स्वास्थ्य व पर्यावरण समस्याओं से निपटने में सहायक सिद्ध हो सकती है कॉकरोच फार्मिंग

जौनपुर

 18-01-2020 10:00 AM
तितलियाँ व कीड़े

अधिकतर घरों के लिए कॉकरोच (Cockroach) समस्या का कारण होते हैं। क्योंकि इनकी उपस्थिति किसी को भी सुखद प्रतीत नहीं हो सकती। अक्सर ये ही माना जाता है कि कॉकरोच गंदगी पैदा करते हैं तथा इनकी उपस्थिति कई बीमारियों का कारण भी बन सकती है। किंतु विभिन्न देशों में कई ऐसे स्थान भी हैं जहां इनकी मौजूदगी को कॉकरोच फार्मिंग (Cockroach Farming) के ज़रिए बढ़ाया जा रहा है। कॉकरोच फार्मिंग के माध्यम से कॉकरोचों के नकारात्मक पहलू को नहीं बल्कि सकारात्मक पहलुओं को देखा जाता है जिसमें यह नुकसान नहीं बल्कि लाभ ही लाभ पहुंचाते हैं। यह एक विशिष्ट प्रकार की कीट फार्मिंग अर्थात खेती है जिसमें नियंत्रित सुविधाओं में पशुधन के रूप में कॉकरोचों का प्रजनन शामिल होता है। चीन में इस उद्योग का आकार बहुत बड़ा है जहां बड़ी-बड़ी इमारतों का प्रयोग लाखों कॉकरोचों को पालने में किया जाता है।

इनका प्रयोग या तो मनुष्यों और छिपकलियों के लिए एक खाद्य स्रोत के रूप में किया जाता है या फिर इन्हें दवा बनाने के लिए दवा उद्योगों को बेचा जाता है। एशियाई दवा उद्योग और कॉस्मेटिक कंपनियां (Cosmetic companies) कॉकरोचों के प्राथमिक खरीददार हैं। कॉकरोच प्रोटीन (Protein) के सबसे सस्ते स्रोत हैं तथा अन्य कीड़ों की तरह मांस उद्योग में भी प्रयोग में लाये जाते हैं। कॉस्मेटिक कंपनियों के लिए कॉकरोच के पंख बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि इनमें सेल्यूलोज़ (Cellulose) पाया जाता है। फार्मास्युटिकल (Pharmaceutical) कंपनियां पारंपरिक चीनी दवाओं के लिए कॉकरोच का उपयोग कर रही हैं तथा कैंसर (Cancer) और एड्स (AIDS) के उपचार के लिए संभावित नए उपचारों पर शोध कर रही हैं। चीन में कॉकरोचों से बनी एक औषधि का प्रयोग लाखों लोगों द्वारा किया जा रहा है तथा स्थानीय अधिकारियों का दावा है कि इस दवा के उल्लेखनीय प्रभाव देखने को मिले हैं। एक सरकारी रिपोर्ट (Report) के अनुसार, औषधी निर्माण तथा सेवन के बाद 4 करोड़ से अधिक लोग ठीक हो गए हैं।

चीन में एक फार्म आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस / एआई (Artificial Intelligence / AI) का उपयोग कर रहा है ताकि एक साल में 6 बिलियन कॉकरोचों का उत्पादन किया जा सके तथा विश्व में मनुष्यों की आबादी से भी अधिक कॉकरोच पैदा किए जा सकें। फार्म कॉकरोच उत्पादन में सुधार और विशाल कॉलोनी (Colony) को बनाए रखने के लिए एआई का उपयोग करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर कॉकरोच बाहर आ गये तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं क्योंकि वे बहुत तेज़ी से प्रजनन करते हैं, तथा तीव्रता से आस-पास के क्षेत्रों को संक्रमित कर सकते हैं। हालांकि कॉकरोच का उपयोग एक औषधीय घटक के रूप में किया जाता है, जिसे चीन भर में दवा की दुकानों में खरीदा जा सकता है। लोगों का दावा है कि पेट में दर्द और अन्य बीमारियों के इलाज में इनसे बनी औषधियां बहुत लाभकारी सिद्ध होती हैं। कॉकरोच का उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा में हज़ारों वर्षों से किया जाता रहा है। इसके अलावा ये कॉकरोच प्रतिदिन 15 टन कचरे को भी खाकर नष्ट करते हैं जिससे बीमारियों के फैलने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।

ऐसा माना जा रहा है कि कॉकरोच कैंसर जैसी बीमारियों को भी ठीक कर सकते हैं। चीन में किये जा रहे एक शोध के अनुसार कॉकरोचों से ऐसी दवाईयों का निर्माण किया जा सकता है जो कैंसर और एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों को ठीक कर सकती हैं। इसके अलावा इनसे बनने वाली दवाईयां पेट के अल्सर (Ulcer), त्वचा की जलन और घावों को भी ठीक कर सकती है। भारत में भी इनसे सम्बंधित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है क्योंकि कई स्वास्थ्य व पर्यावरण समस्याओं से निपटने में कॉकरोच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Cockroach_farming
2. https://bit.ly/2QOcZ9F
3. https://bit.ly/2RbphrN
4. https://bit.ly/36KsgxP



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