कैसे पड़ा हमारे जौनपुर का नाम?

जौनपुर

 10-06-2018 11:51 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

जौनपुर शहर के नाम से सम्बंधित कई विचार हैं जिनमें हम पाते हैं कि यह सप्त ऋषि में से एक ऋषि जमदग्नि के नाम से जौनपुर हुआ। कथन के अनुसार शुरुआत में यह जमदग्निपुरम नाम से जाना जाता था लेकिन अवधि भाषा के कारण यह विकृत होते-होते जौनपुर हो गया। एक अन्य कथन के अनुसार यह फिरोज शाह तुगलक के भाई के नाम पर जौनपुर हुआ। फिरोज शाह के भाई का नाम जौना खान था और उन्हीं के नाम के कारण यह जौनपुर हुआ। एक अन्य कथन के अनुसार जौनपुर का नाम यवन पुर था और अवधी भाषा के प्रभाव के कारण यह यवन से जवन हुआ और बाद में जौन हो गया। जैसा कि ज्ञात हो कि शर्की सुलतान अफ्रीका से आये हुए थे और अफ्रीकियों को यवन कहा जाता था, यवनों का यहाँ पर शासन होने के कारण यह यवनपुर और जौनपुर हुआ। इन कथनों में अनेकों बिंदु हैं परन्तु यहाँ हम तुगलक के नाम की समीक्षा करेंगे।

आज हम देखते हैं कि विश्व के कई स्थान के नाम अलेक्जेंड्रिया जो कि अलेक्जेंडर के नाम पर आधारित है। यही नहीं, अलेक्जेंडर को सिकंदर के नाम से भी जाना जाता है और हम कई सिकंदराबाद नाम के शहरों को भी जानते हैं। ये सारे नाम उनके शासकों के नाम पर आधारित हैं। परन्तु आश्चर्य की बात यह है कि जौनपुर शहर की स्थापना जब तुगालकों ने की तो इसका नाम ‘तुगलकाबाद’ क्यों नहीं पड़ा? 1359 ईस्वी में फिरोज़ शाह तुगलक द्वारा जौनपुर का नाम उनके चचेरे भाई मुहम्मद बिन तुगलक की याद में रखा गया था। जैसा कि ज्ञात हो कि मोहम्मद बिन तुगलक जौनपुर के नामकरण के 8 वर्ष पहले ही पाकिस्तान के थट्टा नामक स्थान पर लड़ाई करते हुए मारे गए थे और उन्हीं की याद में जौनपुर का नाम उनको समर्पित किया गया था। मुहम्मद बिन तुगलक का बचपन का नाम जौना खान था तथा इसी कारण जौना खान के नाम पर इस शहर का नाम जौनपुर पड़ा।

तुगलक के नाम या वंश के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। तुगलकाबाद नाम एक शापित नाम के रूप में जाना जाता है जिसका भरपूर सन्दर्भ दिल्ली के तुगलकाबाद से हमें मिलता है। गयासुद्दीन तुगलक को इस वंश का संस्थापक कहा जाता है। दिल्ली के तुगलकाबाद से सम्बंधित शापित होने की कहानी एक सूफी सन्यासी निजामुद्दीन औलिया से जुड़ी हुयी है। तुगलकाबाद के निर्माण के समय में ही दिल्ली में पानी की अत्यधिक किल्लत हो गयी थी और निजामुद्दीन एक बावली बनवा रहे थे जहाँ पर कई राजगीर लगे हुए थे जिस कारण तुगलकाबाद किले के लिए मजदूर नहीं मिल रहे थे और तब गियासुद्दीन तुगलक ने बावली के काम को रोकने की कोशिश की थी। इसी दौरान निजामुद्दीन ने उन्हें श्राप दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि तुगलकाबाद कभी तैयार न हो सका। उपरोक्त लिखित कथन के अनुसार हम जौनपुर के नाम के एक अंश की विवेचना कर सकते हैं।

1.http://jaunpur.nic.in/jaunpur_english/hist_places_e.html
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Jaunpur,_Uttar_Pradesh
3.https://www.hindustantimes.com/delhi-news/tughlaqabad-fort-of-a-monarch-and-a-revered-sufi/story-6GPQ2kRzGHl3iNPQucnlbI.html



RECENT POST

  • महामारी के दौरान खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है आलू. लेकिन उत्पादकों की रूचि कम क्यों होने लगी?
    साग-सब्जियाँ

     22-06-2021 08:14 AM


  • क्‍या है विशालकाय सब्‍जियों के पीछे का विज्ञान?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें साग-सब्जियाँ

     21-06-2021 07:34 AM


  • शास्त्रीय संगीत का कार्टूनों की दुनिया में उपयोग
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-06-2021 12:35 PM


  • भारतीय ग्रे नेवला (हर्पेस्टेस एडवर्ड्सी) बेहद रोचक और उपयोगी जानवर है।
    स्तनधारी

     19-06-2021 02:24 PM


  • सिंचाई करते समय पानी की बर्बादी को खत्म करने में सहायक है ड्रिप इरिगेशन तकनीक
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-06-2021 09:23 AM


  • जौनपुर का गौरवपूर्ण इतिहास दर्शाती है खालिस मुखलिस मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:42 AM


  • दुनिया भर में लोकप्रियता के मामले में फुटबॉल ने क्रिकेट को पछाड़ दिया है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:55 PM


  • देवनागरी लिपि का इतिहास और विकास
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 11:20 AM


  • कोविड के दौरान देखी गई भारत में ऊर्जा की खपत में गिरावट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     14-06-2021 09:13 AM


  • पानी में तैरने, हवा में उड़ने, और बिल को खोदने के लिए सांपों ने किए हैं, अपने शरीर में कुछ सूक्ष्म परिवर्तन
    व्यवहारिक

     13-06-2021 11:42 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id