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रामपुर में आलू की पैदावार

Rampur
13-03-2018 10:48 AM

किसी भी प्रकार की सब्जी हो आलू अपने आप को उस हिसाब से ढाल ही लेता है। कई बार तो दाल में भी आलू को डाला जाता है और इससे दाल का स्वाद और भी निखर कर बाहर आता है। उत्तर प्रदेश आलू के लिए जन्नत से कम नहीं पूरे भारत में उत्पादित आलू में 40% से ज्यादा आलू उत्तर प्रदेश में ही उगाया जाता है। उत्तर प्रदेश में आलू के इस अपार उत्पाद का श्रेय यहाँ की जीवन दायनी नदी गंगा, यमुना को और यहाँ की मिटटी को जाता है जो की इस पूरे भूखंड में आलू की उत्पाद इतने बड़े पैमाने पर करती है।

रामपुर गंगा द्वारा सिंचित क्षेत्र व हिमालय के तराई क्षेत्र में आता है जिस कारण यहाँ की जमीन अत्यंत उपजाऊ है। यही कारण है की रामपुर में कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है। रामपुर में उत्पादित फसलों में गन्ना, आलू, मेंथा प्रमुखता से आते हैं। रामपुर में कुल आलू की प्रति हेक्टेयर पैदावार करीब 262.4 क्विंटल है जो की प्रदेश स्तर के उत्पादन 223.83 क्विंटल से ज्यादा है। यहाँ पर उत्पादित आलू मंडियों के अलावा शीतगृह में रखा व रोजमर्रा के प्रयोग के लिए लाया जाता है। रामपुर में आलू के बीज भी बड़े पैमाने पर यहाँ की नर्सरी में उगाये जाते हैं जिन्हें बाद में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बोने के लिए बेचा जाता है।

1.http://icssr.org/District%20Rampur%20-%20RS%20Tiwari[1].pdf
2.http://agriculture.up.nic.in/WriteReadData/CDAP-RKVY/Rampur.pdf


अहिक्षेत्र का किला

Rampur
12-03-2018 11:16 AM

अहिक्षेत्र प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक पंचाल की राजधानी थी। यह संभवतः प्राचीन भारत के सबसे बड़े और विकसित शहरों में से एक था। यहाँ से प्राप्त अवशेष यहाँ की अद्भुत वास्तुकला व मूर्तिकला को प्रदर्शित करते हैं। नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में रखी गयी गंगा और यमुना की मिटटी की मूर्तियाँ यहीं की खुदाई में प्राप्त हुयी थी। अहिक्षेत्र एक किलाबंद शहर था जिसके किले की दीवारे मिटटी के पके इंटों से बनायीं गयी है तथा यहाँ की दीवारे काफी मोटी हैं जो इस किले को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती हैं। यह किला आज भी अपने जीर्ण शीर्ण हालत में खड़ा हुआ अपने वैभव के काल को प्रदर्शित कर रहा है। यहाँ की किलेबंदी कुल लगभग तीन मील की है जो की त्रिकोणात्मक घेरे में है। इस किले के अन्दर कई ऊँचे टीले व जल के तालाब स्थित हैं जो की विभिन्न महलों व जल की उपलब्धता की तरफ संकेत करते हैं।

यहाँ का सबसे ऊँचा टीला कुल 75 फुट ऊँचा है। अहिक्षेत्र में सबसे पहले खुदाई का जिम्मा अलेक्जेंडर कर्निघम ने उठाया था और उन्होंने वहां पर खुदाई करवाई और कालांतर में फ्यूरर ने खुदाई को आगे बढाया। खुदाई में प्रयुक्त सामान आज भी अहिक्षेत्र में दिखाई दे जाते हैं और यह भी साफ़ होता है की किस पैमाने पर वहां पर खुदाई कराइ गई थी। बाद में सन 1940-44 में यहाँ पर कुछ चुने हुए स्थानों की खुदाई हुई जिसमें भूरी मिट्टी के ठीकरे मिले। जैसा की इस स्थान का नाम महाभारत में कई स्थानों पर दिखाई देता है, जिससे यह साफ़ हो जाता है की यह अवश्य ही महाभारत काल में एक विशाल शहर होगा। यहाँ से शुंग, कुषाण और गुप्तकाल की अनेक मुद्राएँ, पत्थर और मिट्टी की मूर्तियाँ मिलीं। बाद के काल के रहने के स्थान, सड़कें और मंदिरों के अवशेष भी मिले हैं। जो इस स्थान के लम्बे समय तक के प्रयोग को प्रदर्शित करती हैं तथा साथ ही साथ इस स्थान के महत्व की तरफ भी ध्यान आकर्षित करती हैं। अहिक्षेत्र अपनी परम पराकाष्ठा पर गुप्त काल में पंहुचा था जब यहाँ पर कई त्रिकोण आकार के मंदिर बने थे। चीनी चात्री युवान च्वांग ने यहाँ पर 10 बौद्ध विहार और नौ मंदिर देखे थे। अहिक्षेत्र का पतन 11 विं शताब्दी में हो गया था।

1.आर्केयोलाजिकल सर्वे ऑव इंडिया, भाग 1, कनिंघम
2.राइज एंड फाल ऑफ़ द इम्पीरियल गुप्ताज, अश्विनी अग्रवाल
3.इनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ इंडियन जियोग्राफी, वॉल्यूम 1, सुबोध कपूर


रामपुर की जामा मस्जिद

Rampur
11-03-2018 08:46 AM

जामा का अर्थ है लोगों का झुण्ड और जामा मस्जिद का तात्पर्य है जहाँ पर पूरे एक समुदाय के लोग इकठ्ठा हो नमाज अदा करते हों। जामा मस्जिद में प्रत्येक शुक्रवार की नमाज व ईद की नमाज अदा की जाती है ये मस्जिदें आम मस्जिदों से बड़ी होती है जिसका सीधा तात्पर्य यह है की बड़ी संख्या में लोग यहाँ पर इकट्ठा हो सके। रामपुर में भी जामा मस्जिद स्थित है जो की यहाँ की सबसे खुबसूरत मस्जिदों में से एक है।

रामपुर की जामा मस्जिद सौंदर्य के अनुसार भारत के तमाम खूबसूरत मस्जिदों में से एक है। रामपुर की जामा मस्जिद कुछ हद तक दिल्ली के जामा मस्जिद की तरह दिखाई देती है। रामपुर की जामा मस्जिद का निर्माण नवाब फैज़ुल्लाह खान ने कुल 3 लाख रूपए में शुरू करवाया था जिसे बाद में नवाब कल्ब अली खान ने पूरा करवाया था। इस मस्जिद में मुग़ल वास्तुकला का प्रभाव देखने को मिलता है। इस मस्जिद में कुल 4 लम्बे मीनार हैं जो की ऊपर से स्वर्ण से सुसज्जित हैं तथा ये नवाबियत को प्रस्तुत करते हैं। मस्जिद में कुल तीन प्याज की तरह के वस्तु से सुसज्जित गुम्बद हैं। इस मस्जिद का मुख्य द्वार अत्यंत विशाल है तथा इसके द्वार पर घड़ी की मीनार है जिसमे लगी घड़ी ब्रिटेन से मंगाई गयी थी। रामपुर की जामा मस्जिद वास्तविकता में वस्तु के अनुसार अत्यंत खूबसूरत है तथा इसे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है की किस सोच के साथ इसका निर्माण करवाया गया था।

1. बिल्डिंग हिस्टरीज: द आर्काइवल एंड अफ्फेक्टिव लाइवस ऑफ़ फाइव मोनुमेंट्स इन मॉडर्न इंडिया, मृणालिनी राजगोपालन 2. https://en.wikipedia.org/wiki/Rampur,_Uttar_Pradesh


रामपुर की मशहूर चिकन काली मिर्च

Rampur
10-03-2018 08:48 AM

काली मिर्च एक ऐसा मसाला है जिसका व्यापार भारत प्राचीन काल से करते आ रहा है। विश्व की कई प्राचीन सभ्यताओं में हम काली मिर्च के व्यापार व भारत के संबंधों को देखते हैं। विदेशियों के भारत में आगमन का एक बड़ा कारण काली मिर्च भी था। काली मिर्च का उत्पादन दक्षिण भारत में बड़े पैमाने पर किया जाता है। भारत में काली मिर्च से सम्बंधित कई पकवान बनाये जाते हैं जिनमे से एक है चिकन काली मिर्च या यूँ कहें मुर्ग काली मिर्च। रामपुर के रसोईं में मुर्ग काली मिर्च का अपना एक अलग ही अंदाज़ व स्वाद है। यहाँ पर नवाबों के काल से ही इस पकवान को बनाया जाता रहा है। आज भी यहाँ के प्रमुख भोजनालयों में मुर्ग काली मिर्च उसी पुराने अंदाज़ में बनायीं व परोसी जाती है।

मुर्ग काली मिर्च में मुर्गे का गोश्त, नमक, गरम मसाला, अदरक, लहसुन, दही, तेल लगता है तथा इसका रस्सा तैयार करने में काजू, दही, अदरक, लहसून, प्याज, तेल, नमक, काली मिर्च, सूखा पुदीना, कसूरी मेथी, गरम मसाला, देसी घी, हरी मिर्च व मक्खन लगती है। उपरोक्त वस्तुओं के इस्तेमाल से स्वादिष्ट व लजीज़ मुर्ग कालीमिर्च तैयार की जाती है।

1.द थेफ़्ट ऑफ़ इंडिया, रॉय मोक्स्हम 2.द अल्टीमेट गाइड तो कुकिंग चिकन द इंडियन वे, प्रसेनजीत कुमार 3.न्यू इंडियन होम कुकिंग: मोर देन 100 न्यूट्रीशनल एंड इजी लो-फैट रेसिपी, मधु गाडिया


रामपुर के उद्योग: राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर

Rampur
09-03-2018 02:14 PM

रामपुर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद विभाग के सबसे छोटे हिस्से में से एक है। दिसम्बर 1949 के पहले यह रामपुर रियासत था जो रामपुर नवाबों के अधीन था। चीनी प्रसंस्करण, आसवनी, कपड़ा बनाना आदि यहाँ के प्रमुख उद्योग हैं। सन 1935-45 के बीच यहाँ पर कुछ नए उद्योगों की स्थापना हुई जिनमें से रज़ा टेक्सटाइल मिल, रज़ा आसवनी रामपुर नवाबों आदि के द्वारा शुरू की गयी।

आगे चल रज़ा टेक्सटाइल मिल तो बंद होकर खंडहर बन गयी है लेकिन रज़ा आसवनी आज रेडिको खेतान मर्यादित के नाम से नए रूप में जागतिक स्तर पर प्रसिद्ध हो गयी है तथा भारत में सबसे बड़ी आसवानीयों में से एक है। इस कारखाने में बनने वाली 8 पीएम व्हिस्की, मैजिक मोमेंट वोडका, कॉन्टेसा रम और ओल्ड एडमिरल ब्रांडी जग प्रसिद्ध है जिसमें से 8पीएम व्हिस्की तो पहले साल में दस लाख बक्से बेचने की वजह से लिम्का विश्वअभिलेख पुस्तक में दर्ज हो चुकी है। रामपुर के इन जगप्रसिद्ध मद्यों को बहुत से ख़िताब और सम्मान मिले हैं। रज़ा आसवनी के इस डूबते उद्योग को श्री. खेतान ने सन 1972 में श्री. डालमिया से ख़रीदा और रेडिको खेतान नाम के छाप के साथ विश्व के आगे रखा।

रामपुर के दूसरे प्रसिद्ध उद्योगों के नाम हैं रामपुर फर्टिलाइजर मर्यादित, कपिल मेंथोल एंड अलाइड केमिकल्स मर्यादित, रूद्र बिलास किशन सहकारी चीनी मिल्स मर्यादित।

रामपुर में प्रौद्योगिकी, कला-कौशल और फिर इनसे थोड़े कम स्तर पर कृषि से लोगों को रोजगार मिलता है। सरकार की तरफ से आज यहाँ पर प्रोद्योगिकी को बढ़ावा देकर रोजगार निरमाण की पूरी कोशिश की जा रही है।

1. एमएसएमई, रामपुर
2. http://www.radicokhaitan.com/rampurdistillery.html
3. http://www.rampurfert.com/
4. वर्ल्ड व्हिस्की: ए नेशन बाय नेशन गाइड टू द बेस्ट- डी.के.
5.http://www.thehindu.com/news/national/other-states/politics-drives-workers-to-penury-in-royal-rampur/article2947369.ece


जीवाणु: जिंदगी देनेवाले या लेनेवाले?

Rampur
08-03-2018 01:23 PM

जीवाणु ऐसे जीव हैं जो पृथ्वी पर उत्पत्ति से लेकर आज तक मौजूद हैं। मान्यता है कि ये पृथ्वी के प्रथम जीवों में से एक हैं और उनमें से कुछ प्रकार उत्पत्ति से लेकर आज भी उसी रूप में हैं बिना किसी बदलाव के। मानव ने शुरुवात से ही सजीव प्राणी एवं पशु को वर्गीकृत करने की कोशिश की है। शुरुवात में जीवाणुओं को एइच्लेर द्वारा पादप जगत के क्रिप्टोगैम (Cryptogams) इस समूह में जिसमें प्रजनन बीजाणुओं की सहायता से होता है रखा गया। आज इन्हें असीमकेंद्रकी (प्रोकर्योटिक: Prokaryotic) इस समूह में रखा गया है। जीवाणु एककोशीय, कोशिका भित्तियुक्त, अकेंद्रिक सरल जीव होते हैं जो बहुतायता से परपोषी होते हैं और इनकी प्रजनन विधि संयुग्मन प्रकार की होती है। यह जीव प्राय: सर्वत्र पाए जाते हैं जैसे मिट्टी, जल, वायु यहाँ तक की पौधों एवं मानव आदि पशुओं के शरीर में भी। अचम्भे की बात है कि ये सूक्ष्मदर्शी जीव जिन्हें हम खुली आँखों से नहीं देख पाते, संसार के बायोमास (Biomass) का ये एक अहम और बहुत बड़ा हिस्सा हैं; पशु-वनस्पति से भी बड़ा, पृथ्वी पर लगभग 5×1030 जीवाणु मौजूद हैं।

जीवाणुओं को पहली बार डच वैज्ञानिक एण्टनी वाँन ल्यूवोनहूक ने अपने एकल लेंस सूक्ष्मदर्शी यंत्र से देखा लेकिन उन्होंने इसे सिर्फ किसी प्रकार का जंतुक समझा था। 18वीं शताब्दी में लुइ पाश्चर एवं कोख (जीवाणुअध्ययन क्षेत्र के युगपुरुष) इन वैज्ञानिकों के मुताबिक जीवाणु रोग फैलाते हैं यह अनुमान निकला गया, जैसे टीबी, त्वचारोग आदि लेकिन बैक्टिरियोलोजी (Bacteriology), जीवाणुओं की अध्ययन शाखा के अनुसार सभी जीवाणु रोगकारक नहीं होते इस अनुमान को पुष्टि मिली। रोगकारक जीवाणुओं के लिए प्रतिजैविक का प्रथम आविष्कार पॉल एह्रलीच ने सिफिलिस (syphilis) रोग की चिकित्सा के लिए किया था जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला।

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि जीवाणु सिर्फ रोग कारक नहीं होते बल्कि वे सहाय्यकारक भी होते हैं। किण्वन प्रक्रिया से ऐसे बहुत से जीवाणु हैं जिनके बिना मनुष्य का शरीर ठीक से काम ही नहीं कर पायेगा। मनुष्य शरीर में मानव कोशिकाओं के मुकाबले 30% ज्यादा जीवाणु कोष होते हैं जो ज्यादातर त्वचा एवं आहार-नाल में पायें जाते हैं। इ. कोलाय (E. Coli) यह आहार-नाल में पाए जाने वाला जीवाणु ‘विटामिन के’ (Vitamin K) का एकमात्र स्त्रोत है जो मनुष्य को और कहीं से नहीं मिलता। ‘विटामिन के’ पाचन में मदद करने के साथ-साथ चोट लगने से होने वाले रक्तस्राव को रोकने में भी मदद करता है।

ज्यादा मात्रा में जीवाणु बढ़ने से ये रोगकारक तो होते हैं लेकिन इनके वजह से होने वाले रोगों के विविध लक्षण के जरिये रोग सूचक का भी काम करते हैं। इस बात से साफ़ जाहिर है कि जीवाणु रोगकारक भी हैं और रोग से मुक्त करने वाले भी।

1. रिफ्रेशर कोर्स इन बॉटनी: सी एल सॉवह्ने
2. जीवजगत का वर्गीकरण, एनसीईआरटी https://biologyaipmt.files.wordpress.com/2016/06/ch-23.pdf
3. जनरल साइंस: डॉ. लाल एंड जैन
4. https://hi.wikipedia.org/wiki/जीवाणु


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