रविवार गीत: बजे सरगम हर तरफ से गूंजे बनकर देश राग

जौनपुर

 15-07-2018 09:34 AM
ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

राग देस अथवा देश खमाज थाट का राग है। इसके ऊपर कई प्रमुख गीत हैं, जिनमें सबसे जाना माना है – वन्दे मातरम। शायद इसी गीत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 1989 में दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया यह गाना, ‘बजे सरगम हर तरफ से, गूंजे बनकर देश राग’ बनाया गया। इसमें भारत के मशहूर गायक, वादक और नृत्यांगना, देश की मुख्य प्रदर्शन कला का नमूना पेश करते हैं। राग तो शास्त्रीय संगीत है ही, साथ-साथ तबला, संतूर, सरोद, सितार, कथक, भरतनाट्यम, मणिपुरी, ओड़िसी सब इस वीडियो में एक ही धुन में भारत की एकता को ख़ूबसूरती से उभारकर प्रस्तुत करते है।

संदर्भ:
1.https://indianexpress.com/article/lifestyle/art-and-culture/the-song-thats-india-revisiting-desh-raag-4793599/



RECENT POST

  • मोहम्‍मद के जन्‍मोत्‍सव मिलाद से जूड़े अध्‍याय
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-10-2020 09:59 PM


  • कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने में चुनौती साबित हो रहा है जल संकट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     27-10-2020 12:32 AM


  • दशानन की खूबियां
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     26-10-2020 10:38 AM


  • आश्चर्य से भरपूर है, बस्तर की असामान्य चटनी छपराह
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     25-10-2020 05:59 AM


  • नृत्‍य में मुद्राओं की भूमिका
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-10-2020 08:17 PM


  • दिव्य गुणों और अनेकों विद्याओं के धनी हैं, महर्षि नारद
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-10-2020 04:58 PM


  • जौनपुर के मुख्य आस्था केंद्रों में से एक है, मां शीतला चौकिया धाम
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-10-2020 09:38 AM


  • कृत्रिम वर्षा (Cloud Seeding): बादल एवम्‌ वर्षा को नियंत्रित करने का कारगर उपाय
    जलवायु व ऋतु

     21-10-2020 01:06 AM


  • मुगलकालीन प्रसिद्ध व्‍यंजन जर्दा
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 08:47 AM


  • नौ रात्रियों का पर्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 07:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id