उत्तर प्रदेश के बाजारों में उपलब्ध है रसोई का हीरा कहा जाने वाला ट्रफल (Truffle)

जौनपुर

 27-12-2019 12:50 PM
फंफूद, कुकुरमुत्ता

एक ऐसा कवक इस दुनिया में पाया जाता है जो कि खाने के स्वाद में अति उत्तम माना जाता है। इस कवक को ट्रफल (Truffle) के नाम से जाना जाता है। ट्रफल एक प्रकार का कंद भी होता है जो कि विभिन्न वर्गीकरणों में वर्गीकृत किया जाता है। ये ट्रफल मुख्य रूप से पेड़ों की जड़ों में पाए जाते हैं। ट्रफल को हिंदी में कटरुआ कहा जाता है, ये अपनी बनावट और स्वाद के कारण अत्यंत ही बेशकीमती माने जाते हैं। कितने ही लोगों के अनुसार यह तक कहा गया है की ट्रफल रसोईं का हीरा है। यह एक ऐसा पदार्थ है जो कि फ्रेंच (French), इतालवी (Italian) और अन्य ना जाने कितने ही खानों में प्रयोग में लाया जाता है।

यह कवक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खाया जाने वाला पदार्थ है। यह कवक मुख्य रूप से जंगलों में पाया जाता है लेकिन इसकी खेती भी की जाती है। चॉकलेट ट्रफल भी एक प्रकार का व्यंजन होता है जो कि ट्रफल की तरह दिखाई देता है लेकिन यह पारंपरिक रूप से कोको पाउडर और अन्य ड्राई फ्रूट के संयोग से बनाया जाता है। ट्रफल बाजार में मानसून की पहली वर्षा के साथ आना शुरू होता है। यह शुरूआती दौर में भारत में करीब 1000 रूपए किलो तक बिकता है। जैसा कि पहले ही बताया गया है कि यह एक प्रकार का कवक होता है तो इसे मशरूम की भी श्रेणी में डाला जा सकता है। यह खाने में स्वादिष्ट होने के साथ साथ ही अत्यंत ही प्रोटीन से भरपूर होता है।

यह फसल वैसे तो विश्व भर में खाई जाती है लेकिन भारत में यह देश भर के प्रमुख मंडियों में देखा जाता है। यह दिल्ली, मुंबई समेत देश भर के बड़े शहरों में मिल जाता है। जैसा कि उपरोक्त पंक्तियों में बताया गया है कि यह मशरूम जंगलों में पाया जाता है तो इसका एक बड़ा फायदा वहां के स्थानीय लोगों और आदिवासियों को मिलता है। यह यहाँ के लोगों को इस समय करीब 2000 रूपए तक कमाने का अवसर प्रदान करता है। ट्रफल के महंगा होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह वन्य स्थल में पैदा होता है और इसको तैयार होने में ज्यादा समय भी लगता है।

पूरे भारत भर में यह विभिन्न नामों से जाना जाता है जिसे की हम निम्नलिखित रूप से देख सकते हैं। बनारस में यह कटरुआ के नाम से जाना जाता है, शाहजहांपुर में भी इसे कटरुआ ही बुलाया जाता है। लखीमपुर, पीलीभीत आदि स्थानों पर भी इसे कटरुआ नाम से ही जाना जाता है।देहरादून में इसे फूटफूट नाम से जाना जाता है और झारखण्ड में इसे रुगडा नाम से बुलाया जाता है। कटरुआ दिखने में काले सफ़ेद नदी के कंकड़ की तरह दिखाई देता है, यह काली मिटटी की परतो में ढका हुआ पाया जाता है। यह एक अंडे की तरह आवरण भी अपने ऊपर लिए रहता है जो की इसके अन्दर के गुदे को संभाल कर रखती है। यह ऐतिहासिक रूप से कई साम्राज्यों द्वारा प्रयोग में लाया जाता रहा है तथा इसी कारण इसका वक्तव्य हमें उर और रोम से भी मिल जाता है।

सन्दर्भ:-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Truffle
2. https://www.thehindu.com/life-and-style/food/lets-talk-truffles/article23772402.ece
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Chocolate_truffle
4. https://en.everybodywiki.com/Katarua
5. https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/lakhimpur-kheri/the-first-crop-of-katarua-sold-thousand-kg-hindi-news



RECENT POST

  • ऐतिहासिक एलिफेंटा गुफाएं
    खदान

     20-09-2020 08:23 AM


  • व्यक्ति के बारे में कई जानकारियां हासिल कर पाने में सक्षम है, डीएनए परीक्षण (DNA Test)
    डीएनए

     19-09-2020 01:10 AM


  • बैटरियों का बैंक क्या है? क्या यहां वास्‍तव में बैटरियां मिलती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-09-2020 02:29 AM


  • प्राचीन युद्धों के मुख्य किरदार और चतुरंग सेना के मुख्य खंड: हाथी
    हथियार व खिलौने

     17-09-2020 06:07 AM


  • खयाल गायकी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     16-09-2020 02:18 AM


  • आखिर कितने तारे हैं ब्रह्माण्‍ड में?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     15-09-2020 02:09 AM


  • आत्मा, मानव मृत्यु और अंतिम निर्णय से सम्बंधित है परलोक सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-09-2020 04:19 AM


  • अपने राजसी एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध है, गिर वन्यजीव अभयारण्य
    जंगल

     13-09-2020 04:13 AM


  • क्या जानवरों को भी होता है, दुःख का एहसास?
    व्यवहारिक

     12-09-2020 10:09 AM


  • मेहराब - इस्लाम धर्म में इंसान और ईश्वर के बीच की एक अद्भुत कड़ी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-09-2020 02:51 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id