क्या है सुखवाद एवं नैतिक सुखवाद विचारधारा?

जौनपुर

 12-12-2019 10:06 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

सुखवाद एक ऐसी विचारधारा है जो यह तर्क देती है कि सुख और दुख कल्याण के एकमात्र घटक हैं। सुखवाद नीतिशास्त्र के अंतर्गत नैतिक अपेक्षाओं की अभिपुष्टि करने वाला सिद्धांत है। सुखवाद के अनुसार अच्छाई वह है जो आनन्द प्रदान करती है या दुःख-पीड़ा से छुटकारा दिलाती है तथा बुराई वह है जो दुःख-पीड़ा को जन्म देती है। सैद्धांतिक तौर पर सुखवाद नीतिशास्त्र में प्रकृतिवाद का एक रूपांतर है। वहीं नैतिक सुखवाद वह विचार है जो लोकहितकारी नैतिकता के साथ सुखवाद को जोड़ता है, जो दावा करता है कि हमें जो करना चाहिए वह इस बात पर विशेष रूप से निर्भर करता है कि व्यक्तियों पर उसका क्या प्रभाव पड़ता है।

नैतिक सुखवादी बढ़ती खुशियों को नियंत्रित रखेंगे और उन्हें अनुभव करने में सक्षम सभी प्राणियों के लिए दुख को कम करेंगे या नकारात्मक परिणामवाद के मामले में पीड़ा को कम करने की कोशिश करेंगे। नकारात्मक उपयोगितावाद के अनुसार, केवल दुख का कम होना मायने रखता है। कहा जाता है कि नैतिक सुखवाद की शुरुआत सुकरात के छात्र साइरीन के एरिस्टिपस (Aristippus) ने की थी। उनके अनुसार आनंद सबसे उत्तम है। वहीं नैतिक सुखवाद का खंडन करने के लिए अनुभव मशीन (Machine) या आनंद मशीन जैसे विचार प्रयोग को दार्शनिक रॉबर्ट नोज़िक ने अपनी 1974 की किताब एनार्की, स्टेट, एंड यूटोपिया (Anarchy, State, and Utopia) में दिखाया था, जो कि सबसे प्रसिद्ध ज्ञात प्रयासों में से एक है।

यदि हेडोनिज्म (Hedonism) का प्राथमिक प्रसंग है कि "आनंद अच्छा है", तो जीवन का कोई भी घटक जो आनंददायक नहीं है, वह किसी के सुख को बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं करता है। यह कई मूल्य सिद्धांतकारों का दृश्य है, लेकिन कुछ शास्त्रीय उपयोगितावादियों द्वारा सबसे प्रसिद्ध है। वहीं नोज़िक द्वारा एक विचार प्रयोग के माध्यम से इस प्रसंग का आक्षेप किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सुख के अलावा किसी अन्य चीज़ से आनंद की प्राप्ति को सिद्ध किया जाए तो सुखवाद को पराजित किया जा सकता है।

नोज़िक द्वारा इसे एक उदाहरण देकर समझाया गया, जो कुछ इस प्रकार है: वे हमें एक ऐसी मशीन की कल्पना करने के लिए कहते हैं जो हमें वह आकर्षक या सुखद अनुभव दे सके जो हम चाहते हैं। वहीं मनोवैज्ञानिकों द्वारा सुखद अनुभवों को प्रेरित करने के लिए एक व्यक्ति के मस्तिष्क को उत्तेजित करने का एक तरीका निकाला गया। फिर वे पूछते हैं, यदि विकल्प दिया जाता है, तो क्या हम वास्तविक जीवन के बजाय मशीन का चयन करेंगे? नोज़िक का यह भी मानना है कि यदि आनंद ही अकेला आंतरिक मूल्य होता है, तो लोगों के पास एक "अनुभव मशीन" की ओर झुकने का एक बड़ा कारण होगा, जो अनुकूल संवेदनाओं का उत्पादन करेगा।

वहीं दूसरी ओर एक परंपरा के रूप में तंत्रवाद खुशी के मूल्य की पुष्टि और शुद्धतावाद की आलोचना करता है जो आज भारत की संस्कृति पर हावी है। प्रेम सरन, जो खुद एक भारतीय तांत्रिक थे, ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में मानव विज्ञान में स्नातकोत्तर अनुसंधान करते हुए इसे लिखा था। सरन हिंदू धर्म को एकात्मक और कालजयी शिक्षा के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि एक ऐतिहासिक बहस के रूप में देखते हैं, जिसमें त्याग बनाम भोग जैसे मुद्दे शामिल हैं। तंत्रवाद के इतिहास पर उनकी टिप्पणियों, और बंगाली वैष्णव (कृष्ण) परंपरा के साथ इसका संबंध सूक्ष्म और दिलचस्प है। सरन के अनुसार, असम में तंत्रवाद का विशेष गढ़ देखा जा सकता है और यह एक ऐसी जगह भी है जहां महिलाएं भारत के किसी भी हिस्से की तुलना में अधिक सम्मान और स्वतंत्रता का आनंद लेती हैं।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Hedonism
2. http://weareferment.net/saran.html
3. https://www.theguardian.com/travel/2005/nov/19/india.guardiansaturdaytravelsection
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Experience_machine
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Raham_-_Drunk_and_Happy.jpg
2. https://pxhere.com/en/photo/1562169
3. https://pixabay.com/no/photos/alkohol-bakrus-hendelse-d%C3%B8d-428392/
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Carnival#/media/File:Lingelbach_Karneval_in_Rom_001c.jpg



RECENT POST

  • सोशल मीडिया लोकतंत्र और चुनावी परिणामों को कैसे प्रभावित करता है?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     29-01-2022 10:05 AM


  • जौनपुर और भारत के अन्य स्थानों में गुलाब की खेती पर एक संक्षिप्‍त नजर
    बागवानी के पौधे (बागान)

     28-01-2022 09:22 AM


  • अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी इंजीनियरिंग पहलों में से एक है, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     27-01-2022 10:43 AM


  • गणतंत्र दिवस के पद्म पुरस्कारों का संक्षिप्त विवरण, जौनपुर के रामभद्राचार्य, पद्म विभूषण के थे प्रवर्तक
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     26-01-2022 10:45 AM


  • महामारी का भारतीय कला जगत पर प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     25-01-2022 09:39 AM


  • तत्वमीमांसा या मेटाफिजिक्स क्या है, और क्यों ज़रूरी है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     24-01-2022 10:55 AM


  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूल आवाज को सुनाता वीडियो
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     23-01-2022 02:30 PM


  • कैसे छिपकली अपनी पूंछ के एक हिस्से को खुद से अलग कर देती हैं ?
    रेंगने वाले जीव

     22-01-2022 10:30 AM


  • स्लम पर्यटन इतना लोकप्रिय कैसे हो गया और यह लोगों को कैसे प्रभावित करता है
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-01-2022 10:07 AM


  • घुड़दौड़ का इतिहास एवं वर्तमान स्थिति
    स्तनधारी

     20-01-2022 11:42 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id