जौनपुर की जादूई मछली

जौनपुर

 24-03-2018 10:50 AM
वास्तुकला 1 वाह्य भवन

जौनपुर प्रयोगों का शहर रहा है। यहाँ पर वास्तु पर कई प्रयोग किये गए हैं और उन्ही प्रयोगों में एक है शाही पुल। शाही पुल का निर्माण मात्र शहर को व्यापारिक मार्ग से जोड़ना भर नहीं था अपितु यहाँ पर व्यापार और आवागमन को सुचारू रूप से चलाने का भी था। शाही पुल पर कई विभिन्न प्रकार की कलाकृतियाँ व अभिलेख लगाये गए हैं, यहाँ पर लगाये अभिलेख इस पुल की महत्ता व निर्माण कार्य को बताते हैं। कलाकृतियों में मुग़ल काल का प्रमुख सितारा इस पुल के मेहराबों पर बनाया गया है, परन्तु देखने व ध्यान देने योग्य कलाकृति इसपर बनाये गए शेर का जोड़ा और 2 मछलियों का जोड़ा है।

इस पुल पर बनायीं गयी मछलियाँ देखने में रोहू प्रजाती की हैं जो कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पाई जाती हैं। ये मछलियाँ जादूई मछलियों के नाम से भी जानी जाती हैं। इनके जादुई होने का कारण इनको बनाते हुए किया गया प्रयोग है। दोनों मछालियों पर रोहू मछली की तरह निशान बनाये गए हैं। ये निशान इस तरह से बनाये गए हैं की यदि दाहिने तरफ से देखो तो बायीं तरफ की मछली एकदम सपाट और बिना निशान के दिखाई देती है जबकि दाहिने तरफ की मछली अपने पूरे रूप में दिखाई देती है। वहीँ जब बायीं तरफ से देखो तो दाहिने तरफ की मछली बिना किसी कलाकृति के दिखाई देती है और बायीं तरफ की मछली अपने पूरे कलाकृति के साथ दिखती है।

अब इसमें जादू क्या है? दरअसल इसमें जादू जैसा कुछ भी नहीं पर विज्ञान रुपी जादू इसमें जरूर है। इसपर कलाकृति को इस तरह से उकेरा गया है कि यदि आप यह मछली पूँछ की तरफ से देखेंगे तो यह कलाकृति के साथ दिखाई देगी परन्तु यदि मुह के तरफ से देखेंगे तो यह सपाट और बिना कलाकृति के दिखाई देगी। इसको बनाते वक़्त इस प्रकार से इसपर कलाकृति बनायी गयी थी कि काटने का नाप और अनुपात एक समान था जिससे यह इसप्रकार से प्रतीत होती हैं। यह कला अपने में अद्भुत है तथा जौनपुर की उत्तम शिल्पकारी को प्रस्तुत करती है। यह कला वर्तमान के 3-डी कला के रूप में ही देखा जा सकता है जो कि अपने में एक अत्यंत उत्तम कलाकारी है।

1.https://www.google.co.in/amp/www.dailymail.co.uk/sciencetech/article-3618310/amp/When-science-meets-art-Mind-bending-sculptures-play-perspective-create-unbelievable-optical-illusions.html



RECENT POST

  • भारत ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का खिताब छह बार अपने नाम किया, पहली बार 1966 में रीता फारिया ने
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     28-11-2021 12:59 PM


  • भारतीय परिवार संरचना के लाभ
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     27-11-2021 10:23 AM


  • विश्व सहित भारत में आइस हॉकी का इतिहास
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     26-11-2021 10:13 AM


  • प्राचीन भारत में भूगोल की समझ तथा भौगोलिक जानकारी के मूल्यवान स्रोत
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     25-11-2021 09:43 AM


  • सई नदी बेसिन में प्राचीन पुरातत्व स्थल उल्लेखनीय हैं
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     24-11-2021 08:45 AM


  • मशक से लेकर होल्‍डॉल और वाटरप्रूफ़ बैग तक, भारत में स्वदेशी निर्माण का इतिहास
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     23-11-2021 10:58 AM


  • जौनपुर के क्रांतिकारी शायर सैय्यद अहमद मुज्तबा उर्फ़ वामिक़ जौनपुरी की बेहतरीन रचनाएं
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     22-11-2021 10:19 AM


  • दुनिया के सबसे महंगे फव्वारों में से एक है, ग्रैंड कैस्केड
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-11-2021 11:01 AM


  • वैज्ञानिक रूप से सटीक, लेकिन कलात्मक घटक से पौधे के रूप, रंग, विवरण को चित्रित करता है वानस्पतिक चित्रण
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-11-2021 11:14 AM


  • सिख समाज में अखंड पाठ की गौरव गाथा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-11-2021 09:42 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id