तकनीकी और प्रौद्योगिकी के विकास के साथ निरंतर नवाचारों में वृद्धि हो रही है तथा विभिन्न वस्तुओं के पुराने रूप को नए से प्रतिस्थापित कर दिया गया है। जैसे कम्प्यूटर ने टाइपराईटर (Typewriter) को, टेलीफोन ने टेलीग्राम को, तथा एलसीडी डिस्प्ले (LCD display) ने सीआरटी डिस्प्ले (CRT display) को प्रतिस्थापित किया है ठीक उसी प्रकार से कैमरों में दशकों पूर्व प्रयोग की जाने वाली फोटोग्राफिक फिल्म (Photographic film) को डिजिटल फोटोग्राफी (digital Photography) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।
पहले के समय में कैमरों में किसी दृश्य को कैद करने के लिए प्रायः फोटोग्राफिक फिल्म का उपयोग किया जाता था। फोटोग्राफिक फिल्म एक पारदर्शी प्लास्टिक फिल्म बेस की एक पट्टी या शीट होती है, जोकि एक तरफ से जिलेटिन इमल्शन (Emulsion) से लेपित की गयी होती है। इस जिलेटिन इमल्शन में प्रकाश-संवेदनशील छोटे सिल्वर हलाइड क्रिस्टल (Silver halide crystal) होते हैं जिन्हें केवल सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जा सकता है। क्रिस्टलों का आकार और उसकी अन्य विशेषताएँ फिल्म की संवेदनशीलता, विषमता (contrast) और स्थिरता (resolution) को निर्धारित करती है। अगर इसे प्रकाश के संपर्क में छोड़ दिया जाता है तो इमल्शन धीरे-धीरे अंधकारमय हो जाता है। लेकिन प्रक्रिया बहुत धीमी है और किसी भी व्यावहारिक उपयोग के लिए अपूर्ण है। प्रारम्भिक व्यावहारिक फोटोग्राफिक प्रक्रिया डागरेरोटाइप (daguerreotype) थी, जोकि 1839 में पेश की गयी थी। इसमें फिल्म का उपयोग नहीं किया था। प्रकाश के प्रति संवेदनशील रसायन चांदी की परत वाली तांबे की शीट की सतह पर बनते थे। कॉलोटाइप (calotype) प्रक्रिया ने पेपर निगेटिव (paper negatives) को उत्पन्न किया। 1850 के दशक की शुरुआत में, फोटोग्राफिक पायस के साथ लेपित पतली ग्लास प्लेटें कैमरे में उपयोग की जाने वाली मानक सामग्री बन गईं थी। हालांकि नाजुक और अपेक्षाकृत भारी, फोटोग्राफिक प्लेटों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ग्लास, शुरुआती पारदर्शी प्लास्टिक की तुलना में बेहतर ऑप्टिकल गुणवत्ता का था और पहले, कम महंगा था। ग्लास प्लेटों का उपयोग फिल्म की शुरुआत के बाद लंबे समय तक किया जाता रहा। और 2000 के दशक की शुरुआत तक एस्ट्रोफोटोग्राफी (Astrophotography) और इलेक्ट्रॉन माइक्रोग्राफी (Electron Micrography) के लिए उपयोग किया जाता था।
पहली लचीली फ़ोटोग्राफ़िक रोल फ़िल्म को 1885 में जॉर्ज ईस्टमैन द्वारा बेचा गया था। 1889 में पहली पारदर्शी प्लास्टिक रोल फिल्म बनी थी जोकि अत्यधिक ज्वलनशील नाइट्रोसेल्युलोज (Nitrocellulose) से बनायी गयी थी। 1908 में कोडेक द्वारा सेलूलोज़ एसीटेट (Cellulose Acetate) या सेफ्टी फिल्म (Safety Film) पेश की गयी। 1933 में एक्स-रे फिल्मों का उपयोग किया गया हालांकि सेफ्टी फिल्म का इस्तेमाल तब भी 16 मिमी और 8 मिमी की घरेलू फिल्मों के लिए किया जाता था। 21 वीं सदी की शुरुआत तक फिल्म, फोटोग्राफी का प्रमुख रूप रहा किंतु डिजिटल फोटोग्राफी में प्रगति ने उपभोक्ताओं को कैमरे के डिजिटल स्वरूप की ओर आकर्षित किया।
पहला इलेक्ट्रॉनिक कैमरा, सोनी माविका (Sony Mavica) 1981 में जबकि पहला डिजिटल कैमरा, फ़ूजी डीएस-एक्स (Fuji DS-X) 1989 में जारी किया गया। 20 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के दौरान घरों में डिजिटल रंगीन प्रिंटर और तेजी से फैलते कंप्यूटरों ने उपभोक्ताओं को डिजिटल फोटोग्राफी की ओर अग्रसर किया जिससे यह फोटोग्राफी के लिए वर्तमान समय की नवीनतम तकनीक बना। कैमरे में एक मैमोरीकार्ड लगा होता है जिससे जितनी भी फोटो क्लिक की जाती हैं वो मैमोरीकार्ड में संग्रहित हो जाती हैं। आधुनिक युग में डिजिटल फोटोग्राफी को अत्यधिक पसंद किया जा रहा है जो फिल्म फोटोग्राफी तथा इससे जुडे उद्योगों के पतन का कारण बन रही है। इसके लोकप्रिय होने का प्रमुख कारण फोटोग्राफी प्रक्रिया में लगने वाला कम समय है। डिजिटल फोटोग्राफी की लोकप्रियता के चलते फोटोग्राफी फिल्म की बिक्री में भारी गिरावट देखी गयी। कोडेक, फुजीफिल्म आदि फिल्म फोटोग्राफी से जुडी मशहूर कम्पनियां है जिन्हें डिजिटल फोटोग्राफी के चलते काफी नुकसान झेलना पडा। हालांकि फुजीफिल्म ने इस नुकसान से उभरने में बड़े पैमाने पर सफलता हासिल की।
फोटोग्राफिक फिल्म को पुनः से लोकप्रिय बनाने के लिए इससे जुडी कम्पनियों ने कई प्रयास किए जिसके फलस्वरूप विगत वर्षों में फोटोग्राफिक फिल्म की बिक्री कुछ हद तक बढी। इस बिक्री को बढावा मुख्य रूप से पेशेवर फोटोग्राफर द्वारा दिया गया था जो डिजिटल फोटोग्राफी के इस युग में भी फोटोग्राफिक फिल्म का प्रयोग कर रहे हैं तथा इसकी उपयोगिता को समझ रहे हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ये फोटोग्राफर्स फोटोग्राफिक फिल्म का उपयोग कर अपनी फोटोग्राफी को दूसरों से अलग करना चाहते हैं और उसे एक अलग रूप देना चाहते हैं। विदेशों में कई विज्ञापन एजेंसियों और प्रकाशन घरों में आज भी बेहतर तकनीकी पहलुओं और अच्छे परिणाम के लिए फोटोग्राफिक फिल्म का उपयोग किया जाता है।
संदर्भ:
1. https://bit.ly/2QxAtyq
2. https://www.weforum.org/agenda/2019/09/impact-smartphones-had-camera-industry/
3. https://www.capturelandscapes.com/are-smartphones-replacing-professional-cameras/
4. https://www.dqindia.com/will-nikon-fujifilm-canon-take-dangling-camera-market/
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