साइबर स्टॉकिंग से जुड़े कुछ नियम कानून

जौनपुर

 02-09-2018 11:02 AM
संचार एवं संचार यन्त्र

कुछ सालों से सोशल नेटवर्किंग सिर्फ युवाओं के बीच ही नहीं बल्कि सभी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है। यह सोशल प्लेटफार्म आपको आपके मित्रों और परिवार के मध्य संपर्क स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। परंतु कई लोग सोशल नेटवर्किंग साइटों का उपयोग गलत तरीकों से भी करते है। कुछ लोग इस साइटों पर जा कर अन्य लोगों को परेशान करते है, धमकियां देते है, माहिलाओं के साथ छेड़खानी या उनके पोस्ट पर अभद्र टिप्पणी जैसे साइबर क्राइम करते है। जी हां इस तरह का सोशल नेटवर्किंग दुरुपयोग साइबर क्राइम का एक हिस्सा है।

कानूनी रूप से बात करें तो यदि कोई व्याक्ति ऑनलाइन आपको परेशान कर रहा है, इंटरनेट के जरिए आपकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है, आपके डेटा के साथ छेड़छाड़ कर रहा है, या किसी किस्म का दबाव डाल रहा है तो उसे ऑनलाइन उत्पीड़न कहते हैंI जिसे "साइबर स्टॉकिंग" भी कहते हैI और यदि कोई एक व्यक्ति हो या फ़िर कुछ लोग गुट बनाकर किसी को डरा-धमका रहे हो या धमकी भरे इ-मेल भेज कर परेशान कर रहें हो तो ये साइबर बुलीइंग कहलाता हैI ऐसे अपराधों के लिए इंटरनेट के साथ-साथ मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी किया जाता हैI

साइबर स्टॉकिंग की समस्या का सामना अधिकतर महिलाओं को करना पड़ता है। ऐसा ही एक मुकदमा जौनपुर जिले में देखने को मिला, यहां सोशल मीडिया पर युवतियों के खिलाफ अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी करने वाले पिन्टू कुमार के विरुद्ध पंवारा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

इस समस्या से निपटने के लिये भारतीय दंड संहिता में इंटरनेट अपराधों के लिए कई नियम शामिल है और साइबर स्टॉकिंग/बुलीइंग को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354C एवं 354D के तहत अपराध घोषित किया गया है। इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (IT) 2008 के अंतर्गत अभियुक्त को तीन साल या उससे ज़्यादा की सजा और जुर्माना भी हो सकता हैI ऑनलाइन उत्पीड़न में यौन उत्पीड़न भी शामिल है इसलिये इसे कार्यस्थल पर (रोकथाम, निषेध, और निवारण) अधिनियम 2013 में महिलाओं के यौन उत्पीड़न की धारा 2(n) के तहत अवांछनीय रूप से परिभाषित किया गया है।

साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों और उनसे जुड़े अपराधों की सूची निम्नवत है जो आपको पता होने चाहिए:
1.अपमानजनक पदार्थ या अश्लील चीजों की प्रिंटिंग के जरिये ब्लैकमेल : धारा 292A IPC
2.अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी के जारिये यौन उत्पीड़न : धारा 354 A IPC
3.स्टॉकिंग करने का अपराध : धारा 354 D IPC
4.ईमेल द्वारा अपमानजनक संदेश भेजना : धारा 499 IPC
5.एक अज्ञात संचार द्वारा आपराधिक धमकी : धारा 507 IPC
6.गोपनीयता के उल्लंघन के लिए सजा : धारा 66E IT एक्ट, 2008
7.शब्दों, इशारा या कार्य द्वारा किसी महिला का अपमान करने के उद्देश्य : धारा 509 IPC
8.इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना : धारा 67 IT एक्ट, 2008
9.इलेक्ट्रॉनिक रूप में यौन स्पष्ट अधिनियम आदि युक्त सामग्री का प्रकाशन या प्रेषण : धारा 67 A IT एक्ट, 2008

संदर्भ:

1.https://blog.ipleaders.in/cyber-stalking/
2.https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/jaunpur/story-sued-for-the-abusive-commenter-2147061.html



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