भारत में इन्टरनेट का आगमन

जौनपुर

 18-07-2018 02:10 PM
संचार एवं संचार यन्त्र

इन्टरनेट (Internet)को आज की नज़र में समझे तो विश्व के सभी कंप्यूटर, मोबाइल फोन (Mobile Phones) व अन्य डिजिटल यंत्र को आपस में जोड़ने के लिए बनाया गया एक संजाल है। इन्टरनेट के द्वारा कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, किसी भी प्रकार की जानकारी (जैसे ज्ञान, किताबें, वीडियो, फोटो इत्यादि) अपने कंप्यूटर/मोबाइल पर हासिल कर सकता है।

भारत में इन्टरनेट की शुरुआत 1986 में एजुकेशनल रिसर्च नेटवर्क (Educational Research Network, ERNET) से हुई। ERNET की शुरुआत भारत सरकार के साथ विद्युत् विभाग ने मिलकर की थी। शुरू में यह नेटवर्क सिर्फ शिक्शात्मिक एवं अनुसंधान संस्थानों को ही उपलब्ध कराया गया था।

भारत में सार्वजनिक रूप से इन्टरनेट का प्रक्षेपण 15 अगस्त 1995 को वी.एस.एन.एल. (विदेश संचार निगम लिमिटिड) द्वारा किया गया था। उस समय तक निजी कंपनियों को यह सेवा प्रदान करने की अनुमति नहीं दी जाती थी। तभी से इन्टरनेट की लोकप्रियता बढ़ती ही गई – यह इसी बात से ज़ाहिर है कि इन्टरनेट के प्रक्षेपण के शुरूआती 6 महीनों में ही वी.एस.एन.एल. ने 10,000 उपभोक्ता हासिल कर लिए थे।

नीचे दिए गए चित्र में वी.एस.एन.एल. द्वारा जारी किये गए 1995 के इन्टरनेट के शुल्क को दर्शाया गया है। इसे देखकर ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हम आज इस इन्टरनेट के क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुके हैं।



इन्टरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (Internet and Mobile Association of India) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट ‘इन्टरनेट इन इंडिया 2017’(Internet in India 2017) के मुताबिक़ जून 2018 में भारत में इन्टरनेट उपभोक्ताओं की संख्या करीब 50 करोड़ बताई थी।

आजकल इन्टरनेट का उपयोग कई कामों में किया जाने लगा है, जैसे ए-मेल (E-mail), डाउनलोड (Downloading), खेल-मनोरंजन, ऑनलाइन शौपिंग (Online Shopping) इत्यादि। लेकिन इन्टरनेट का उपयोग केवल इन कामों तक ही सीमित नहीं है। आजकल के बैंक भी अपने ग्राहकों को इन्टरनेट के ज़रिये बिल-भुक्तान, पैसा स्थानांतरण आदि जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। इन सेवाओं का उपयोग करके ग्राहक घर बैठे ही अपने अकाउंट से पैसा ट्रान्सफर (Transfer) कर सकते हैं।

आजकल के महाविद्यालय व ट्रेनिंग (Training) संस्थानों ने भी अपने छात्रों के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू कर दिए हैं, जिनका प्रयोग करके छात्र कभी भी, कहीं भी शिक्षा ले सकते हैं। इन्टरनेट लोगों को अपने घर से काम करने की भी आज़ादी देता है।

संदर्भ:
1.https://vittana.org/12-pros-and-cons-of-internet
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Internet_in_India
3.http://top-10-list.org/2013/06/22/top-10-uses-of-internet/2
4.https://www.news18.com/news/tech/the-story-of-how-the-internet-came-to-india-an-insiders-account-1039533.html
5.http://www.iamai.in/media/details/4990



RECENT POST

  • कैसे व्हेल पृथ्वी पर सबसे बड़ा जीव बन गया?
    निवास स्थान

     23-06-2021 08:25 PM


  • शरणार्थियों के संदर्भ में भारत का महत्वपूर्ण इतिहास
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     23-06-2021 10:14 AM


  • महामारी के दौरान खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है आलू. लेकिन उत्पादकों की रूचि कम क्यों होने लगी?
    साग-सब्जियाँ

     22-06-2021 08:14 AM


  • क्‍या है विशालकाय सब्‍जियों के पीछे का विज्ञान?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें साग-सब्जियाँ

     21-06-2021 07:34 AM


  • शास्त्रीय संगीत का कार्टूनों की दुनिया में उपयोग
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-06-2021 12:35 PM


  • भारतीय ग्रे नेवला (हर्पेस्टेस एडवर्ड्सी) बेहद रोचक और उपयोगी जानवर है।
    स्तनधारी

     19-06-2021 02:24 PM


  • सिंचाई करते समय पानी की बर्बादी को खत्म करने में सहायक है ड्रिप इरिगेशन तकनीक
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-06-2021 09:23 AM


  • जौनपुर का गौरवपूर्ण इतिहास दर्शाती है खालिस मुखलिस मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:42 AM


  • दुनिया भर में लोकप्रियता के मामले में फुटबॉल ने क्रिकेट को पछाड़ दिया है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:55 PM


  • देवनागरी लिपि का इतिहास और विकास
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 11:20 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id