शीत ऋतु के आगमन के साथ ही सब्जी का बाजार हरा भरा लगने लगता है। इन हरी भरी सब्जियों के बीच ताजे ताजे हरे मटर इनकी शोभा में चार चांद लगा देते हैं। भोजन में यदि मटर आ जाए तो इसका जायका ही बदल जाये, तब चाहे वह सब्जी हो या पुलाव, पराठा, पोहा, पनीर सभी में मटर अपना जायका बिखेर देता है। अभी जौनपुर का बाजार भी इन हरी हरी मटर से सजा दिख रहा है। मटर उत्पादन में भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे श्रेष्ठ स्थान है।
मटर प्रमुखतः लेग्युमिनोउस कुल का पौधा है, जोकि एक वार्षिक फसल है या कहें शीत ऋतु की फसल है। नवपाषाण काल से पूर्व मटर एक जंगली पौधा था, जिसे नवपाषाण कालीन कृषि में शामिल किया गया, जिससे इसकी उपज में भी सुधार आया। तीसरी शताब्दी के प्रारंभ थिओफ्रेस्टस द्वारा दालों की श्रेणी में रखा गया जो अपनी कोमलता के कारण सर्दियों में उगाया जाता है। प्रथम शताब्दी में रोमन सेना द्वारा इसे राशन की पूर्ति हेतु न्यूमिडिया (Numidia) और जुडिया (Judea) की रेतीली मिट्टी से एकत्रित किया था। आधुनिक यूरोप में मटर काफी प्रसिद्ध हुआ साथ ही यह रहीसों का भोजन भी माना जाने लगा। मीठे मटर को फ्रांस में मेंगे-टाउट (mange-tout) नाम दिया गया। हेनरी IV (Henri IV) के शासन काल में फ्रांस के राजदूतों द्वारा मटर हॉलैंड (नीदरलैंड) तक ले जाये गये। सत्रहवीं शताब्दी तक मटर फ्रांस के पसंदीदा भोजन में शामिल हो गया था, यहां के शाही परिवारों द्वारा इनका उपयोग बढ़ गया था। इस प्रकार मध्य युग में निरंतर इनका प्रयोग देखने को मिलता है साथ ही यह यूरोप ही नहीं वरन उत्तरी अफ्रीका के लोगों के आहार में शामिल हो गया था।
17वीं 18वीं शताब्दी तक मटर हरे खाने के रूप में अत्यंत प्रसिद्ध हो गया था। इसी दौरान अंग्रेजों द्वारा मटर एक नई किस्म इजात की गयी जिसे "गार्डन" (garden) या "इंग्लिश" (English)मटर कहा जाने लगा। उत्तरी अमेरिका तक इसकी लोकप्रियता देखने को मिलती है, अमेरिका के थॉमस जेफरसन ने अपनी संपत्ति के रूप में मटर की 30 किस्मों का इजात किया। डिब्बाबंदी और भोज्य पदार्थों के शीतलन के आविष्कार से अब मटर वर्ष भर में उपलब्ध हो जाती है। दली हुई सूखी मटर को दाल के रूप में भी उपयोग किया जाता है,गुयाना और त्रिनिदाद जैसे देश में जहा भारतियों की बड़ी आबादी है वहां इसका विशेष उपयोग देखने को मिलता है। 19वीं शताब्दी में आनुवंशिकी के सिद्धान्त के प्रतिपादन हेतु मटर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई अर्थात 19वीं शताब्दी में ग्रेगर मेंडेल ने आनुवंशिकी का परीक्षण मटर के पौधों में ही किया।
जापान, चीन, ताइवान और थाईलैंड, फिलीपींस और मलेशिया जैसे एशियाई देशों में मटर का उपयोग नमकीन और हल्का-फुल्का नाश्ते के रूप में देखने को मिलता है तो वहीं उत्तरी यूरोप, मध्य यूरोप, रूस, ईरान, इराक और भारत में इनका सूप भी पसंद किया जाता है। स्वीडिश का यह पारंपरिक भोजन है। हंगरी और सर्बिया में, मटर का सूप अक्सर पकौड़े के साथ परोसा जाता है जो खूब मसालेदार होता है। एक सर्वेक्षण से ज्ञात हुआ है कि 2005 में मटर ब्रिटेन की सातवीं पसंदीदा सब्जी थी। उत्तरी अमेरिका में गाय के दूध के विकल्प के रूप में मटर का दूध उपयोग किया जाता है। भारत में मटर की अच्छी खपत देखने को मिलती है किंतु सस्ती मटर के आयात को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा पीली और हरी मटर के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मटर की गुणवत्ता का निर्धारण उनकी आकृति के आधार पर किया जा सकता है जिसमें सबसे छोटा मटर अपनी कोमलता से अच्छी गुणवत्ता का बन सकता है तथा लवणीय जल में मटर दानों के तैरने से इनका घनत्व निर्धारित किया जाता है। मटर में स्टार्च, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन बी6, विटामिन सी, विटामिन के, फास्फोरस, मैग्नीशियम, तांबा, लौह, जस्ता और ल्यूटिन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
मटर के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ भी देखने को मिलते हैं :
• हरी मटर वजन कम करने तथा रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करती है।
• हरी मटर झुर्री, अल्जाइमर, गठिया, ब्रोंकाइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम में मदद करती हैं।
• मजबूत प्रतिरक्षा क्षमता, एंटी-एजिंग (anti-aging) उच्च ऊर्जा, उत्पादन में हरी मटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
• हरी मटर पेट के कैंसर के नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध होती है।
• हरी मटर पाचन प्रक्रिया को भी सुचारू रूप से बनाए रखती है।
मटर के पौधे कीड़े, वायरस, बैक्टीरिया और कवक सहित कई अन्य रोगों से प्रभावित हो जाते हैं। इससे जुड़ा एक रोचक तथ्य ये है कि मटर में जिस कीड़े को आप कई बार पाते हैं, वह खुद कभी मटर में प्रवेश नहीं करता। यदि आप ध्यान देंगे तो पाएँगे कि कीड़े वाली मटर में बाहर से कोई छेद नहीं दिखता है जहाँ से कीड़े ने प्रवेश किया हो। असल में जिस अंडे से यह कीड़ा जन्म लेता है, वह तो मटर के दाने के उत्पन्न होने से पहले यहाँ मौजूद होता है। इसलिए यह कीड़ा मटर में नहीं जाता बल्कि मटर इस कीड़े के ऊपर उगती है।
संदर्भ:
1.https://www.agrifarming.in/green-peas-farming/
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Pea
3.https://www.quora.com/How-does-a-worm-takes-birth-inside-a-completely-closed-packed-green-peas-pod
4.https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/foreign-trade/government-extends-import-restrictions-on-peas-till-dec-31/articleshow/65997236.cms
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