पढ़िए जौनपुर को समर्पित ये 5 अनूठे लेख

जौनपुर

 10-08-2018 01:58 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

कहते हैं कि कई बार सफ़र मंज़िल से भी कहीं ज़्यादा खूबसूरत होता है। प्रारंग का यह सफ़र भी कुछ ऐसा ही है जो अपने पाठकों के प्रोत्साहन के साथ चलता जा रहा है और दिन प्रतिदिन और भी मनोरंजक होता जा रहा है। हर दिन हमारे इस प्रारंग परिवार में कुछ नए सदस्य जुड़ते जा रहे हैं। तो आज हम कुछ समय निकालेंगे 2018 के अब तक के सफ़र की समीक्षा करने में।

आज की तारीख है 10 अगस्त 2018 तथा आज इस वर्ष का 222वां दिन है। इन 222 दिनों में प्रारंग अपने परिवार के जौनपुरवासियों तक 208 लेख पहुंचा चुका है तथा यह लेख 209वां लेख होगा। यदि देखा जाये तो लगभग हर दिन प्रारंग ने जौनपुर को समर्पित एक लेख आप तक पहुँचाया है। प्रारंग के अनूठे वर्गीकरण में यदि इन लेखों को देखा जाए तो संस्कृति से जुड़े 152 लेख तथा प्रकृति से जुड़े 56 लेख अब तक इस वर्ष में प्रस्तुत किये गए हैं। और यदि संस्कृति और प्रकृति के भीतर वर्गीकरण की बात करें तो लेखों का वितरण कुछ इस प्रकार है:

प्रकृति:
• समयसीमा- 19
• मानव व उसकी इन्द्रियाँ- 71
• मानव व उसके आविष्कार- 62

संस्कृति:
• भूगोल- 20
• जीव-जंतु- 14
• वनस्पति- 22

इन लेखों को प्रारंग के जौनपुर पोर्टल (http://jaunpur.prarang.in/), फेसबुक (https://www.facebook.com/prarang.in/), ट्विटर (https://twitter.com/prarang_in?lang=en) तथा प्रारंग की एंड्राइड मोबाइल एप्लीकेशन (https://play.google.com/store/apps/details?id=com.riversanskiriti.prarang&hl=en_IN) द्वारा आप तक पहुँचाया गया। इनमें से जौनपुरवासियों की सबसे अधिक प्रतिक्रिया फेसबुक पर देखने को मिली।

यदि बात करें फेसबुक लाइक्स (Facebook Likes) की तो वर्ष 2018 में जौनपुर के लेखों को करीब 10,000 बार लाइक किया गया तथा उनपर कमेंट (Comment) के रूप में पाठकों द्वारा 81 बार टिप्पणी की गयी। आज प्रारंग के साथ फेसबुक पर करीब 43,000+ पाठक जुड़े हुए हैं जिनमें से 10,000+ पाठक जौनपुर से हैं। साथ ही प्रारंग की एंड्राइड मोबाइल एप्लीकेशन के 1000 से भी अधिक डाउनलोड (Download) हो चुके हैं जिनमें से जौनपुर से करीब 300 डाउनलोड हैं।

प्रारंग द्वारा प्रकाशित किये गए प्रस्तुत 5 लेख जौनपुरवासियों में सबसे अधिक लोकप्रिय रहे। प्रत्येक लेख के ऊपर क्लिक कर आप उसे पढ़ सकते हैं:

1. जौनपुर में चुभती जलती गर्मी
2. 
रविवार कविता: वामिक़ जौनपुरी
3. कहाँ से आया जौनपुर की इमारतों का पत्थर?
4. 
मंदिर-नगर और स्थलवृक्ष का सम्बन्ध
5. 
विकास के लिए रोकना होगा जौनपुर में अपराध

साथ ही हम आप सभी से आग्रह करना चाहेंगे कि हर लेख पर कमेंट और लाइक के रूप में अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर ज़ाहिर करें। अंत में प्रारंग अपने सभी जौनपुर के पाठकों को हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद कहना चाहेगा क्योंकि यह आप लोगों का निरंतर प्रोत्साहन ही है जो हमें हर दिन बेहतर से बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।



RECENT POST

  • ले मोर्ने के तट पर, शानदार भ्रम उत्पन्न करता है मॉरीशस
    पर्वत, चोटी व पठार

     01-08-2021 01:16 PM


  • भार‍तीय फ़ास्ट फ़ूड व् स्‍ट्रीटफूड चाट की बढ़ती लोकप्रियता
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     31-07-2021 09:12 AM


  • अर्थव्यवस्था के उदारीकरण और चल रहे वैश्वीकरण में शहरी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     30-07-2021 10:40 AM


  • चंदन की व्यापक खेती द्वारा चंदन की तीव्र मांग को पूरा किया जा सकता है।
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     29-07-2021 09:33 AM


  • कड़े संघर्षों के पश्चात मिलता है गिद्धराज का ताज
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवापंछीयाँ

     28-07-2021 10:18 AM


  • मॉनिटर छिपकली बनी युद्ध में मुगल सम्राट औरंगजेब की पराजय का एक कारण
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:07 AM


  • कैसे हुआ आधुनिक पक्षी का दो पैरों वाले डायनासोर के एक समूह से चमत्कारी कायापलट?
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:40 AM


  • प्रमुख पूर्व-कोलंबियाई खंडहरों में से एक है, माचू पिचू
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     25-07-2021 02:28 PM


  • भारत क्या सीख सकता है ऑस्ट्रेलिया की समृद्ध खेल संस्कृति से?
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     24-07-2021 11:11 AM


  • भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है अलौकिक गुणों का पश्चिमी शास्त्रीय बैले (ballet) नृत्य
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:19 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id