अपने ही सेनापति को अकबर द्वारा देश निकाला क्यों दिया गया

जौनपुर

 14-03-2019 09:00 AM
मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

काबुल से जौनपुर और अजमेर तक मुगल साम्राज्य का विस्तार बैरम खान द्वारा किया गया था, पर उन्हें अकबर द्वारा क्यों निकाल दिया गया? आइए जानते हैं इसके पीछे का इतिहास, जहाँ बैरम खान द्वारा मुगल साम्राज्य के शासन संबंधित कार्यों को कई वर्षों तक सज्जनता पूर्वक किया गया था, वहीं अकबर के परिपक्वता की आयु के करीब पहुंचने से पहले ही बैरम खान अहंकारी हो चुके थे। साथ ही उन्होंने कई प्रभावशाली व्यक्तियों और मुगल दरबार के सज्जनों को नाराज कर दिया था।

वहीं तभी कुछ सज्जनों द्वारा अकबर से शिकायत की गई कि बैरम खान एक शिया थे और वे उच्च कार्यालयों में समर्थकों और शियाओं को ही नियुक्त कर रहे थे और पूराने सज्जनों की अवहेलना करते थे। हालांकि बैरम खान के विरुद्ध लगाए गए आरोप बहुत गंभीर नहीं थे, पर अहंकार के कारण वे ये नहीं देख पाए कि अकबर अब बड़े हो गए थे। वहीं एक छोटी-सी बात में हो रहे मनमुटाव के कारण अकबर को यह एहसास हुआ कि वे अब राज्य के मामलों को किसी और के हाथों में नहीं छोड़ सकते हैं।

बैरम खान को नियंत्रित करने के लिए, अकबर ने एक चाल चली और वे शिकार करने के बहाने आगरा छोड़कर दिल्ली चले गए। वहीं दिल्ली से अकबर द्वारा एक फरमान जारी किया गया, जिसमें उन्होंने बैरम खान को उनके कार्यालय से बर्खास्त करने का आदेश दिया, उसके बाद उन्होंने सभी सज्जनों को व्यक्तिगत रूप से मिलने का आदेश दिया। फरमान से बैरम खान को यह एहसास हो गया कि अब अकबर सत्ता अपने हाथों में लेना चाहता है, तो इसलिए बैरम खान कार्यालय से हटने के लिए तैयार थे। परंतु बैरम खान के विरोधी उन्हें पूरी तरह से बर्बाद करना चाहते थे। इसलिए वे उन्हें तब तक अपमानित करते रहे जब तक वे विद्रोही नहीं बन गए।

इस विद्रोह ने लगभग छह महीने तक साम्राज्य के माहौल को विचलित करके रखा था। वहीं अंत में बैरम खान अकबर के दरबार चले गए और दरबार में अकबर ने उन्हें दरबार के लिए कार्य करने या सेवानिवृत्त होकर मक्का जाने का विकल्प दिया। बैरम खान ने सेवानिवृत्त होकर मक्का जाने का विकल्प चुना और मक्का जाते समय मार्ग में अहमदाबाद के पास पाटन में एक अफगान द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी। बैरम खान की पत्नी और उनके छोटे बच्चे को अकबर आगरा में ले आया और अकबर ने बैरम खान की पत्नी से शादी की और उनके बच्चे का अपने बेटे के रूप में पालन पोषण किया। बैरम खान का बेटा बाद में अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना के नाम से लोकप्रिय हो गए और मुगल साम्राज्य में सबसे महत्वपूर्ण कार्यालयों और आदेशों में से कुछ का आयोजन भी इनके द्वारा ही किया जाता था और अब्दुल रहीम खान-ए-खाना अकबर के नौ रत्नों में से एक थे।

संदर्भ :-
1. https://bit.ly/2HtspvD
2. https://www.quora.com/Why-did-Akbar-kill-Bairam-Khan



RECENT POST

  • जलवायु संकट से लड़ने के लिए, हमें अपतटीय ड्रिलिंग का विस्तार करना बंद करना होगा
    समुद्री संसाधन

     08-12-2022 11:17 AM


  • विश्व मृदा दिवस विशेष: कृषि शिक्षा को नए सिरे से तैयार करने की आवश्यकता है
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     07-12-2022 11:40 AM


  • जौनपुर के राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र के बैंक विभिन्न वित्तीय उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     06-12-2022 10:17 AM


  • क्यों है एक बेहद अजीब और तीखी गंध वाली मछली मुंबई में इतनी लोकप्रिय?
    मछलियाँ व उभयचर

     05-12-2022 10:45 AM


  • कन्नौज में बने इत्र से आती, पहली बारिश के बाद की गीली मिटटी की सौंधी सी सुगंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     04-12-2022 03:08 PM


  • कर्मयोग का ज्ञान हमारे व्यक्तिगत जीवन और कार्यस्थलों में क्रांति घटित कर सकता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     03-12-2022 10:19 AM


  • क्या है कवक और कवक विज्ञान का इतिहास ?
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     02-12-2022 10:31 AM


  • एड्स बिमारी के कलंक को मिटाने के लिए जरूरी हैं सामूहिक प्रयास व जागरूकता कार्यक्रम
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     01-12-2022 11:40 AM


  • भारत की यह विशाल गिलहरी अपनी चंचलता और आवास दोनों खो रही है
    निवास स्थान

     30-11-2022 10:17 AM


  • हमारी आंत के बैक्टीरिया, दिमाग को प्रभावित कर सकते हैं?
    कोशिका के आधार पर

     29-11-2022 10:33 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id