावरण (अत्यधिक गर्म, अत्यधिक ठंडे और लवणीय) में भी जीवित रह सकते हैं जिसमें कोई सामान्य व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता। इन जीवों में प्रायः ये क्षमता होती है, कि वे अत्यधिक प्रतिकूल वातावरण में भी फले फूलें। अनुकूल वातावरण में रहने वाले जीवों को मीसोफिलिक (Mesophilic) कहा जाता है।

ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल को उनके निवास स्थान के आधार पर विभिन्न वर्गों में वर्गीकृत किया गया है। कई ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं और इसलिए उन्हें पॉलीएक्स्ट्रीमोफ़ाइल (Polyextremophiles) के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए, पृथ्वी की सतह के नीचे गहरी गर्म चट्टानों के अंदर रहने वाले जीव थर्मोफिलिक (Thermophilic) और बैरोफिलिक (Barophilic) हैं, जैसे थर्मोकॉकस बारोफिलस (Thermococcus barophilus)।

पॉलीएक्सट्रीमोफाइल्स को उच्च और निम्न पीएच (Ph) स्तर दोनों को सहन करने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है। 3.0 या उससे नीचे के पीएच स्तर पर वृद्धि करने वाले जीवों को एसिडोफ़ाइल (Acidophile), 9.0 या उससे अधिक के पीएच स्तर पर वृद्धि करने वाले जीवों को एल्कलिफ़ाइल (Alkaliphile), ऑक्सीजन (Oxygen) की अनुपस्थिति में जीवित जीवों को एनेरोब (Anaerobe), चट्टानों के भीतर सूक्ष्म स्थानों में रहने वाले जीवों को क्रिप्टोएंडोलिथ (Cryptoendolith), अत्यधिक लवणीय स्थानों में रहने वाले जीवों को हेलोफाइल (Halophile), 80°C (176°F) से ऊपर के तापमान पर रहने वाले जीवों को हाइपरथर्मोंफ़ाइल (Hyperthermophile), ठंडे रेगिस्तान में चट्टानों के नीचे रहने वाले जीवों को हाइपोलिथ (Hypolith), 45°C (113°F) से ऊपर के तापमान पर जीवित जीवों को थर्मोफ़ाइल (Thermophile) कहा जाता है। इसी प्रकार से अन्य अत्यंत असहनीय स्थानों में रहने वाले जीवों को भी इसी प्रकार से वर्गीकृत किया गया है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के चलते जैव प्रौद्योगिकी ने हमारे जीवन को बहुत ही रोमांचक तरीके से बदल दिया है। जैव प्रौद्योगिकी के इस कार्य में ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है क्योंकि इनका प्रयोग जैव प्रौद्योगिकी की कई प्रक्रियाओं में किया जाता है। कुछ ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े पमाने पर उपयोग में लाये जाते हैं।

ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल के एंज़ाइम्स (Enzymes), डीएनए (DNA) इत्यादि का प्रयोग क्रमशः जैव ईंधन बनाने, पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (Polymerase chain reaction - PCR) में किया जाता है। डीएनए पोलीमरेज़, जैव ईंधन, बायोमाइनिंग (Biomining), और जैव प्रौद्योगिकी के कैरोटीनॉयड (Carotenoid) क्षेत्रों में स्थापित व्यावसायिक सफलता के साथ, एक्स्ट्रीमोफाइल और उनके एंज़ाइमों का बाज़ार में व्यापक स्तर है जो बढ़ते रहने की उम्मीद है।

चिकित्सीय क्षेत्र की यदि बात की जाए तो एक्स्ट्रीमोफाइल एंटीबायोटिक्स (Antibiotics), एंटीफंगल (Antifungals) और एंटीट्यूमर (Antitumor) अणु उपलब्ध कराने में सहायक हैं। ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल को एंटीमाइक्रोबियल पेप्टाइड्स (Antimicrobial peptides) और डाइकीटोपाइपराज़ीन्स (Diketopiperazines) बनाने के लिए जाना जाता है। रोगाणुरोधी पेप्टाइड्स को हेलोबैक्टीरियाशिए (Halobacteriaceae) के साथ-साथ सल्फ़ोलोबस (Sulfolobus) प्रजाति में पाया गया है। इनके अलावा ऐसे कई ऍक्स्ट्रीमोफ़ाइल के उत्पादों का उपयोग अन्य चिकित्सीय प्रयोजनों में किया जा रहा है।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Extremophile
2. https://oceanservice.noaa.gov/facts/extremophile.html
3. https://www.frontiersin.org/articles/10.3389/fmicb.2018.02309/full
4. https://f1000research.com/articles/5-396



RECENT POST

  • खरोष्ठी भाषा का उद्भव
    ध्वनि 2- भाषायें

     10-07-2020 05:29 PM


  • अत्यधिक रंजित मोम का स्राव करते हैं लाख या लाह कीट
    तितलियाँ व कीड़े

     10-07-2020 05:34 PM


  • भारत के हितों में गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पुनरुद्धार और प्रभावशीलता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     08-07-2020 06:48 PM


  • भारत में नवपाषाण स्वास्थ्य बदलाव
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     08-07-2020 07:44 PM


  • सूफीवाद पर सबसे प्राचीन फारसी ग्रंथ : कासफ़-उल-महज़ोब
    ध्वनि 2- भाषायें

     07-07-2020 04:55 PM


  • जौनपुर की अद्भुत मृदा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-07-2020 03:37 PM


  • आईएसएस को आपकी छत से देखा जा सकता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     04-07-2020 07:22 PM


  • भारत के दलदल जंगल
    जंगल

     03-07-2020 03:16 PM


  • शाश्वत प्रतीक्षा का प्रतीक है नंदी (बैल)
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-07-2020 11:09 AM


  • शिल्पकारों के कलात्मक उत्साह को दर्शाती है पेपर मेशे (Paper mache) हस्तकला
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     01-07-2020 11:53 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.