जौनपुर और सूफ़ीवाद का रिश्ता

जौनपुर

 08-03-2018 01:21 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

अपने शब्दों को ऊँचा करो आवाज को नहीं! यह बारिश है जो फूलों को बढ़ने देती है इसकी गर्जन नहीं। - रूमी

रूमी उन मशहूर सूफीयों में से एक है जिन्होंने शायरी को लोगों तक सूफ़ीवाद को पहुँचाने का माध्यम बनाया।

आखिर क्या है सूफ़ीवाद?

मान्यता है कि सूफ़ीवाद इराक के बसरा नगर में तक़रीबन कुछ एक हज़ार साल पहले जन्मा, जिसकी प्रथम अन्वेषक राबी-अल-अदावियाह नाम की औरत थी। राबिया, अल ग़ज़ाली, अल अदहम, अत्तार, रूमी, हाफ़िज़ और ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती कुछ मशहूर सूफी शख़्सियत हैं। सूफीवाद इस्लाम का एक रहस्यवादी पंथ है और वे मानते हैं कि उनका स्त्रोत खुद पैगम्बर मुहम्मद हैं। सूफ़ी नाम कैसे मिला इसका कोई ठोस मत नहीं है, कुछ लोगों के हिसाब से ये उन्नी शब्द सोफोस (Sophos) मतलब ज्ञान से निकला है, कुछ लोगों के हिसाब से इसका मूल अरबी शब्द सफ़: (पवित्र) से है और किसी का यह मानना है कि सूफी यह शब्द सुफ़ (ऊन) से आया क्यूंकि सूफी दरवेश ऊन से बने कपड़े पहनते थे। सूफ़ियों के तरीके अथवा सिलसिले होते हैं जो उनके गुरु, उनके मुर्शिद के नाम से जाने जाते हैं जैसे चिश्ती, मदरिया, बेक्ताशी, नक्शबंदी, निमातुल्लाही आदि। सूफी संतों को फ़क़ीर अथवा दरवेश कहते हैं।

जौनपुर में मदरिया सिलसिला-

मदरिया सिलसिला के प्रथम अन्वेषक थे सूफी संत सईद बदिउद्दीन जिंदा शाह मदार जिन्हें क़ुतुब उल मदर के नाम से जाना जाता था।

मदरिया सिलसिला सामजस्यपूर्ण धारणा, कर्मकांड से ज्यादा धिक्र पर ज़ोर देने में, जिसमें आप अपने मन में अल्लाह का नाम स्मरण करते हैं, इन सिद्धांतों पर खड़ा हुआ है।

मदरिया सिलसिला का प्रसार बिहार से उत्तरप्रदेश और बंगाल की तरफ हुआ और उसके प्रचार एवं प्रसार में सबसे बड़ा हाथ था शर्की सुल्तानों का। जौनपुर सुलतान इब्राहिम शर्की ने मदरिया सिलसिला को राजाश्रय दिया। हज़रत मीर अशरफ़ जहाँगीर सिमनानी ने सुल्तान इब्राहिम शाह शर्की को एक ख़त लिखा था जिसमें पूरे उत्तर भारत के प्रमुख सिलसिलों के बारे में लिखा था और जिसमें मदरिया सिलसिला बहुत ज्यादा प्रसिद्ध था। सूफी संत सईद बदिउद्दीन जिंदा शाह मदार जौनपुर सुल्तान इब्राहिम शाह शर्की के बहुत करीबी सल्लागार एवं मुख्य वज़ीर थे। उनके गुजर जाने पर सुल्तान इब्राहिम ने उनकी कब्र पर दरगाह बनवाई। यह दरगाह मकानपुर, ज़िला कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित है।

1. सोशल एंड कल्चरल हिस्ट्री ऑफ़ बंगाल वॉल्यूम 1: अब्दुर रहीम
2. मदरिया सिलसिला इन इंडियन पर्सपेक्टिव: आनंद भट्टाचार्य
3. रसैल-अर-रोवी-जिलिद 1, 2 और 3: हज़रत मौलवी जलालुद्दीन अहमद रसैल-अर-रोवी
4. सूफ़ी सेंटस एंड श्राइन्स इन इंडिया: जॉन ए. सुभान



RECENT POST

  • फैशन जगत में अपना एक नया स्‍थान बना रहा है मछली का चमड़ा
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:29 AM


  • शरीर पर घने बालों के साथ भयानक ताकत और स्वभाव वाले माने जाते थे गोरिल्ला
    शारीरिक

     26-06-2022 10:13 AM


  • सिकुड़ते प्राकृतिक आवासों के बीच, गैर बर्फीले क्षेत्रों के अनुकूलित हो रहे हैं, ध्रुवीय भालू
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:58 AM


  • क्या वास्तव में फ्रोज़न खाद्य पदार्थ की बढ़ती लोकप्रियता ने बदल दिया है भारतीय खाद्य उद्योग को?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:52 AM


  • सामाजिक व् राजनीतिक अन्याय के विरोध का रचनात्मक, शक्तिशाली रूप है, हिप-हॉप या रैप संगीत
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:39 AM


  • पश्चिमी देशों में योग की लोकप्रियता का श्रेय किसे जाता है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     22-06-2022 10:25 AM


  • हथियारों के रूप में कीड़ों का उपयोग
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 10:02 AM


  • क्यों युवा पीढ़ी कर रहे हैं समाचार पढ़ने से परहेज
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 09:02 AM


  • पानी वाली भैंस और गैंडे के बीच संघर्ष को दिखाता वीडियो
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:17 PM


  • पश्चिमी सभ्यता में मस्तिष्क की धारणा एवं मनोदशा बदलने वाला शक्तिशाली मनो सक्रिय पदार्थ साइकेडेलिक
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     18-06-2022 10:06 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id